हैपनिंग हरियाणा समिट में आईएमटी पर रहेगा फोकस
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इंडस्ट्रीयल मॉडल टाउन (आईएमटी) में निवेश के रास्ते खोलने की तैयारी की
निवेशकों को वहां का दौरा भी कराया जा सकता है। इससे यहां नए उद्योग स्थापित होने की प्रबल संभावना है।
एक वक्त था जब फरीदाबाद
को मैनचेस्टर के नाम से जाना जाता था।
कमजोर होते आधारभूत ढांचे के बीच
बढ़ती समस्याओं को देखकर यहां से उद्योग पलायन करने लगे। बड़े उद्योग देखते
ही देखते उजड़ गए।
लंबे अर्से से यहां के औद्योगिक क्षेत्र में लंबे समय
से दर्ज की जा रही है। 2005 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने
गुड़गांव के मानेसर की तर्ज पर यहां आईएमटी स्थापित करने की घोषणा की थी।
किन्हीं कारणों से समय पर इसको स्थापित नहीं किया जा सका। हालांकि, यहां
आईएमटी बनकर तैयार है लेकिन कोई बड़ी यूनिट यहां न होने से औद्योगिक विकास
नहीं हो पा रहा है जबकि लंबे समय से मदर यूनिट की मांग उठ रही है।
आईएमटी पर विशेष सत्र
औद्योगिक
माहौल बनाने के लिए 7-8 मार्च को गुड़गांव के होटल लीला एंबियंस में होने
वाली हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट आईएमटी के लिए वरदान साबित हो
सकती है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार एनसीआर क्षेत्र में स्थित
रोजकामेव, सोहना और चंदावली आईएमटी पर ज्यादा जोर देगी।
क्योंकि निवेशकों
की पहली पसंद एनसीआर क्षेत्र है। इसलिए इस क्षेत्र में पड़ने वाली आईएमटी
पर विशेष सत्र रखा गया है।
कदमताल करेगा फरीदाबाद
उद्यमियों
की मानें तो आईएमटी चंदावली को इस समय एक बड़ी मदर यूनिट की जरूरत है। यदि
समिट में निवेशक चंदावली आईएमटी में बड़ी मदर यूनिट लगाने पर राजी होते
हैं तो खुद को ठगा महसूस करने वाला फरीदाबाद गुड़गांव से कदमताल करता हुआ
नजर आएगा।
गुड़गांव के बाद एनसीआर में अब रिहायश व औद्योगिक लिहाज से सबसे
ज्यादा संभावना फरीदाबाद में दिखाई दे रही हैं।