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गुरुग्राम: रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का कहीं असर, कहीं बेअसर
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 05 Sep 2018 09:19 PM IST
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हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल के ऐलान का बुधवार को मिला-जुला असर दिखा। यूनियन कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद डिपो से सिटी बसें और लंबे रूट की बसें चलती रहीं। हालांकि बसों में परिचालक नहीं थे।
सिटी बसों ने बिना परिचालक मुफ्त में यात्रियों को सफर करवाया। एहतियातन बसों में पुलिस जवानों को भेजा गया। वहीं दूसरी ओर यूनियन कर्मचारी डिपो के बाहर विरोध-प्रदर्शन करते रहे। वहीं कस्बा सोहना में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल विफल रही।
रोडवेज कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। सभी रूटों पर बसें नियमित रूप से चलीं। हड़ताल के कारण रेवाड़ी डिपो की केवल दो बसे ही सोहना बस स्टैंड पर पहुंचीं। सोहना बस अड्डा इंचार्ज गणेशी लाल ने बताया कि सभी रूटों पर रोडवेज बसों का चलना लगातार जारी रहा।
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ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का बसों पर कोई खासा असर नहीं दिखा। रोज की तरह रोडवेज डिपो से बसें चलती रहीं। बसों को बिना परिचालक ही शहर में चलाया गया। किसी यात्री से किराया नहीं लिया गया। हालांकि बसें तय समय पर नहीं चल सकीं।
इस कारण यात्रियों को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद सिटी बसों के साथ लंबे रूट की चंडीगढ़, भिवानी, पलवल, कटरा, रेवाड़ी आदि जिलों के लिए बसें चलने लगी। रोडवेज यार्ड इंचार्ज राजबीर के अनुसार बुधवार को आम दिनों से ज्यादा किलोमीटर बसें चलीं।
शाम तक सभी बसें सही तरीके से चलने लगी। हड़ताल के बावजूद भी डिपो से करीब 247 बसें दो शिफ्ट में निकलीं। दूसरी ओर जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष शर्मा और पुलिस अधिकारी भी डिपो में बैठक करते रहे।
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सिटी बसों ने बिना परिचालक मुफ्त में यात्रियों को सफर करवाया। एहतियातन बसों में पुलिस जवानों को भेजा गया। वहीं दूसरी ओर यूनियन कर्मचारी डिपो के बाहर विरोध-प्रदर्शन करते रहे। वहीं कस्बा सोहना में रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल विफल रही।
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रोडवेज कर्मी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। सभी रूटों पर बसें नियमित रूप से चलीं। हड़ताल के कारण रेवाड़ी डिपो की केवल दो बसे ही सोहना बस स्टैंड पर पहुंचीं। सोहना बस अड्डा इंचार्ज गणेशी लाल ने बताया कि सभी रूटों पर रोडवेज बसों का चलना लगातार जारी रहा।
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ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल का बसों पर कोई खासा असर नहीं दिखा। रोज की तरह रोडवेज डिपो से बसें चलती रहीं। बसों को बिना परिचालक ही शहर में चलाया गया। किसी यात्री से किराया नहीं लिया गया। हालांकि बसें तय समय पर नहीं चल सकीं।
इस कारण यात्रियों को थोड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दोपहर बाद सिटी बसों के साथ लंबे रूट की चंडीगढ़, भिवानी, पलवल, कटरा, रेवाड़ी आदि जिलों के लिए बसें चलने लगी। रोडवेज यार्ड इंचार्ज राजबीर के अनुसार बुधवार को आम दिनों से ज्यादा किलोमीटर बसें चलीं।
शाम तक सभी बसें सही तरीके से चलने लगी। हड़ताल के बावजूद भी डिपो से करीब 247 बसें दो शिफ्ट में निकलीं। दूसरी ओर जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त मुनीष शर्मा और पुलिस अधिकारी भी डिपो में बैठक करते रहे।
एक दिन में करीब 10 लाख रुपये का घाटा...
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार बुधवार को हड़ताल के कारण मुफ्त में बसें चलाने के बाद विभाग को करीब 10 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। जबकि साधारण दिनों में विभाग को करीब 15 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
पुलिस पहरे में चली बसें...
इसी वर्ष रोडवेज में भर्ती हुए चालक कर्मचारियों ने यूनियन नेताओं की एक भी बात नहीं मानते हुए डिपो से सुबह 4:00 बजे जयपुर के लिए पहली बस निकाली। यूनियन नेताओं ने इसका विरोध किया लेकिन उनकी एक नहीं चली। उसके बाद डिपो के मुख्य गेट पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया। नए भर्ती हुए चालकों ने सिटी बसों और लंबे रूट पर बसों को चलाया। रोडवेज की सभी बसों में एक पुलिस जवान सवार था।
नए भर्ती हुए 161 कर्मियों ने तोड़ी हड़ताल...
हाल ही में विभाग में भर्ती हुए रोडवेज कर्मचारियों में से करीब 161 चालक गुुरुग्राम डिपो में आए थे। यूनियन नेताओं ने हड़ताल के एक दिन पहले उनसे उनका साथ देने की बात कही थी, लेकिन चालकों ने एक नहीं सुनी।
सिटी बसों की हुई चांदी
रोडवेज की हड़ताल के कारण जीएमडीए की सिटी बस सेवा की चांदी हो गई। बुधवार को हड़ताल के चलते लंबी और छोटी दूरी की रोडवेज बसों की सर्विस पर पड़े असर के चलते गुरुगमन सेवा में पिछले तीन दिन के मुकाबले पीक आवर्स में ज्यादा यात्री नजर आए। डिपो मैनेजर के मुताबिक सुबह पीक आवर्स में बसें खचाखच भरकर निकलीं।
शुरू में बसों को चलाने के लिए तीन-चार बसों को मुफ्त में चलाया गया था उसके बाद सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर आ गए। हड़ताल से यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी।-गौरव अंतिल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुरुग्राम
पुलिस पहरे में चली बसें...
इसी वर्ष रोडवेज में भर्ती हुए चालक कर्मचारियों ने यूनियन नेताओं की एक भी बात नहीं मानते हुए डिपो से सुबह 4:00 बजे जयपुर के लिए पहली बस निकाली। यूनियन नेताओं ने इसका विरोध किया लेकिन उनकी एक नहीं चली। उसके बाद डिपो के मुख्य गेट पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया। नए भर्ती हुए चालकों ने सिटी बसों और लंबे रूट पर बसों को चलाया। रोडवेज की सभी बसों में एक पुलिस जवान सवार था।
नए भर्ती हुए 161 कर्मियों ने तोड़ी हड़ताल...
हाल ही में विभाग में भर्ती हुए रोडवेज कर्मचारियों में से करीब 161 चालक गुुरुग्राम डिपो में आए थे। यूनियन नेताओं ने हड़ताल के एक दिन पहले उनसे उनका साथ देने की बात कही थी, लेकिन चालकों ने एक नहीं सुनी।
सिटी बसों की हुई चांदी
रोडवेज की हड़ताल के कारण जीएमडीए की सिटी बस सेवा की चांदी हो गई। बुधवार को हड़ताल के चलते लंबी और छोटी दूरी की रोडवेज बसों की सर्विस पर पड़े असर के चलते गुरुगमन सेवा में पिछले तीन दिन के मुकाबले पीक आवर्स में ज्यादा यात्री नजर आए। डिपो मैनेजर के मुताबिक सुबह पीक आवर्स में बसें खचाखच भरकर निकलीं।
शुरू में बसों को चलाने के लिए तीन-चार बसों को मुफ्त में चलाया गया था उसके बाद सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर आ गए। हड़ताल से यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी।-गौरव अंतिल, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुरुग्राम