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Sonia Gandhi: सोनिया गांधी के खिलाफ मतदाता सूची मामले में सुनवाई आज, अपनी दलीलें पूरी कर चुका है याचिकाकर्ता

Sat, 18 Apr 2026 08:07 AM IST
Vijay Singh Pundir आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Sat, 18 Apr 2026 08:07 AM IST
सार

सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। सोनिया गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर दिल्ली की एक अदालत शनिवार को सुनवाई करने वाली है।

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Hearing in Delhi Court in Voter List Case Against Sonia Gandhi
सोनिया गांधी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

दिल्ली की एक अदालत शनिवार को सोनिया गांधी के खिलाफ दायर एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करने वाली है। यह याचिका भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले कथित तौर पर मतदाता सूची में धोखाधड़ी से नाम दर्ज कराने से संबंधित है। याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं, जबकि सोनिया गांधी की ओर से पेश की गई दलीलें अभी भी निर्णायक चरण में नहीं पहुंची हैं।

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इससे पहले 30 मार्च को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आंशिक सुनवाई के बाद मामले को स्थगित कर दिया था और बचाव पक्ष को अपनी दलीलें जारी रखने की अनुमति देने के लिए इसे 18 अप्रैल के लिए निर्धारित किया था। अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका में भारतीय नागरिकता के बिना सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में कथित तौर पर अनियमित रूप से शामिल किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई है।
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क्या है पूरा मामला
सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करवा लिया था। दरअसल, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने चार सितंबर 2025 को मामले की सुनवाई की थी।  विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति की तरफ से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह अप्रैल 1983 में भारत की नागरिक बनी थीं।
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त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में शामिल किया गया था, 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में फिर से जोड़ा गया। त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का है। 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में उनका नाम कैसे शामिल हुआ, जिसे फिर 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर से दर्ज किया गया। 

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