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मांगों पर किया जा रहा है विचार, सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकती: मुख्यमंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को पूरे दिन प्रदेश की सरकार सूरजकुंड में रही। होटल राजहंस में दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा लेकिन अंत तक जाट आरक्षण आंदोलन को खत्म करने की रणनीति सरकार नहीं बना पाई। कैबिनेट की बैठक में मुख्य सचिव डीएस ढेसी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी को भी बुलाया गया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी।
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पत्रकारों से वार्ता में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में जो भी करना होगा, कानून के दायरे में रहकर किया जाएगा। उम्मीद है कि मामला जल्द ही सुलझ जाएगा। इसके बावजूद सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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उन्होंने बताया कि जाट आरक्षण आंदोलन को खत्म करने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें मुख्य सचिव डीएस ढेसी, गृह सचिव राम निवास, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर मो. अकील समेत दो अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है।
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मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जाट समाज की ओर से जो मांगें रखी गई हैं उन पर कानून के दायरे में रखकर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है, लेकिन सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकती।
सभी मुद्दों का निपटारा बातचीत के जरिए ही किया जा सकता है। केबिनेट की बैठक में अहम मुद्दा जाट आंदोलन ही बताया जा रहा है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कैबिनेट के मंत्रियों के साथ विधायकों को भी बुलाया गया था। बैठक के बाद मंत्रियों और विधायकों ने सूरजकुंड मेले का भी आनंद लिया।
सरकार के लिए होटल राजहंस में नई चौपाल सजाई गई जहां कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पहलवान बहनें गीता फोगाट, बबिता फोगाट और पैरालंपिक विजेता दीपा मलिक को सम्मानित भी किया।
टीओडी पॉलिसी को दी मंजूरी
मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के छह मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ लगते क्षेत्र के लिए पूर्व में बनाई गई ट्रांजिट ओरियंटिड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के क्रियान्वयन के लिए 15 जुलाई 2016 को प्रकाशित संशोधनों पर आम जनता से मिले सुझावों पर विचार करके नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा दिए गए एक प्रस्ताव को स्वीकृृति प्रदान की गई।
सरकार चाहती है कि शहरों के बीच से गुजरने वाले महत्वपूर्ण कॉरिडोर के आस-पास ऐसा वातावरण कर दिया जाए कि अगर कोई टूरिस्ट कॉरिडोर से होकर गुजर रहा हो तो उसे अहसास हो कि वाकई में हरियाणा में विकास तेजी से हो रहा है। इससे शहर खूबसूरत भी दिखाई देता है।
इस पॉलिसी के तहत मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ 800 मीटर तक टीओडी जोन घोषित होगा। यानी मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस जोन में फ्लोर एरिया रेस्यो (एफएआर) में भी बढ़ोतरी की गई है। जिससे ऊंची इमारतों का निर्माण भी हो सकेगा।
डेयरी परिसर का खाका बनाने को उप समिति
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के सभी शहरों में समेकित डेयरी परिसरों का एक खाका तैयार करने के लिए मंत्रिपरिषद की एक उप समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। उप समिति में कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन और सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर शामिल होंगे।
यह कमेटी एक महीने के अन्दर अपनी रिपोर्ट देगी। बैठक में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग को ये भी निर्देश दिए गये कि हर शहर की विकास योजना में चारों ओर कुछ ऐसे क्षेत्र निर्धारित किए जाएं जहां डेरियों, चारा मंडी और सब्जी मंडी की स्थापना की जा सके। इन इकाइयों को समेकित डेरी परिसर कहा जाएगा।