{"_id":"5d0835108ebc3e30994f0c71","slug":"health-services-resumes-today-for-normalcy","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज से सुचारु होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, चार दिन बाद डॉक्टरों की हड़ताल वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज से सुचारु होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, चार दिन बाद डॉक्टरों की हड़ताल वापस
Tue, 18 Jun 2019 12:06 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:06 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार दिन बाद आज से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु हो जाएंगी। डॉक्टरों ने देररात अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी। इससे पहले सोमवार को दिनभर दिल्ली सहित देशभर में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
विज्ञापन
डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल सुनसान पड़े रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अलावा फोर्डा और यूआरडीए जैसे चिकित्सक संगठनों के नेतृत्व में दिनभर डॉक्टर मरीजों का इलाज छोड़ विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दिए। दिल्ली एम्स के डॉक्टरों ने भी सुबह अस्पताल में विरोध मार्च निकाला और दोपहर 12 बजे के बाद हड़ताल पर चले गए थे।
विज्ञापन
वहीं फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के नेतृत्व में दिल्ली के लोकनायक अस्पताल से राजघाट तक डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया और सरकार से डॉक्टरों के लिए केंद्रीय स्तर पर सख्त कानून लागू करने की मांग की है। आईएमए के अनुसार, डॉक्टरों की हड़ताल मंगलवार सुबह 6 बजे तक चलेगी।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि इस हड़ताल में देशभर के करीब 10 लाख डॉक्टर शामिल हुए। इनमें सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में तैनात रेजीडेंट के अलावा मेडिकल स्टूडेंट्स, प्रोफेसर, इंटर्न, सीनियर डॉक्टर और आयुष डॉक्टर भी शामिल हैं। अकेले राजधानी दिल्ली में ही करीब 20 हजार डॉक्टरों ने हड़ताल में हिस्सा लिया था।
अनुमान है कि दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में हड़ताल की वजह से 60 हजार से ज्यादा मरीज उपचार नहीं ले सके। दिल्ली से लेकर केंद्र सरकार तक के करीब 40 से ज्यादा सरकारी अस्पतालों में हड़ताल से करीब 4 हजार से ज्यादा ऑपरेशन टालने पड़ गए।
वहीं निजी छोटे क्लिनिक भी बंद रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि दिल्ली के मोहल्ला क्लिनिक से मरीजों को थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली।
एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और सुचेता कृपलानी अस्पताल को मिलाकर ही करीब एक हजार मरीजों के पहले से तय ऑपरेशन टालने पड़े। वहीं दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल, जीबी पंत, जीटीबी, डीडीयू और बाबा भीमराव आंबेडकर अस्पताल को मिलाकर करीब 1200 ऑपरेशन हड्डी रोग व शल्य चिकित्सा विभाग में पहले से तय होने के कारण टालने पड़े।
इतना ही नहीं हिंदूराव अस्पताल, डॉ. हेडगेवार, राजनबाबू टीबी अस्पताल, महावीर, संजय गांधी अस्पताल में भी करीब 400 से ज्यादा सर्जरी रद्द करनी पड़ गईं।
एम्स में दोपहर बाद स्वास्थ्य सेवाएं ठप
सोमवार दोपहर डॉक्टरों की हड़ताल ने देशभर की स्वास्थ्य सेवा को प्रभावित कर दिया। रविवार देर रात एम्स ट्रॉमा सेंटर में एक जूनियर डॉक्टर से दुर्व्यवहार के बाद डॉक्टरों ने दोपहर से सभी गैरआवश्यक सेवाओं से अनुपस्थित रहने का फैसला किया। एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि डॉक्टरों ने परिसर में सुबह आठ बजे से नौ बजे तक प्रदर्शन भी किया। इसके बाद दोपहर 12 बजे से वे हड़ताल पर चले गए।