फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Harbhajan joins the service of farmers leaving the job of cluster head in a bank

दिशा और दायित्वः क्लस्टर हेड की नौकरी छोड़ किसानों की सेवा में जुटे हरभजन

Sat, 26 Dec 2020 05:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 26 Dec 2020 05:50 AM IST
सार

  • अब गाजीपुर बॉर्डर पर कर रहे हैं आवाज बुलंद
  • अन्नदाता को सिखाते हैं अधिक पैदावार की तकनीक

विज्ञापन
Harbhajan joins the service of farmers leaving the job of cluster head in a bank
हरभजन सिंह - फोटो : amar ujala

विस्तार

नए कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों की आवाज लगातार बुलंद हो रही है। विभिन्न क्षेत्रों में किसान हित से जुड़े कार्य कर रहे लोग भी गाजीपुर बॉर्डर पहुंच रहे हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं सरदार हरभजन सिंह, जो एक निजी बैंक में क्लस्टर हेड के पद से इस्तीफा देकर किसानों की आवाज बुलंद कर रहे हैं।

विज्ञापन


उत्तराखंड के उधमपुर में रहने वाले हरभजन सिंह शनिवार को धरनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने अन्नदाताओं का समर्थन किया और केंद्र सरकार से नए कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में 12 बैंक खाते थे। वह बैंक की ऋण इकाई के भी प्रमुख थे।
विज्ञापन


इस दौरान जो लोग बैंक की विभिन्न शाखाओं से ऋण लेते थे उसे समय रहते चुका देते थे, लेकिन किसान ऐसा नहीं कर पाते थे। कई बार क्षेत्र के अन्नदाता अपनी समस्या लेकर उनके पास आते थे। वह उनसे पैसा चुकाने के लिए कुछ और मोहलत मांगते थे। कई बार बाजार में फसल बेचने के बाद भी किसान ऋण नहीं चुका पाते थे। यह देखकर उन्होंने ठान लिया कि अब वह अपना जीवन किसानों की सेवा के लिए ही समर्पित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पैदावार बढ़ी ...और बढ़ी आय
हरभजन बताते हैं कि उनके पिता भी किसान हैं। इसलिए उन्हें कृषि क्षेत्र से जुड़ी सभी बारीकियों के विषय में पता था। पिछले साल नवंबर में नौकरी छोड़ने के बाद से वे किसानों की मदद में लगे हुए हैं। इस एक साल में उन्होंने निजी स्तर पर कई कैंप लगाकर किसानों को फसल की पैदावार बढ़ाने की विभिन्न तकनीकों के बारे में बताया है।


उन्होंने बताया कि एक साल में वह करीब 2000 किसानों को खेतीबाड़ी से जुड़ी जानकारी बता चुके हैं। उनसे इन तकनीकों को सीखने वाले किसानों के जीवन में काफी परिवर्तन आया है। अब वह अपनी भूमि पर पहले के मुकाबले अधिक फसल की पैदावार कर रहे हैं। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है और अब वे किसान समय पर बैंक ऋण भी चुका रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed