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सवालों के बीच आज से शुरू होंगी हरियाणा बोर्ड की परीक्षाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Mon, 28 Sep 2015 07:29 PM IST
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हरियाणा बोर्ड की सेमेस्टर परीक्षाएं आज से शुरू होने जा रही हैं। हालांकि, बोर्ड की तरफ से परीक्षाओं का आयोजन पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के दावे किए गए हैं लेकिन इन दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
परीक्षा केंद्र में जिस स्कूल के परीक्षार्थी होंगे उसी स्कूल स्कूल के शिक्षक परीक्षा अधीक्षक व पर्यवेक्षक के रूप में तैनात रहेंगे।
वहीं, अभी तक संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों की सूची भी जारी नहीं की है। ऐसा गलती से हुआ है या फिर जल्दबाजी में, कह पाना मुश्किल है।
जिले में इस बार 79 केंद्रों पर करीब 20 हजार छात्र परीक्षा देंगे। नकल रोकने के लिए बोर्ड और प्रशासन स्तर पर तमाम इंतजामात करने का दावा किया गया है लेकिन केंद्र अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती में लापरवाही बरती गई है।
दरअसल, इस बार पंचायत चुनाव के चलते बोर्ड परीक्षाओं के टलने के पूरे आसार थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद अचानक पंचायत चुनाव को ही टाल दिया गया। आननफानन में बोर्ड ने परीक्षाओं के तय समय पर आयोजन की घोषणा कर दी।
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बताया जाता है कि परीक्षाओं के सुचारु आयोजन की तैयारियां ठीक से नहीं हो पाई हैं। इसके चलते केंद्र अधीक्षकों व पर्यवेक्षकों की तैनाती सही तरीके से नहीं हो पाई।
पहले बोर्ड की तरफ से परीक्षा अधीक्षकों की सूची बाकायदा, ई-मेल व डाक के माध्यम से भेजी जाती थी लेकिन इस बार जल्दबाजी के चलते एसएमएस के जरिए सूचना दी गई। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले इसको लेकर जिला शिक्षा कार्यालय में शिकायतों का दौर जारी रहा।
डीईईओ से शिकायत में कहा गया कि जिन केंद्रों में बच्चे परीक्षा देंगे, वहां उसी स्कूल के शिक्षक बतौर अधीक्षक कैसे तैनात किए जा सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ प्राध्यापकों को केंद्र अधीक्षकों की ड्यूटी से दरकिनार कर मास्टरों को इस काम में लगाया गया है।
जिसको लेकर हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने विरोध किया है। हसला जिलाध्यक्ष रामवीर शर्मा ने कहा कि बोर्ड लगातार प्राध्यापक वर्ग का अपमान कर रहा है।
रोल नंबर के लिए परेशान परीक्षार्थी
अचानक घोषणा से परीक्षार्थियों को खासी परेशानी हो रही है। छात्रों ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे तक बोर्ड ने अपनी बेवसाइट पर रोल नंबर डाले।
इसके बाद रविवार को सर्वर डाउन होने के कारण रोल नंबर नहीं मिल पाए। जिसके कारण उन्हें पढ़ाई छोड़ रोल नंबर लेने आना पड़ा।
इस बार नहीं संवेदनशील केंद्र
पिछले कई सालों से हर बार बोर्ड परीक्षाओं के संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की सूची जारी होती है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाती है लेकिन इस बार हरियाणा बोर्ड यह व्यवस्था करनी भूल गया है। जारी की गई सूची में कोई संवेदशनशील और अति संवेदनशील केंद्र नहीं है।
चार विशेष उड़नदस्ते तैनात
परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए बोर्ड ने जिले में चार उड़नदस्ते गठित किए हैं। पहले उड़नदस्ते का नेतृत्व जिलाधिकारी करेंगे, दूसरे और तीसरे का एसडीएम और चौथे दस्ते का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।
100 मीटर के दायरे में धारा 144
परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। केंद्राें के आसपास फोटोस्टेट आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर चार पुलिसकर्मी और गार्ड तैनात किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीसीआर की निगरानी का दावा किया गया है।
गुड़गांव से होगी निगहबानी
परीक्षाओं के दौरान केंद्रों की निगरानी के लिए गुड़गांव में नियंत्रण केंद्र बनाया गया है, जहां बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।
परीक्षा के दौरान जिलों के नोडल अधिकारियों से इनका संपर्क रहेगा। परीक्षा खत्म होने के बाद रोजाना की रिपोर्ट यहीं से मुख्यालय भेजी जाएगी।
अध्यापकों के लिए पहचान पत्र
निजी स्कूलों के प्रतिनिधि मैरिट में जगह पाने के लिए परीक्षाओं के दौरान अपने विद्यार्थियों को नकल कराने के लिए परीक्षाकेंद्रों में मिलीभगत का खेल खेल लेते थे।
इसकी शिकायत आमतौर पर बोर्ड को मिलती रहती थी लेकिन इस बार परीक्षा केंद्रों में तैनात स्टाफ को पहचान पत्र के जरिये ही प्रवेश मिल सकेगा।
वहीं, बोर्ड का दावा है कि परीक्षा केंद्रों में सिर्फ परीक्षा देने वाले ही प्रवेश कर सकेंगे। किसी बाहरी व्यक्ति का परीक्षा केंद्र में प्रवेश आसान नहीं होगा
पहले ऐसी को बंदिश न होने के कारण परीक्षार्थियों के जानकार शौचालयों के अलावा परिसर में जगह जगह पर्चियां छुपा आते थे।
नकल मिलने पर 100 रुपये जुर्माना
परीक्षा केंद्रों में अगर नकल करते परीक्षार्थी पाए गए तो संबंधित स्कूल संचालक से प्रत्येक परीक्षार्थी के हिसाब से 100 रुपये जुर्माना लिया जाएगा।
वहीं, परीक्षार्थी पर नकल का केस भी बनाया जाएगा। ऐसा केवल ग्रामीण परीक्षा केंद्रों के लिए किया गया है, क्योंकि यहां नकल की ज्यादा गुंजाइश रहती है।
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परीक्षा केंद्र में जिस स्कूल के परीक्षार्थी होंगे उसी स्कूल स्कूल के शिक्षक परीक्षा अधीक्षक व पर्यवेक्षक के रूप में तैनात रहेंगे।
वहीं, अभी तक संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों की सूची भी जारी नहीं की है। ऐसा गलती से हुआ है या फिर जल्दबाजी में, कह पाना मुश्किल है।
जिले में इस बार 79 केंद्रों पर करीब 20 हजार छात्र परीक्षा देंगे। नकल रोकने के लिए बोर्ड और प्रशासन स्तर पर तमाम इंतजामात करने का दावा किया गया है लेकिन केंद्र अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों की तैनाती में लापरवाही बरती गई है।
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दरअसल, इस बार पंचायत चुनाव के चलते बोर्ड परीक्षाओं के टलने के पूरे आसार थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद अचानक पंचायत चुनाव को ही टाल दिया गया। आननफानन में बोर्ड ने परीक्षाओं के तय समय पर आयोजन की घोषणा कर दी।
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बताया जाता है कि परीक्षाओं के सुचारु आयोजन की तैयारियां ठीक से नहीं हो पाई हैं। इसके चलते केंद्र अधीक्षकों व पर्यवेक्षकों की तैनाती सही तरीके से नहीं हो पाई।
पहले बोर्ड की तरफ से परीक्षा अधीक्षकों की सूची बाकायदा, ई-मेल व डाक के माध्यम से भेजी जाती थी लेकिन इस बार जल्दबाजी के चलते एसएमएस के जरिए सूचना दी गई। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले इसको लेकर जिला शिक्षा कार्यालय में शिकायतों का दौर जारी रहा।
डीईईओ से शिकायत में कहा गया कि जिन केंद्रों में बच्चे परीक्षा देंगे, वहां उसी स्कूल के शिक्षक बतौर अधीक्षक कैसे तैनात किए जा सकते हैं। वहीं, दूसरी तरफ प्राध्यापकों को केंद्र अधीक्षकों की ड्यूटी से दरकिनार कर मास्टरों को इस काम में लगाया गया है।
जिसको लेकर हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने विरोध किया है। हसला जिलाध्यक्ष रामवीर शर्मा ने कहा कि बोर्ड लगातार प्राध्यापक वर्ग का अपमान कर रहा है।
रोल नंबर के लिए परेशान परीक्षार्थी
अचानक घोषणा से परीक्षार्थियों को खासी परेशानी हो रही है। छात्रों ने बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे तक बोर्ड ने अपनी बेवसाइट पर रोल नंबर डाले।
इसके बाद रविवार को सर्वर डाउन होने के कारण रोल नंबर नहीं मिल पाए। जिसके कारण उन्हें पढ़ाई छोड़ रोल नंबर लेने आना पड़ा।
इस बार नहीं संवेदनशील केंद्र
पिछले कई सालों से हर बार बोर्ड परीक्षाओं के संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की सूची जारी होती है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाती है लेकिन इस बार हरियाणा बोर्ड यह व्यवस्था करनी भूल गया है। जारी की गई सूची में कोई संवेदशनशील और अति संवेदनशील केंद्र नहीं है।
चार विशेष उड़नदस्ते तैनात
परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से आयोजित करने के लिए बोर्ड ने जिले में चार उड़नदस्ते गठित किए हैं। पहले उड़नदस्ते का नेतृत्व जिलाधिकारी करेंगे, दूसरे और तीसरे का एसडीएम और चौथे दस्ते का नेतृत्व जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।
100 मीटर के दायरे में धारा 144
परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। केंद्राें के आसपास फोटोस्टेट आदि पर प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रश्नपत्रों व उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक केंद्र पर चार पुलिसकर्मी और गार्ड तैनात किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीसीआर की निगरानी का दावा किया गया है।
गुड़गांव से होगी निगहबानी
परीक्षाओं के दौरान केंद्रों की निगरानी के लिए गुड़गांव में नियंत्रण केंद्र बनाया गया है, जहां बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।
परीक्षा के दौरान जिलों के नोडल अधिकारियों से इनका संपर्क रहेगा। परीक्षा खत्म होने के बाद रोजाना की रिपोर्ट यहीं से मुख्यालय भेजी जाएगी।
अध्यापकों के लिए पहचान पत्र
निजी स्कूलों के प्रतिनिधि मैरिट में जगह पाने के लिए परीक्षाओं के दौरान अपने विद्यार्थियों को नकल कराने के लिए परीक्षाकेंद्रों में मिलीभगत का खेल खेल लेते थे।
इसकी शिकायत आमतौर पर बोर्ड को मिलती रहती थी लेकिन इस बार परीक्षा केंद्रों में तैनात स्टाफ को पहचान पत्र के जरिये ही प्रवेश मिल सकेगा।
वहीं, बोर्ड का दावा है कि परीक्षा केंद्रों में सिर्फ परीक्षा देने वाले ही प्रवेश कर सकेंगे। किसी बाहरी व्यक्ति का परीक्षा केंद्र में प्रवेश आसान नहीं होगा
पहले ऐसी को बंदिश न होने के कारण परीक्षार्थियों के जानकार शौचालयों के अलावा परिसर में जगह जगह पर्चियां छुपा आते थे।
नकल मिलने पर 100 रुपये जुर्माना
परीक्षा केंद्रों में अगर नकल करते परीक्षार्थी पाए गए तो संबंधित स्कूल संचालक से प्रत्येक परीक्षार्थी के हिसाब से 100 रुपये जुर्माना लिया जाएगा।
वहीं, परीक्षार्थी पर नकल का केस भी बनाया जाएगा। ऐसा केवल ग्रामीण परीक्षा केंद्रों के लिए किया गया है, क्योंकि यहां नकल की ज्यादा गुंजाइश रहती है।