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Delhi: DDA की बुलडोजर कार्रवाई से HC खफा, पूछा- कानून व्यवस्था है या नहीं, लाइव तस्वीरें देखकर जताई हैरानी

Wed, 09 Aug 2023 07:26 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 09 Aug 2023 07:26 PM IST
सार

न्यायमूर्ति तारा विस्तारा गंजू की पीठ ने कहा कि मामला कोर्ट में लंबित होने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगने तथा प्रतिवादी के अधिवक्ता द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भी की गई कार्रवाई को कोर्ट बर्दाश्त नहीं करेगा।

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HC angry with DDA bulldozer action asked whether there is law and order or not
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

हाईकोर्ट ने विध्वंस पर रोक लगाने के अदालती आदेश के बावजूद एक घर पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बुलडोज़र कार्रवाई की लाइव तस्वीरें देखकर हैरानी जताई। अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि कोई कानून-व्यवस्था है या नहीं? इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

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न्यायमूर्ति तारा विस्तारा गंजू की पीठ ने कहा कि मामला कोर्ट में लंबित होने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगने तथा प्रतिवादी के अधिवक्ता द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद भी की गई कार्रवाई को कोर्ट बर्दाश्त नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा कि यह अपने आप में अनोखा मामला है और इसे गंभीरता से लिया जाएगा। उपरोक्त टिप्पणी के साथ अदालत ने डीडीए, बागवानी विभाग के निदेशक को एक हलफनामा दायर करने और उक्त संपत्ति के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 16 अगस्त तय की है।

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मामला जाकिर नगर गली नंबर-12 निवासी नसीम अहमद के घर के बाहर डीडीए द्वारा चिपकाए गए तोड़फोड़ नोटिस से जुड़ा है। वकील तरुण राणा के माध्यम से दायर याचिका में नसीम ने कहा कि नोटिस में 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के एक आदेश के तहत झुग्गियों में आधे-पक्के घरों को ध्वस्त करने का जिक्र है। उन्होंने कहा कि उनकी बिल्डिंग उस श्रेणी में नहीं आती। उन्होंने दलील दी कि उनके पास बिजली कनेक्शन और अन्य दस्तावेज हैं। इस संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। नसीम की ओर से पेश वकील तरुण राणा ने मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा से तत्काल सुनवाई की मांग की। मामला न्यायमूर्ति तारा विस्तार गंजू के समक्ष आया।

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सोमवार को जब टीम तोड़फोड़ के लिए मौके पर पहुंची तो याचिकाकर्ता के वकील ने मामला कोर्ट के सामने उठाया, कोर्ट ने डीडीए की वकील मनिका त्रिपाठी को मामले की सुनवाई से पहले तोड़फोड़ की कार्रवाई न करने का निर्देश दिया। इस पर डीडीए ने आश्वासन दिया कि तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुबह 11.25 बजे मामले की सुनवाई शुरू हुई तो याचिकाकर्ता की ओर से वकील तरुण राणा, संदीप शर्मा ने डीडीए द्वारा की जा रही तोड़फोड़ का वीडियो कोर्ट के सामने पेश किया।


साथ ही विध्वंस स्थल पर संपत्ति का मालिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश हुआ और जेसीबी से विध्वंस कर रहे अधिकारियों की लाइव तस्वीरें दिखाईं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को एक बजे पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर उपनिदेशक, पटवारी समेत अन्य अधिकारी दोपहर एक बजे कोर्ट में पेश हुए, लेकिन उनके पास पूरे घटनाक्रम पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।

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