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गुरु तेग बहादुर जी की वाणी सत्य, साहस और मानवता की प्रेरणा:संधू
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नई दिल्ली। गुरु तेग बहादुर जी की वाणी मानवता, सत्य, साहस त्याग और वैचारिक स्वतंत्रता का संदेश देती है। उनकी शिक्षाएं आज के चुनौतीपूर्ण दौर में भी समाज और विशेषकर युवाओं के लिए उतनी ही प्रासंगिक हैं। यह बातें उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने हंसराज कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहीं। वह इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
संस्कृति मंत्रालय, हंसराज कॉलेज और साहित्य अकादमी के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में गुरु तेग बहादुर जी की वाणी, जीवन-दर्शन और उनके बलिदान पर चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने गुरु साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए कहा कि यह वाणी व्यक्ति को सुख-दुख, मोह और भय से ऊपर उठकर जीवन के सत्य को समझने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा और कौशल को अपनी शक्ति बनाकर देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। इस संगोष्ठी में कॉलेज प्राचार्य डॉ रमा समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ब्यूरो
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संस्कृति मंत्रालय, हंसराज कॉलेज और साहित्य अकादमी के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में गुरु तेग बहादुर जी की वाणी, जीवन-दर्शन और उनके बलिदान पर चर्चा की गई। उपराज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने गुरु साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए कहा कि यह वाणी व्यक्ति को सुख-दुख, मोह और भय से ऊपर उठकर जीवन के सत्य को समझने की प्रेरणा देती है।
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उन्होंने युवाओं से शिक्षा और कौशल को अपनी शक्ति बनाकर देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। इस संगोष्ठी में कॉलेज प्राचार्य डॉ रमा समेत अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ब्यूरो
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