मदद लेना पड़ा भारी: मैट्रिमोनियल साइट का प्रतिनिधि बनकर ठगा, 1988 रुपयों के चक्कर में गंवा बैठा पांच लाख रुपये
आरोपी के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, एक सिल्वर बार, आठ आधार कार्ड, छह एटीएम व एक पैन कार्ड बरामद किया है। आरोपी ने गुरुग्राम के एक व्यक्ति से लगभग पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
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थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने मैट्रिमोनियल साइट शादी डॉटकॉम पर ऑटो-पे ऑप्शन बंद करने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को बीते शनिवार को चेन्नई से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, एक सिल्वर बार, आठ आधार कार्ड, छह एटीएम व एक पैन कार्ड बरामद किया है। आरोपी ने गुरुग्राम के एक व्यक्ति से लगभग पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। आरोपी की पहचान जाफिर अंसारी निवासी जरगढ़ी जिला देवघर, झारखंड के रूप में हुई है।
थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने शिकायत में बताया कि बीते दो दिसंबर को उसके बैंक खाते से 1988 रुपये ऑटोमेटिक डेबिट हो गए थे। इसके बाद तीन दिसंबर को व्यक्ति ने शादी डॉटकॉम पर अपने ऑटो-पे ऑप्शन को बंद कराने के लिए गूगल सर्च इंजन पर कस्टमर केयर का नंबर तलाश किया था। इस नंबर के माध्यम से उनके पास एक अनजान व्यक्ति की कॉल आई और उसने सहायता करने की बात कही।
इसके बाद कॉल करने वाले ने नेटवर्क समस्या कहकर शिकायतकर्ता के व्हॉट्सएप नंबर पर कॉल की और अन्य जानकारी मांगी तभी शिकायतकर्ता को उस व्यक्ति पर संदेह हुआ परंतु जब तक पीड़ित ने अपने बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल करके अपना खाता बंद कराया, तब तक उसके बैंक खाते से लगभग पांच लाख रुपये निकल चुके थे। शिकायत पर थाना साइबर दक्षिण में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में थाना साइबर दक्षिण के प्रबंधक निरीक्षक नवीन कुमार की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए बीते शनिवार को चेन्नई से गिरफ्तार किया।
इंटरनेट पर शादी डॉटकॉम कस्टमर केयर के नाम से दिया है नंबर
आरोपी ने बताया कि उसने व उसके अन्य साथियों ने गूगल पर शादी डॉटकॉम के कस्टमर केयर के नाम से अपना नंबर दिया हुआ है। जब भी कोई शादी डॉटकॉम के कस्टमर केयर का नंबर ढूंढता है तो इनका नंबर सर्च इंजन में सबसे पहले प्रदर्शित होता है। ऐसे में आरोपियों को पता चल जाता था कि किसी व्यक्ति ने शादी डॉटकॉम पर नंबर सर्च किया है। इसके बाद कोई व्यक्ति इनके पास कॉल करता या आरोपी उस व्यक्ति के पास कॉल करके मदद के नाम पर लिंक पर क्लिक करा स्क्रीन शेयर करके खाते की जानकारी हासिल कर लेते थे।