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दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर गुरुग्राम, अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा
Wed, 06 Mar 2019 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 06 Mar 2019 05:10 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया गया है। पर्यावरण के मुद्दे पर काम करने वाले संगठन आईक्यूएयर एयरविजुअल और ग्रीनपीस की ओर से संयुक्त रूप से घोषित अध्ययन रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
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विश्व के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप-15 में भारत के कई शहर हैं। इनमें गुरुग्राम पीएम-2.5 स्तर में सबसे अधिक प्रदूषित शहर घोषित किया गया है।
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इस अध्ययन रिपोर्ट के खुलासे के बाद शहर में प्रदूषण स्तर पर नियंत्रण को लेकर सरकारी दावें पूरी तरह फेल हो गए है। बीते माह दिल्ली-एनसीआर में पीएम-2.5 और पीएम-10 का स्तर खराब स्थिति में पहुंच जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित निगरानी कमेटी ईपीसीए ने निर्माण साइटों पर प्रतिबंध लगाने के साथ शहर में प्रदूषण कम करने के आदेश जारी किए थे।
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इसके बाद गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), गुरुग्राम नगर निगम और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीबी) ने संयुक्त कमेटी बनाकर प्रदूषण नियंत्रण पर कार्रवाई का दावा किया था। इसके बावजूद शहर में धड़ल्ले से नियमों का उल्लंघन हुआ। इसे लेकर अब जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
बता दें कि यह रिपोर्ट वर्ष 2018-19 में दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों और अन्य क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता को माप कर तैयार की गई है। इसमें ऑनलाइन इंटरएक्टिव डिस्पले का सहारा लिया गया। अध्ययन के बाद ग्रीनपीस ने 62 प्रदूषित शहरों की सूची जारी की है, इनमें गुरुग्राम दुनियाभर के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर में अव्वल पर है।
सूची में गुरुग्राम के बाद गाजियाबाद दूसरे, तीसरे स्थान पर पाकिस्तान का फैसलाबाद, चौथे स्थान पर फरीदाबाद और पांचवें स्थान पर भिवाड़ी है। सूची में छठा स्थान नोएडा का है। जबकि देश की राजधानी दिल्ली 11वें स्थान पर है। रिपोर्ट में प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान का भी अनुमान लगाया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक पीएम 2.5 कण फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। जो लोगों को सांस रोगी बना रहे हैं।
सोशल मीडिया पर हुई गुरुग्राम की किरकिरी
ग्रीनपीस की रिपोर्ट के बाद मंगलवार को सोशल मीडिया पर गुरुग्राम की जमकर किरकिरी हुई। ट्विटर पर यूजर्स ने किसी ने गुरुग्राम के प्रशासन पर सवाल खड़े किए तो किसी ने इसे कंक्रीट का जंगल बताते हुए माखौल उड़ाया। फेसबुक पर भी लोगों ने गुरुग्राम पर प्रदूषण को लेकर अधिकारियों की मिलीभगत के चलते शहरवासियों का दम घुट रहा है। लोगों ने राज्य और केंद्र सरकार से इसके लिए ठोस एक्शन प्लान बनाने की मांग की।
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गुरुग्राम को प्रदूषण मुक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं ईपीसीए के निर्देश के तहत कार्य कर रहा है। इसके तहत बोर्ड को गुरुग्राम में प्रदूषण कम करने में काफी मदद मिली है। अब ग्रीनपीस की रिपोर्ट का भी अध्ययन किया जाएगा और उसके सुझावों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें अमलीजामा पहनाया जाएगा।
-कुलदीप सिंह, गुरुग्राम उत्तरी प्रमुख, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
रिपोर्ट बहुत चिंता का विषय है। इस रिपोर्ट ने सरकारी दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जिसे राज्य सरकार को संजीदगी से लेना होगा। शहर में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए हवा हवाई दावों की जगह जमीनी स्तर पर काम करने की सख्त आवश्यकता है।
-रुचिका सेठ, पर्यावरणविद्