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हरियाणाः जानिए खट्टर सरकार के अंतिम बजट की 14 बड़ी बातें, तस्वीर मेें देखें पूरा बजट
Mon, 25 Feb 2019 02:17 PM IST
पूजा त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 25 Feb 2019 02:17 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने आज अपना अंतिम बजट पेश किया। इसे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पेश किया जिसमें उन्होंने हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की। पढ़ें हरियाणा सरकार के अंतिम बजट की 14 बड़ी बातें...
-वन विभाग के लिए 415.39 करोड़ का बजट।
12.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
2018-19 में 369.30 करोड़ था बजट।
-खान एवं भूविज्ञान विभाग के लिए 101.55 करोड़ का बजट।
44.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
70.38 करोड़ था पिछला बजट।
-शहरी स्थानीय निकायों के लिए 3994.95 करोड़ का आवंटन।
-नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के लिए 1873.79 करोड़ का बजट।
37.4 प्रतिशत की हुई वृद्धि।
1364 करोड़ था पिछला बजट।
-सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लिए 216.96 करोड़ का बजट।
-गृह विभाग के लिए 5,150.51 करोड़ रखा बजट।
7.5 प्रतिशत की वृद्धि।
पिछले वर्ष 4791.14 करोड़ का था बजट।
-पर्यटन विभाग के लिए 48.92 करोड़ रख बजट।
-संस्कृति मामले विभाग के लिए 19.14 करोड़ का रखा बजट।
-नागरिक उड्डयन विभाग के लिए 214.10 करोड़ का बजट।
51.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
2018-19 में 141 करोड़ का था बजट।
-सूचना प्रद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकस विभाग के लिए 152.75 करोड़ का बजट।
33 प्रतिशत की वृद्धि।
2018-19 में 114.64 करोड़ का था बजट।
-उद्योग एवं वाणिज्य के लिए मामूली बढ़ोतरी।
करीब 7 करोड़ की बढ़ोतरी।
उद्योग एवं वाणिज्य के लिए 406.72 करोड़ का बजट।
2018-19 में 399.86 करोड़ का था बजट।
-पर्यवरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 13.09 करोड़ का बजट।
2018-19 में 8.07 करोड़ था बजट।
-बिजली विभाग के लिए 12988.61 करोड़ का आवंटन, नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के लिए 475.91 करोड़ का आवंटन।
-लोक निर्माण 3626.21 करोड़ का परिव्यवय।
14.4 प्रतिशत की वृद्धि।
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-वन विभाग के लिए 415.39 करोड़ का बजट।
12.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
2018-19 में 369.30 करोड़ था बजट।
-खान एवं भूविज्ञान विभाग के लिए 101.55 करोड़ का बजट।
44.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
70.38 करोड़ था पिछला बजट।
-शहरी स्थानीय निकायों के लिए 3994.95 करोड़ का आवंटन।
-नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के लिए 1873.79 करोड़ का बजट।
37.4 प्रतिशत की हुई वृद्धि।
1364 करोड़ था पिछला बजट।
-सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के लिए 216.96 करोड़ का बजट।
-गृह विभाग के लिए 5,150.51 करोड़ रखा बजट।
7.5 प्रतिशत की वृद्धि।
पिछले वर्ष 4791.14 करोड़ का था बजट।
-पर्यटन विभाग के लिए 48.92 करोड़ रख बजट।
-संस्कृति मामले विभाग के लिए 19.14 करोड़ का रखा बजट।
-नागरिक उड्डयन विभाग के लिए 214.10 करोड़ का बजट।
51.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
2018-19 में 141 करोड़ का था बजट।
-सूचना प्रद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिकस विभाग के लिए 152.75 करोड़ का बजट।
33 प्रतिशत की वृद्धि।
2018-19 में 114.64 करोड़ का था बजट।
-उद्योग एवं वाणिज्य के लिए मामूली बढ़ोतरी।
करीब 7 करोड़ की बढ़ोतरी।
उद्योग एवं वाणिज्य के लिए 406.72 करोड़ का बजट।
2018-19 में 399.86 करोड़ का था बजट।
-पर्यवरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए 13.09 करोड़ का बजट।
2018-19 में 8.07 करोड़ था बजट।
-बिजली विभाग के लिए 12988.61 करोड़ का आवंटन, नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के लिए 475.91 करोड़ का आवंटन।
-लोक निर्माण 3626.21 करोड़ का परिव्यवय।
14.4 प्रतिशत की वृद्धि।