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Delhi NCR News: हेडगेवार अस्पताल में जल्द खत्म होगा पर्ची-रिपोर्ट का झंझट
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दो माह में हाई-स्पीड नेटवर्क का काम पूरा करने का लक्ष्य
डॉक्टर की स्क्रीन पर एक क्लिक में दिखेगी मरीज की मेडिकल हिस्ट्री
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों को जल्द ही पुरानी पर्चियां और जांच रिपोर्ट संभालने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। अस्पताल को नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग अस्पताल परिसर में हाई-स्पीड नेटवर्क बिछाने का काम कर रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद ओपीडी, इमरजेंसी, पैथोलॉजी लैब, डिस्पेंसरी और अस्पताल के अन्य विभाग एक ही डिजिटल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर के कंप्यूटर पर एक क्लिक में उपलब्ध हो सकेगी। डॉक्टर मरीज की पंजीकरण संख्या दर्ज करते ही पहले दी गई दवाओं, पुरानी बीमारियों और कराई गई जांचों का रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे इलाज का निर्णय लेने में समय बचेगा और मरीज को बार-बार पुरानी रिपोर्ट लेकर अलग-अलग काउंटरों पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
लैब रिपोर्ट के लिए नहीं लगानी होगी कतार
अभी जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों को अस्पताल में दोबारा काउंटर का रुख करना पड़ता है। नई डिजिटल व्यवस्था में टेस्ट रिपोर्ट तैयार होते ही संबंधित डॉक्टर के सिस्टम पर अपलोड हो जाएगी। इससे रिपोर्ट के प्रिंटआउट के लिए कतार में लगने की जरूरत कम होगी। डॉक्टर का ई-प्रिस्क्रिप्शन भी सीधे दवा वितरण प्रणाली तक पहुंचेगा। इसके बाद फार्मेसी काउंटर पर मरीज को दवा देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
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सर्वर और धीमे नेटवर्क की समस्या पर लगेगा ब्रेक
अस्पताल में सर्वर डाउन या नेटवर्क की गति कम होने से डिजिटल सेवाओं के प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए नेटवर्क में हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर के साथ कैट-6 केबल, आधुनिक नेटवर्क स्विच और यूपीएस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी है।
दो माह में पूरा होगा नेटवर्क
लोक निर्माण विभाग ने पूरी परियोजना को करीब दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, काम के दौरान मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा और नेटवर्क लाइनें इस तरह बिछाई जाएंगी कि ओपीडी और भर्ती मरीजों को कम से कम परेशानी हो। अस्पताल में पूर्वी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में पंजीकरण, जांच रिपोर्ट और दवा वितरण जैसी प्रक्रियाओं के डिजिटल होने से अस्पताल में मरीजों के इंतजार का समय कम होने की उम्मीद है।
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डॉक्टर की स्क्रीन पर एक क्लिक में दिखेगी मरीज की मेडिकल हिस्ट्री
मोहित शुक्ला
पूर्वी दिल्ली। कड़कड़डूमा स्थित डॉ. हेडगेवार आरोग्य संस्थान में इलाज के लिए आने वाले हजारों मरीजों को जल्द ही पुरानी पर्चियां और जांच रिपोर्ट संभालने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। अस्पताल को नेक्स्टजेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग अस्पताल परिसर में हाई-स्पीड नेटवर्क बिछाने का काम कर रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद ओपीडी, इमरजेंसी, पैथोलॉजी लैब, डिस्पेंसरी और अस्पताल के अन्य विभाग एक ही डिजिटल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर के कंप्यूटर पर एक क्लिक में उपलब्ध हो सकेगी। डॉक्टर मरीज की पंजीकरण संख्या दर्ज करते ही पहले दी गई दवाओं, पुरानी बीमारियों और कराई गई जांचों का रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे इलाज का निर्णय लेने में समय बचेगा और मरीज को बार-बार पुरानी रिपोर्ट लेकर अलग-अलग काउंटरों पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
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लैब रिपोर्ट के लिए नहीं लगानी होगी कतार
अभी जांच कराने के बाद रिपोर्ट लेने के लिए मरीजों को अस्पताल में दोबारा काउंटर का रुख करना पड़ता है। नई डिजिटल व्यवस्था में टेस्ट रिपोर्ट तैयार होते ही संबंधित डॉक्टर के सिस्टम पर अपलोड हो जाएगी। इससे रिपोर्ट के प्रिंटआउट के लिए कतार में लगने की जरूरत कम होगी। डॉक्टर का ई-प्रिस्क्रिप्शन भी सीधे दवा वितरण प्रणाली तक पहुंचेगा। इसके बाद फार्मेसी काउंटर पर मरीज को दवा देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
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सर्वर और धीमे नेटवर्क की समस्या पर लगेगा ब्रेक
अस्पताल में सर्वर डाउन या नेटवर्क की गति कम होने से डिजिटल सेवाओं के प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए नेटवर्क में हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर के साथ कैट-6 केबल, आधुनिक नेटवर्क स्विच और यूपीएस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इससे अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी है।
दो माह में पूरा होगा नेटवर्क
लोक निर्माण विभाग ने पूरी परियोजना को करीब दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, काम के दौरान मरीजों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा और नेटवर्क लाइनें इस तरह बिछाई जाएंगी कि ओपीडी और भर्ती मरीजों को कम से कम परेशानी हो। अस्पताल में पूर्वी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में पंजीकरण, जांच रिपोर्ट और दवा वितरण जैसी प्रक्रियाओं के डिजिटल होने से अस्पताल में मरीजों के इंतजार का समय कम होने की उम्मीद है।