जुड़वां बच्चों को जन्म देकर 55 की उम्र में फिर मां बनीं किरन, इकलौते बेटे की मौत के बाद थी गमजदा
24 वर्षीय इकलौते बेटे की मौत के बाद औलाद को खोने का गम गुरुग्राम सेक्टर-23 निवासी 55 वर्षीय किरन हुड्डा को अंदर ही अंदर खाए जा रहा था। इसी गम से बाहर निकलने के लिए किरन ने एक बार फिर मां बनने पर विचार किया।
आईवीएफ की मदद से 55 वर्ष की उम्र में उन्होंने जुड़वां बच्चों को जन्म देकर एक बार फिर मां बनने का सुख हासिल किया है। पालम विहार स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल ने इस सपने को पूरा करने में उनका सहयोग किया।
किरन हुड्डा ने एक लड़का और लड़की को जन्म दिया है। अस्पताल की चीफ ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी डॉ. अमिता शाह ने बताया कि उनकी गर्भावस्था एक चुनौती थी। महिला की गर्भधारण करने की प्राकृतिक उम्र पहले से ही समाप्त हो चुकी थी और रजोनिवृत्ति के बाद उनका गर्भाशय सिकुड़ गया था।
गर्भावस्था के दौरान निरंतर हार्मोनल थेरेपी ने उसे सुचारु रखने में मदद की। उच्च रक्तचाप और शुगर के कारण उन्होंने आईसीयू में भी 2 दिन बिताए। वह अपने गर्भावस्था के दूसरे महीने में अस्पताल में आई थीं।
यहां उनकी गहन निगरानी के साथ ही चिकित्सकीय स्थितियों के बारे में भी जानकारी हासिल की गई, जिसके आधार पर उनकी गर्भावस्था को आठवें महीने तक सफलतापूर्वक ले जा सके।
इलेक्टिव सिजेरियन सेक्शन के जरिए उनका प्रसव कराया गया। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। उन्हें नवजात गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में रखा गया और लगभग 3 सप्ताह के बाद छुट्टी दे दी गई। डॉ. अमिता शाह ने बताया कि महिला की इच्छा शक्ति मजबूत होने के कारण यह संभव हो पाया है।