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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Harassment of female wrestlers: Court grants time to Brij Bhushan and police to file a response.

महिला पहलवान उत्पीड़न: अदालत ने बृजभूषण और पुलिस को जवाब देने के लिए दिया समय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 06:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सत्र न्यायालय में बताया कि पूर्व भाजपा सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के यौन उत्पीड़न मामले में बरी होने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने का निर्णय प्रक्रियाधीन है। अभियोजन पक्ष ने अधिवक्ता मनीष रावत ने अदालत को बताया कि यह निर्णय प्रक्रिया में है और 15 दिनों का समय मांगा। विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने यह समय स्वीकार कर लिया।
महिला पहलवानों ने 3 अगस्त के ट्रायल कोर्ट के बरी करने वाले फैसले को पहले ही चुनौती दी है, लेकिन राज्य की ओर से अभी अपील दायर नहीं की गई है। अदालत ने बृजभूषण को पहलवानों की अपील पर जवाब दाखिल करने के लिए 28 अक्तूबर तक का समय दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अब सुनवाई इन-कैमरा होगी, यानी आम लोगों और मीडिया को सुनवाई में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह मामला छह महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है।
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पुलिस ने इन शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। 15 जून 2023 को पुलिस ने आईपीसी की धारा 354 (महिला की मर्यादा भंग), 354ए (यौन रंगीन टिप्पणियां), 354डी (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने 10 मई 2024 को पांच महिला पहलवानों के उत्पीड़न के आरोप तय किए थे। हालांकि, 3 अगस्त 2026 को ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण और एक अन्य को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि मामला झूठा और गढ़ा हुआ लगता है तथा राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होता है। अदालत ने टिप्पणी की कि आरोप दोहराए हुए, अभ्यास किए हुए और रोपे गए लगते हैं, खासकर जब शिकायतें लंबे समय बाद दायर की गईं। पहलवानों ने इस फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी है। उनकी अपील में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश अनुमानों और अटकलों पर आधारित है तथा यौन उत्पीड़न पीड़ितों के अपेक्षित व्यवहार संबंधी पुरातन और रूढ़िवादी धारणाओं पर टिका है।
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