हरियाणा के जाट आंदोलन को अब पश्चिमी यूपी से मिलेगी हवा
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हरियाणा के जाट आंदोलन को अब पश्चिमी यूपी में भी हवा मिलने वाली है। इसके लिए संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति मीटिंग करके रूपरेखा तैयार करने जा रहा है।
मीटिंग के दौरान निर्धारित किया जाएगा कि 22 फरवरी को प्रदेश में कौन-कौन से क्षेत्र की रोड़ और रेलवे ट्रैक को बंद किया जाए। पूरे प्रदेश में इसका असर देखने को मिलेगा।
दूध और सब्जी की सप्लाई प्रभावित होगी। इस बात की जानकारी शनिवार को सेक्टर-40 नोएडा में संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष समिति की मीटिंग के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष एच पी सिंह परिहार ने दी।
समिति की मीटिंग में बुलंदशहर, बिजनौर, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, उत्तराखंड समेत कई जगहों से जाट शामिल हुए और अपनी राय रखी।
रेलवे ट्रैक बंद करने पर विचार
मीटिंग में कैसे केंद्रीय योजनाओं में जाटों को आरक्षण मिले और हरियाणा के जाटों का साथ देने के लिए योजना पर विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष एच पी सिंह ने बताया कि 21 फरवरी को हर जगह आंदोलन की रुप रेखा तैयार करने के लिए मीटिंग होगी।
उस क्षेत्र का जाट 22 फरवरी को अपने क्षेत्र की रोड़ और रेलवे ट्रैक को बंद करेगा। हम लोग शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन करेंगे। इस दौरान किसी प्रकार की कोई हिंसा नहीं होगी। सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं किया जाएगा।
हरियाणा में हुई हिंसा के लिए भी प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। पहले उनकी तरफ से गोलियां बरसाई गई फिर हिंसा भड़की। इस आंदोलन में हम सरकार से मांग करेंगे कि जाटों को उनका हक दिया जाए।
हरियाणा के जाटों को आरक्षण दिया जाए और केंद्रीय में भी हम लोगों को आरक्षण मिलें। मीटिंग में मेरठ से चौधरी अमन सिंह, गाजियाबाद से चौधरी अमर सिंह, बिजनौर से सुखबीर सिंह, कल्याण सिंह, बागपत से डॉ जगपाल सिंह तेवतिया , नागेंद्र सिंह, ओम प्रकाश धामा आदि मौजूद थे।