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फर्जी वोट मामले में कोर्ट में पेश हुए राज्य मंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 04 Jul 2014 08:06 PM IST
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फर्जी वोट बनाने के मामले में गुड़गांव विधान सभा के विधायक एवं प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री सुखबीर कटारिया शुक्रवार को ओमप्रकाश बनाम रोहित के मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सीमा की अदालत में पेश हुए। अदालत की ओर से अगली तारीख 13 अगस्त तय की गई है।
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स्वयं सेवी संस्था मतदता जागरुकता मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश कटारिया ने राज्य मंत्री सहित उनके रिश्तेदारों पर फर्जी मत बनवाने की याचिका अदालत में डाल रखी है। जिस मामले राज्य मंत्री सहित पांच आरोपी हैं।
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राज्य मंत्री व खाद्य आपूर्ति विभाग के तत्कालीन ए.एफ.एस.ओ देवेंद्र कादयान जिला एवं सत्र न्यायालय से पहले ही जमानत प्राप्त कर चुके हैं। अन्य तीन आरोपी मुकेश, रोहित व चुनाव कार्यालय के एक अधिकारी अदालत में पेश नहीं हुए हैं।
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अदालत को बताया गया है कि इन तीनों आरोपियों को उनके पतों पर भेजे गए सम्मन तामील नहीं हो सके हैं जबकि उन्हें कई बार समन भेजे जा चुके हैं। अदालत ने इन तीनों आरोपियों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं और आदेश दिए हैं कि उन्हें आगामी 13 अगस्त को अदालत में पेश किया जाए ताकि मामले की सुनवाई शुरू की जा सके।
फर्जी वोट मामले में 11 शिकायत पुलिस आयुक्त के पास लंबित
फर्जी वोट मामले में शिकायतों का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मतदाता जागरुकता मंच की ओर से राज्य मंत्री सुखबीर कटारिया व अन्यों के खिलाफ कई शिकायतें पुलिस प्रशासन में दर्ज कराई हुई हैं। अभी जागरुकता मंच की ओर से 11 अन्य शिकायत पुलिस आयुक्त को कार्यवाही के लिए दी गई हैं। संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश कटारिया ने बताया कि इन शिकायतों में राज्य मंत्री सहित करीब 100 आरोपी हैं।
शिकायत में गुहार लगाई गई है कि फर्जी वोट बनवाने में नाबालिकों का सहारा भी लिया गया था। उनका अरोप है कि नाबालिकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में दर्शायी गई आयु में छेड़छाड़ कर उनको बालिग बना कर उनकी वोट बनवाई गई हैं। उनके आरोप हैं कि फर्जी वोट बनवाने में फर्जी राशन कार्ड, बिजली के बिल, पेन कार्ड व बैंक अकाउन्ट स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया गया है। पुलिस आयुक्त से संस्था ने इन शिकायतों की जांच कर आरोपियो के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। पुलिस आयुक्त ने संस्था को उक्त शिकायतों की जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।