ननकाना साहिब घटना पर भड़के केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, सीएए की बताई जरूरत
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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पाकिस्तान स्थित श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारे की घटना पर नागरिकता संशोधन कानून की औचित्य साबित करने की कोशिश की है। साथ ही इस कानून का विरोध करने वालों पर सवालिया उठाया है। पुरी ने कहा कि ननकाना साहिब गुरुद्वारे की घटना पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ उत्पीड़न का एक और जीता जागता सबूत है। जो लोग संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं, उनको अपने रुख को लेकर आत्म निरीक्षण करना चाहिए।
पुरी ने कहा कि इस घटना से जाहिर है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों को किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एक भारतीय और सिख होने के नाते उन सभी लोगों को धर्मनिरपेक्ष और संवेदनशील नहीं मानता, जो इन ज्यादती और उत्पीड़न की सच्चाई के प्रति आंखें बंद करके बैठे हैं।
हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि जो लोग संशोधित नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं उन्हें पता नहीं है कि वे क्या कह रहे हैं। सीएए का विरोध एक गुमराह करने वाला कदम है। यदि किसी को पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति के बारे में प्रमाण की जरूरत है तो कल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई घटना एक ताजा सबूत है।
हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, श्री ननकाना साहिब का घेराव करने वाली हिंसक भीड़ ने पवित्र स्थल का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा करने की धमकी दी है।
कांग्रेस ने पाकिस्तान सरकार को निशाने पर लिया
वहीं, कांग्रेस ने पाकिस्तान के ननकाना साहिब पर भीड़ द्वारा कथित पथराव एवं नारेबाजी की घटना के लिए वहां की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शनिवार को कहा कि इमरान खान की सरकार को इस पवित्र स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुआ हमला मानवता के आदर्शों एवं धार्मिक मूल्यों को शर्मसार करने वाली घटना है। इस हमले के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान की सरकार जिम्मेदार है। इस घटना की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार ननकाना साहिब की सुरक्षा सुनिश्चित करे।