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Gurugram News: डूंडाहेडा ट्रैफिक सिग्नल पर करना होगा 120 सेकंड का इंतजार
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शहर भर के चौराहों पर बदला जाएगा ट्रैफिट लाइट का टाइम, जीएमडीए के सीईओ ने दी मंजूरी
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ियों के रुकने के समय में बदलाव किया जा रहा है। इसमें कई चौक पर समय में पांच से दस सेकंड तक समय को कम किया गया है। वहीं, गुरुग्राम-डूंडाहेडा बार्डर चौक पर सबसे अधिक समय 120 सेकंड का रखा गया है। शहर में करीब 77 ट्रैफिक सिग्नल है। इसे जीएमडीए के सीईओ ने मंजूरी दे दी है।
बता दें कि प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शहर के दौरे के दौरान पाया कि कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकने के समय सही नहीं है। कहीं पर वाहनों को एक मिनट तो कही 30 सेकंड का समय था। ऐसे में उन्होंने जीएमडीए के अधिकारियों को इस पर ध्यान देने को कहा था। शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगवाने और रखरखाव की जिम्मेदारी जीएमडीए की है। जबकि, इसका संचालन ट्रैफिक पुलिस करती है। ऐेसे में जीएमडीए ने ट्रैफिक पुलिस को पूरे मामले से अवगत करते हुए समय बदलाव कराने की बात कही थी।
इस पर ट्रैफिक पुलिस ने सभी ट्रैफिक सिग्नल के समय का सर्वे कराया और वाहनों के दबाव के अनुसार टाइमिंग में बदलाव करने की रिपोर्ट दी। जीएमडीए में मोबीलिटी विंग के महाप्रबंधक कर्नल आरडी सिंघल ने बताया कि पुलिस विभाग ने पांच से दस सेकेंड के समय में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक लंबा समय गुरुग्राम-डूंडाहेडा बार्डर का है। यहां पर लोगों को 120 सेकंड रुकना होगा। उनका कहना है कि इस चौक पर वाहनों का काफी दबाव होता है। ऐसे में पुलिस के अनुसार ही टाइमिंग सेट की जाएगी। पहले यहां पर 80 सेकंड का समय रखा गया था। इसके अलावा खुशबू चौक पर 60 सेकेंड, घाटा पर 80, और सरहौल पर 60 सेकंड रखी गई है।
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शहरी एरिया के चौक पर 20 से 50 सेकेंड का समय यातायात दबाव के अनुसार रखा गया है। महाप्रबंधक ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में समय में बदलाव से वाहन चालकों को थोड़ी राहत मिलेगी। वाहन चालकों को अब सिग्नल पर एक मिनट से भी कम रुकना पड़ेगा। दोपहिया चालकों को गर्मी और लू में गाड़ी चलाने में काफी परेशानी हो रही है। समय कम होने से उन्हें राहत मिलेगी।
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अब स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल्स का होगा प्रावधान
शहर में जल्द ही ट्रैफिक सिग्नल की तकनीक बदल जाएगी। अब नए सिस्टम स्वचालित लगाए जाएगे। इसमें चौक पर वाहनों के दबाव के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल स्वत: ही ग्रीन हो जाएगा। इसी के तहत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सेक्टर 58 से 115 में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाने का काम शुरू करेगा। इस पर 6.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसके बाद शहर में पुराने ट्रैफिक सिग्नल बदले जाएगे। शहर में यातायात प्रवाह में सुधार लाने के लिए और नागरिकों को आवागमन में आसानी प्रदान करने के लिए ट्रैफिक सिग्नल को एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) से सुसज्जित किया जाएगा।
सभी ट्रैफिक लाइट में वाहन डिटेक्टर कैमरा लगाया जाएगा, जो स्मार्ट सिग्नल को चौराहों पर वाहनों के प्रवाह को मापने में सक्षम बनाएगा। इसके बाद यह सिग्नल के समय को समायोजित करेगा और ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अपने आप ही ग्रीन लाइट की अवधि बढ़ाएगा। यह आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की सुविधा भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, इसमें पैदल यात्री सिग्नल लाइट भी होंगी, ताकि इन व्यस्त जंक्शनों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही हो सके।
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वर्जन
शहर में ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग बदलने की सीईओ से मंजूरी मिलने के बाद यातायात पुलिस को भेज दिया गया है। इसके अलावा जीएमडीए पहले से ही शहर में मौजूदा ट्रैफिक सिग्नल को नया रूप दे रहा है, जिसमें सेक्टर 1-55 में 111 सिग्नल को स्मार्ट सिग्नल में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नए सेक्टर 58-115 में 32 नए स्थानों स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना है। सभी ट्रैफिक सिग्नल जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से भी जुड़े होंगे। - कर्नल आरडी सिंघल, महाप्रबंधक मोबिलिटी डिवीजन जीएमडीए
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ियों के रुकने के समय में बदलाव किया जा रहा है। इसमें कई चौक पर समय में पांच से दस सेकंड तक समय को कम किया गया है। वहीं, गुरुग्राम-डूंडाहेडा बार्डर चौक पर सबसे अधिक समय 120 सेकंड का रखा गया है। शहर में करीब 77 ट्रैफिक सिग्नल है। इसे जीएमडीए के सीईओ ने मंजूरी दे दी है।
बता दें कि प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शहर के दौरे के दौरान पाया कि कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकने के समय सही नहीं है। कहीं पर वाहनों को एक मिनट तो कही 30 सेकंड का समय था। ऐसे में उन्होंने जीएमडीए के अधिकारियों को इस पर ध्यान देने को कहा था। शहर में ट्रैफिक सिग्नल लगवाने और रखरखाव की जिम्मेदारी जीएमडीए की है। जबकि, इसका संचालन ट्रैफिक पुलिस करती है। ऐेसे में जीएमडीए ने ट्रैफिक पुलिस को पूरे मामले से अवगत करते हुए समय बदलाव कराने की बात कही थी।
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इस पर ट्रैफिक पुलिस ने सभी ट्रैफिक सिग्नल के समय का सर्वे कराया और वाहनों के दबाव के अनुसार टाइमिंग में बदलाव करने की रिपोर्ट दी। जीएमडीए में मोबीलिटी विंग के महाप्रबंधक कर्नल आरडी सिंघल ने बताया कि पुलिस विभाग ने पांच से दस सेकेंड के समय में बदलाव किया है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक लंबा समय गुरुग्राम-डूंडाहेडा बार्डर का है। यहां पर लोगों को 120 सेकंड रुकना होगा। उनका कहना है कि इस चौक पर वाहनों का काफी दबाव होता है। ऐसे में पुलिस के अनुसार ही टाइमिंग सेट की जाएगी। पहले यहां पर 80 सेकंड का समय रखा गया था। इसके अलावा खुशबू चौक पर 60 सेकेंड, घाटा पर 80, और सरहौल पर 60 सेकंड रखी गई है।
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शहरी एरिया के चौक पर 20 से 50 सेकेंड का समय यातायात दबाव के अनुसार रखा गया है। महाप्रबंधक ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में समय में बदलाव से वाहन चालकों को थोड़ी राहत मिलेगी। वाहन चालकों को अब सिग्नल पर एक मिनट से भी कम रुकना पड़ेगा। दोपहिया चालकों को गर्मी और लू में गाड़ी चलाने में काफी परेशानी हो रही है। समय कम होने से उन्हें राहत मिलेगी।
अब स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल्स का होगा प्रावधान
शहर में जल्द ही ट्रैफिक सिग्नल की तकनीक बदल जाएगी। अब नए सिस्टम स्वचालित लगाए जाएगे। इसमें चौक पर वाहनों के दबाव के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल स्वत: ही ग्रीन हो जाएगा। इसी के तहत गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सेक्टर 58 से 115 में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगाने का काम शुरू करेगा। इस पर 6.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसके बाद शहर में पुराने ट्रैफिक सिग्नल बदले जाएगे। शहर में यातायात प्रवाह में सुधार लाने के लिए और नागरिकों को आवागमन में आसानी प्रदान करने के लिए ट्रैफिक सिग्नल को एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीसीएस) से सुसज्जित किया जाएगा।
सभी ट्रैफिक लाइट में वाहन डिटेक्टर कैमरा लगाया जाएगा, जो स्मार्ट सिग्नल को चौराहों पर वाहनों के प्रवाह को मापने में सक्षम बनाएगा। इसके बाद यह सिग्नल के समय को समायोजित करेगा और ट्रैफिक के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए अपने आप ही ग्रीन लाइट की अवधि बढ़ाएगा। यह आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को प्राथमिकता देने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की सुविधा भी प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, इसमें पैदल यात्री सिग्नल लाइट भी होंगी, ताकि इन व्यस्त जंक्शनों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही हो सके।
वर्जन
शहर में ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग बदलने की सीईओ से मंजूरी मिलने के बाद यातायात पुलिस को भेज दिया गया है। इसके अलावा जीएमडीए पहले से ही शहर में मौजूदा ट्रैफिक सिग्नल को नया रूप दे रहा है, जिसमें सेक्टर 1-55 में 111 सिग्नल को स्मार्ट सिग्नल में अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त नए सेक्टर 58-115 में 32 नए स्थानों स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना है। सभी ट्रैफिक सिग्नल जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से भी जुड़े होंगे। - कर्नल आरडी सिंघल, महाप्रबंधक मोबिलिटी डिवीजन जीएमडीए