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गुरप्रीत ने महिला आयोग में लगाई न्याय की गुहार
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 17 Feb 2016 06:26 PM IST
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गुरप्रीत को जर्मनी के शरणार्थी कैंप से वापस बुलवाने वाली विदेशमंत्री सुषमा स्वराज पर अब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का दबाव डाला जा रहा है।
यह दावा गुरप्रीत के वकील राजेश खटाना ने प्रेसवार्ता में किया। उनका कहना है कि यह बात विदेशमंत्री ने खुद उन्हें बताई लेकिन उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने का भी आश्वासन दिया।
पीड़िता और उसके वकील ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला आयोग और संयुक्त पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र भेजने की बात कही है।
बुधवार को सिटी प्रेस क्लब के कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू हुई गुरप्रीत और उनके वकील ने बताया कि जर्मनी से वापस लौटने के बाद अब विरोधी पक्ष उनके खिलाफ तरह तरह की अफवाहें फैला रहा है, यहां तक कि विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को भी एसएमएस, वाट्सऐप और सोशल साइट्स के जरिये पीड़िता के बारे में गलत जानकारियां दी जा रही हैं।
अपने आरोपों को दोहराते हुए गुरप्रीत ने कहा कि 10 नवंबर 2010 की शाम उसका ननदोई पति मनोज को अपने साथ ले गया था, उसके बाद पति वापस नहीं लौटा। करीब तीन साल ढूंढ़ने के बाद उसने अप्रैल 2015 में पुलिस में शिकायत की।
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पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए गुरप्रीत ने कहा कि उसने जुलाई 2015 में आरोपियों से समझौता करवा दिया।
इसके तहत आरोपी पीड़िता को पांच लाख रुपये देते और जर्मनी में रहने वाले सास-ससुर, जिनके साथ मनोज संभवत: रह रहा था, के पास उसे भेजेंगे।
आरोप है कि ननदोई ने उसके अनजाने में ही पासपोर्ट, वीजा आदि तैयार कराया। जिन सास-ससुर को उसने कभी देखा ही नहीं उनके पास भेजने के लिए एजेंट हेमंत गांधी और विकास उर्फ विक्की को सौंप दिया गया।
विक्की उसका पासपोर्ट, कागजात आदि अपने साथ लेकर धोखा देकर उसे शरणार्थी कैंप में छोड़कर फरार हो गया। राजेश खटाना ने बताया कि उन्होंने महिला आयोग और संयुक्त पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर गुरप्रीत को जर्मनी ले जाने वाले एजेंट, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और लापता पति मनोज को ढूंढने की मांग की है।
कथित सास-ससुर का वीडियो दिखाया
एडवोकेट राजेश खटाना ने सोशल साइट पर चल रहे गुरप्रीत के कथित सास-ससुर का वीडियो भी दिखाया। उन्होंने कहा कि जर्मनी के किसी एयरपोर्ट लाउंज में बैठे वृद्ध जोड़े में से महिला खुद को मनोज की मां और प्रियांशी की सास बता रही है।
बताते चलें कि पीड़िता का गुरप्रीत के अलावा प्रियांशी और माला भी नाम है। गुरप्रीत ने कभी सास-ससुर को नहीं देखा इसलिए यह वीडियो सही है या नहीं इसका दावा नहीं किया जा सकता।
मालूम हो कि जर्मनी में भारतीय काउंसलेट ने आश्वासन दिया था कि जर्मनी में रहने वाले सास-ससुर को ढूंढ़ कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। राजेश खटाना ने बताया कि यह वीडियो काउंसलेट को भेजा जाएगा।
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यह दावा गुरप्रीत के वकील राजेश खटाना ने प्रेसवार्ता में किया। उनका कहना है कि यह बात विदेशमंत्री ने खुद उन्हें बताई लेकिन उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने का भी आश्वासन दिया।
पीड़िता और उसके वकील ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए महिला आयोग और संयुक्त पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र भेजने की बात कही है।
बुधवार को सिटी प्रेस क्लब के कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू हुई गुरप्रीत और उनके वकील ने बताया कि जर्मनी से वापस लौटने के बाद अब विरोधी पक्ष उनके खिलाफ तरह तरह की अफवाहें फैला रहा है, यहां तक कि विदेशमंत्री सुषमा स्वराज को भी एसएमएस, वाट्सऐप और सोशल साइट्स के जरिये पीड़िता के बारे में गलत जानकारियां दी जा रही हैं।
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अपने आरोपों को दोहराते हुए गुरप्रीत ने कहा कि 10 नवंबर 2010 की शाम उसका ननदोई पति मनोज को अपने साथ ले गया था, उसके बाद पति वापस नहीं लौटा। करीब तीन साल ढूंढ़ने के बाद उसने अप्रैल 2015 में पुलिस में शिकायत की।
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पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए गुरप्रीत ने कहा कि उसने जुलाई 2015 में आरोपियों से समझौता करवा दिया।
इसके तहत आरोपी पीड़िता को पांच लाख रुपये देते और जर्मनी में रहने वाले सास-ससुर, जिनके साथ मनोज संभवत: रह रहा था, के पास उसे भेजेंगे।
आरोप है कि ननदोई ने उसके अनजाने में ही पासपोर्ट, वीजा आदि तैयार कराया। जिन सास-ससुर को उसने कभी देखा ही नहीं उनके पास भेजने के लिए एजेंट हेमंत गांधी और विकास उर्फ विक्की को सौंप दिया गया।
विक्की उसका पासपोर्ट, कागजात आदि अपने साथ लेकर धोखा देकर उसे शरणार्थी कैंप में छोड़कर फरार हो गया। राजेश खटाना ने बताया कि उन्होंने महिला आयोग और संयुक्त पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर गुरप्रीत को जर्मनी ले जाने वाले एजेंट, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और लापता पति मनोज को ढूंढने की मांग की है।
कथित सास-ससुर का वीडियो दिखाया
एडवोकेट राजेश खटाना ने सोशल साइट पर चल रहे गुरप्रीत के कथित सास-ससुर का वीडियो भी दिखाया। उन्होंने कहा कि जर्मनी के किसी एयरपोर्ट लाउंज में बैठे वृद्ध जोड़े में से महिला खुद को मनोज की मां और प्रियांशी की सास बता रही है।
बताते चलें कि पीड़िता का गुरप्रीत के अलावा प्रियांशी और माला भी नाम है। गुरप्रीत ने कभी सास-ससुर को नहीं देखा इसलिए यह वीडियो सही है या नहीं इसका दावा नहीं किया जा सकता।
मालूम हो कि जर्मनी में भारतीय काउंसलेट ने आश्वासन दिया था कि जर्मनी में रहने वाले सास-ससुर को ढूंढ़ कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। राजेश खटाना ने बताया कि यह वीडियो काउंसलेट को भेजा जाएगा।