देश में पहली बार, गायों का भी बनेगा आधार कार्ड
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हरियाणा में देसी गायों की पहचान के लिए आधार कार्ड बनेगा। देश में हरियाणा पहला प्रदेश है, जहां यह कदम उठाया गया है। गायों की पहचान के लिए 12 अंकों का यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा।
इससे गायों के गले में बतौर टैग लगाना होगा। गायों के मालिक को उससे संबंधित बुकलेट दी जाएगी। इस बात की जानकारी हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के परियोजना समन्वयक डॉ. एनके खुराना ने एग्री लीडरशिप समिट के तीसरे और आखिरी दिन रविवार को आयोजित सेमिनार में दी।
उन्होंने बताया कि अच्छी नस्ल के देशी पशुओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कामधेनू अवार्ड के तहत प्रति नस्ल पांच लाख रुपये देने की योजना बनाई है।
गायों को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार से नवाजा जाएगा
देसी गायों को बढ़ावा देने वाले दस प्रगतिशील किसानों को गोपाल रत्न पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इसके तहत एक लाख रुपये की राशि प्रति किसान दी जाएगी।
देसी नस्ल की सबसे बढ़िया गाय पालने वाली गऊशाला को भी पांच लाख रुपये प्रति वर्ष इनाम दिया जाएगा। देसी गायों की पहली बार दूध उत्पादन प्रतियोगिता होने जा रही है।
इसमें जिला स्तर पर पहला इनाम दस हजार रुपये, मंडल स्तर पर पहला 51 हजार रुपये तथा राज्य स्तर पर पहला इनाम पाने वाले को एक लाख 21 हजार रुपये दिया जाएगा।
‘गौ संवर्धन तथा ए-2 दूध की खासियत’ पर सेमिनार
सेमिनार में देसी गायों के दूध की खूबियों के बारे में लोगों को बताया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि विदेशी नस्ल में ए-1 होता है, जबकि देसी नस्लों में ए-2 होता है, जो ज्यादा फायदेमंद है। यह बच्चों के दिमाग को तेज करता है और दिमाग से संबंधित बीमारियों से बचाता है। इंटीग्रेटेड डेयरी फार्मिंग पर आयोजित सेमिनार में डेयरी फार्मिंग के तरीके बताए गए।