ग्राउंड रिपोर्ट: सिंघु बॉर्डर पर 50 डॉक्टर और 15 एंबुलेंस तैनात, हरियाणा सरकार ने उपलब्ध कराई सुविधाएं
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कृषि कानूनों को लेकर किसानों और सरकार के बीच जो जंग छिड़ी हुई है, उसका अंत होता हुआ अब तक नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ सरकार किसानों को मनाने के हर हथकंडे अपना रही है, तो दूसरी ओर किसान किसी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं हैं। ठंड और प्रदूषण समेत कई तरह की परेशानियों को झेलने के बावजूद किसान अपनी मांगों पर अडिग हैं। ऐसे में अमर उजाला के रिपोर्टर ने ग्राउंड जीरो पर जाकर यहां की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जाएजा लिया। इसके साथ ही यह पता किया कि अगर किसी किसान को आपात चिकित्सा की आवश्कता होती है तो ऐसी परिस्थिति में क्या विकल्प उपलब्ध हैं।
किसानों के इस प्रदर्शन और उनके स्वास्थ्य के ऊपर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अमर उजाला के संवाददाता सोमवार को सिंघु बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन स्थल पहुंचे। वहां सरकार की तरफ से मुहैया कराई गई टीम के डॉक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि किसानों के लिए इमरजेंसी सेवा में 15 एंबुलेंस तैनात हैं। ये एंबुलेंस जीटी रोड पर हर 50 मीटर की दूरी पर खड़ी हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने जरूरत पड़ने पर किसानों की मदद के लिए 50 डॉक्टरों की एक टीम बनाई है, जो सिंघु बॉर्डर पर ही मौजूद है। किसानों को दिक्कत होने पर हर तरह की दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। संभावित हादसों से निपटने के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। डॉ. दिनेश ने बताया कि किसी इमरजेंसी हालात में एंबुलेंस मरीज को लेकर तुरंत सिविल अस्पताल, सोनीपत पहुंचाएगी। वहां उनका इलाज किया जाएगा।
अगर सिविल अस्पताल में भी बात नहीं बन पाई तो उन्हें रोहतक के लिए रेफर किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों के लिए बनाई गई ओपीडी में भी 24 घंटे सेवा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं का किसान भी भरपूर उपयोग कर रहे हैं।