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दिल्ली: चिड़ियाघर में वन्यजीवों का बनेगा हेल्थ प्रोफाइल
Wed, 10 Jun 2020 12:21 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 10 Jun 2020 12:21 PM IST
सार
- इससे इलाज में प्रशासन को मिलेगी मदद
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zoo
- फोटो : G. pal
विस्तार
चिड़ियाघर में सभी वन्यजीवों का हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जाएगा ताकि वन्यजीवों के इलाज में प्रशासन को मदद मिल सके। चिड़ियाघर के नवनियुक्त निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि चिड़ियाघर में बहुत से बदलाव किए जा रहे हैं। इस कड़ी में वन्यजीवों का हेल्थ प्रोफाइल बनाना भी हमारी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान की तरह वन्यजीवों में भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इसमें खून, किडनी व फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां भी शामिल हैं। इसीलिए वन्यजीवों के हेल्थ प्रोफाइल में उम्र, ब्लड ग्रुप व उनकी आदतें व पूरी मेडिकल हिस्ट्री रखी जाएगी। इससे न केवल वन्यजीवों का बेहतर इलाज हो सकेगा, बल्कि उसे समझने में भी आसानी होगी। हालांकि, इसकी शुरुआत अभी कुछ वन्यजीवों से की जाएगी।
अधिक समय तक बाड़े में समय बिता रहे वन्यजीव
निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि गर्मी को देखते हुए अब वन्यजीवों को अधिकतर समय पिंजरे में न रखकर बाड़े में रखा जा रहा है। इससे वे साफ और खुली हवा का आनंद ले रहे हैं। पहले सुबह नौ बजे के बाद वन्यजीवों को बाड़े से बाहर छोड़ा जाता था। अब इसका समय सुबह साढ़े बजे से कर दिया गया है। चिड़ियाघर में भेड़ियों की भी संख्या बढ़ाने के लिए कुछ भेड़ियों को बाड़े में छोड़ दिया गया है जो लंबे समय तक पिंजरे में थे। इससे वे प्राकृतिक माहौल में प्रजनन कर सकेंगे। फिलहाल, चिड़ियाघर में दो मादा और दो नर भेड़िए हैं।
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उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ इंसान की तरह वन्यजीवों में भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। इसमें खून, किडनी व फेफड़ों से जुड़ी परेशानियां भी शामिल हैं। इसीलिए वन्यजीवों के हेल्थ प्रोफाइल में उम्र, ब्लड ग्रुप व उनकी आदतें व पूरी मेडिकल हिस्ट्री रखी जाएगी। इससे न केवल वन्यजीवों का बेहतर इलाज हो सकेगा, बल्कि उसे समझने में भी आसानी होगी। हालांकि, इसकी शुरुआत अभी कुछ वन्यजीवों से की जाएगी।
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अधिक समय तक बाड़े में समय बिता रहे वन्यजीव
निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि गर्मी को देखते हुए अब वन्यजीवों को अधिकतर समय पिंजरे में न रखकर बाड़े में रखा जा रहा है। इससे वे साफ और खुली हवा का आनंद ले रहे हैं। पहले सुबह नौ बजे के बाद वन्यजीवों को बाड़े से बाहर छोड़ा जाता था। अब इसका समय सुबह साढ़े बजे से कर दिया गया है। चिड़ियाघर में भेड़ियों की भी संख्या बढ़ाने के लिए कुछ भेड़ियों को बाड़े में छोड़ दिया गया है जो लंबे समय तक पिंजरे में थे। इससे वे प्राकृतिक माहौल में प्रजनन कर सकेंगे। फिलहाल, चिड़ियाघर में दो मादा और दो नर भेड़िए हैं।
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