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Delhi NCR News: गुरु हरिकृष्ण साहिब का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया
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नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरु हरिकृष्ण साहिब का प्रकाश पर्व पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर कमेटी के अधीन विभिन्न गुरुद्वारों में गुरमत समागम आयोजित किए गए जिनमें रागी सिंहों ने गुरु की इलाही बाणी का कीर्तन कर संगत को आनंदित किया। मुख्य कार्यक्रम गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब परिसर स्थित भाई लख्खी शाह वंजारा हॉल में हुआ जहां पंथ के प्रमुख रागी सिंहों ने कीर्तन ने संगत को निहाल किया। कार्यक्रम के दौरान कमेटी की तरफ से गुरमीत सिंह शांत को शिरोमणि कीर्तनिए पुरस्कार से सम्मानित करते हुए ग्यारह लाख की राशि भेंट की गई।
कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गुरु हरिकृष्ण साहिब ने अपने समय में फैली भयावह चेचक की बीमारी से मानवता को मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने छोटी उम्र में ही कौम को बहुत बड़ी सीख दी। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने शिरोमणि कीर्तनिए पुरस्कार शुरू करने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि मौजूदा समय की बदलती जीवनशैली में कई रागी सिंह गुरु की ओर बताई शैली से हटकर कीर्तन करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत आवश्यक है कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में अंकित रागों में ही कीर्तन करें। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर महीने राग दरबार का आयोजन इसी उद्देश्य से कर रहे हैं ताकि संगत को रागबद्ध कीर्तन का लाभ मिल सके।
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कार्यक्रम में कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि गुरु हरिकृष्ण साहिब ने अपने समय में फैली भयावह चेचक की बीमारी से मानवता को मुक्ति दिलाई। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने छोटी उम्र में ही कौम को बहुत बड़ी सीख दी। दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी ने शिरोमणि कीर्तनिए पुरस्कार शुरू करने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि मौजूदा समय की बदलती जीवनशैली में कई रागी सिंह गुरु की ओर बताई शैली से हटकर कीर्तन करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बहुत आवश्यक है कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में अंकित रागों में ही कीर्तन करें। उन्होंने यह भी कहा कि वह हर महीने राग दरबार का आयोजन इसी उद्देश्य से कर रहे हैं ताकि संगत को रागबद्ध कीर्तन का लाभ मिल सके।
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