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Gurugram News: एमजी रोड की नई पाइपलाइन से रफ्तार पकड़ेगा पानी, बुझेगी प्यास
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उद्योग विहार और सुशांत लोक क्षेत्र में भी बेहतर होगी पेयजल आपूर्ति, अगले साल मिलेगी राहत
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के उद्योग विहार, एमजी रोड (डीएलएफ) और सुशांत लोक क्षेत्र में अगले साल फरवरी तक पेयजल आपूर्ति बेहतर हो जाएगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन क्षेत्र में पेयजल के लिए अलग-अलग इंडिपेंडेंट फीडर बनाने जा रहा है। इसके लिए करीब 5100 मीटर मास्टर पेयजल लाइन अलग-अलग क्षेत्रों के लिए डाली जाएगी। इस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे और करीब पांच लाख लोगों को फायदा हाेगा।
जीएमडीए शहर में पेयजल आपूर्ति को बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत नए पानी शोधन संयंत्र के साथ लाइनों को दुरूस्त करा रहा है। जीएमडीए शहर को पेयजल आपूर्ति के हिसाब से अलग-अलग जोन में बांट रहा है, जिससे सभी क्षेत्रों में पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। अभी इन जगहों के लिए सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन से एक मास्टर लाइन निकलती है और बाद में तीनों ओर पानी की सप्लाई की जाती। ऐसे में कई बार पाइप में लीकेज या अन्य समस्या आने से तीनों क्षेत्रों की पेयजल सप्लाई प्रभावित होती है।
बूस्टिंग स्टेशन में पानी की क्षमता बढ़ाई जाएगी
पेयजल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जीएमडीए चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट का निर्माण कराया है। चंदू प्लांट की कुल क्षमता 400 एमएलडी हो गई है। चंदू बुढ़ेरा स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की यूनिट इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी। वहीं, बसई में भी 100 एमडीएल का नया संयंत्र बनाया जाना और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर बसई नहरी पेयजल शोधन संयंत्र से लेकर सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक 11.5 किमी मास्टर पाइल लाइन डाली जानी है। करीब 110 करोड़ रुपये की परियोजना जीएमडीए बोर्ड बैठक में सीएम से मंजूरी मिली हुई है। इससे बूस्टिंग स्टेशन सेक्टर-16 में पानी की क्षमता बढ़ेगी।
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इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बढ़ेगी
सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन से इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जाती है। इसमें सेक्टर-14, सेक्टर-15 (चंदर नगर कॉलोनी), सेक्टर-16, सेक्टर-17 (गांव सुखराली), सेक्टर-18 (गांव सिरहोल), सेक्टर-19 (एचएसआईआईडीसी फेज-IV और V), सेक्टर-20 (एचएसआईआईडीसी फेज-दो, दो और तीन), सेक्टर-24 (डीएलएफ-तीन) और 25 ए (डीएलएफ-2 और नाथूपुर), सेक्टर-25 ए (डीएलएफ-2 और नाथूपुर), सेक्टर-25 (डीएलएफ-II), सेक्टर-26 (डीएलएफ-1 और सिकंदरपुर), सेक्टर-26 ए (डीएलएफ-1), सेक्टर-27 (डीएलएफ-IV और एसएल-I), सेक्टर-28 (एसएल-1 और चक्करपुर), सेक्टर-29,सेक्टर-30 (साउथ सिटी-1, सैनी खेड़ा, सिलोखेड़ा), सेक्टर-31,सेक्टर-39 पार्ट, सेक्टर-40, सेक्टर-41 (साउथ सिटी-I),सेक्टर-43 (एसएल-1) शामिल है।
अभी उद्योग विहार, एमजी रोड और सुशांत लोक एरिया के लिए बूस्टिंग स्टेशन से एक ही मास्टर लाइन के तहत पानी की सप्लाई होती है। अब तीनों को अलग-अलग इंडिपेंडेंट फीडर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले साल इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई में सुधार हो जाएगा। - अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के उद्योग विहार, एमजी रोड (डीएलएफ) और सुशांत लोक क्षेत्र में अगले साल फरवरी तक पेयजल आपूर्ति बेहतर हो जाएगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन क्षेत्र में पेयजल के लिए अलग-अलग इंडिपेंडेंट फीडर बनाने जा रहा है। इसके लिए करीब 5100 मीटर मास्टर पेयजल लाइन अलग-अलग क्षेत्रों के लिए डाली जाएगी। इस पर करीब 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे और करीब पांच लाख लोगों को फायदा हाेगा।
जीएमडीए शहर में पेयजल आपूर्ति को बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत नए पानी शोधन संयंत्र के साथ लाइनों को दुरूस्त करा रहा है। जीएमडीए शहर को पेयजल आपूर्ति के हिसाब से अलग-अलग जोन में बांट रहा है, जिससे सभी क्षेत्रों में पानी पर्याप्त मात्रा में मिल सके। अभी इन जगहों के लिए सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन से एक मास्टर लाइन निकलती है और बाद में तीनों ओर पानी की सप्लाई की जाती। ऐसे में कई बार पाइप में लीकेज या अन्य समस्या आने से तीनों क्षेत्रों की पेयजल सप्लाई प्रभावित होती है।
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बूस्टिंग स्टेशन में पानी की क्षमता बढ़ाई जाएगी
पेयजल की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए जीएमडीए चंदू बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर 100 एमएलडी क्षमता की नई यूनिट का निर्माण कराया है। चंदू प्लांट की कुल क्षमता 400 एमएलडी हो गई है। चंदू बुढ़ेरा स्थित प्लांट पर 100 एमएलडी की यूनिट इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगी। वहीं, बसई में भी 100 एमडीएल का नया संयंत्र बनाया जाना और सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर बसई नहरी पेयजल शोधन संयंत्र से लेकर सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक 11.5 किमी मास्टर पाइल लाइन डाली जानी है। करीब 110 करोड़ रुपये की परियोजना जीएमडीए बोर्ड बैठक में सीएम से मंजूरी मिली हुई है। इससे बूस्टिंग स्टेशन सेक्टर-16 में पानी की क्षमता बढ़ेगी।
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इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई बढ़ेगी
सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन से इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई की जाती है। इसमें सेक्टर-14, सेक्टर-15 (चंदर नगर कॉलोनी), सेक्टर-16, सेक्टर-17 (गांव सुखराली), सेक्टर-18 (गांव सिरहोल), सेक्टर-19 (एचएसआईआईडीसी फेज-IV और V), सेक्टर-20 (एचएसआईआईडीसी फेज-दो, दो और तीन), सेक्टर-24 (डीएलएफ-तीन) और 25 ए (डीएलएफ-2 और नाथूपुर), सेक्टर-25 ए (डीएलएफ-2 और नाथूपुर), सेक्टर-25 (डीएलएफ-II), सेक्टर-26 (डीएलएफ-1 और सिकंदरपुर), सेक्टर-26 ए (डीएलएफ-1), सेक्टर-27 (डीएलएफ-IV और एसएल-I), सेक्टर-28 (एसएल-1 और चक्करपुर), सेक्टर-29,सेक्टर-30 (साउथ सिटी-1, सैनी खेड़ा, सिलोखेड़ा), सेक्टर-31,सेक्टर-39 पार्ट, सेक्टर-40, सेक्टर-41 (साउथ सिटी-I),सेक्टर-43 (एसएल-1) शामिल है।
अभी उद्योग विहार, एमजी रोड और सुशांत लोक एरिया के लिए बूस्टिंग स्टेशन से एक ही मास्टर लाइन के तहत पानी की सप्लाई होती है। अब तीनों को अलग-अलग इंडिपेंडेंट फीडर बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अगले साल इन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई में सुधार हो जाएगा। - अभिनव वर्मा, कार्यकारी अभियंता, जीएमडीए