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Gurugram News: नागरिकों और प्रशासन के बीच मजबूत कड़ी बनीं वार्ड समितियां
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मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से किया वार्ड समिति सदस्यों से संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को शहरी स्थानीय निकायों की वार्ड समितियों के सदस्यों के साथ वर्चुअल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना, पटौदी-जटौली मंडी और नगर पालिका फर्रूखनगर की वार्ड समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
गुरुग्राम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मेयर राजरानी मल्होत्रा ने की, जिसमें निगमायुक्त प्रदीप दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पार्षद उपस्थित रहे। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि वार्ड समितियां नागरिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में उभरकर सामने आई हैं। हरियाणा नगरपालिका नागरिक सहभागिता अधिनियम, 2008 के तहत गठित ये समितियां स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी अत्यंत आवश्यक है। वार्ड समितियों को कई महत्वपूर्ण अधिकार जैसे नगर पालिका के बजट को समझना और उस पर सुझाव देना, अधिकारियों से योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना, सड़क, जल निकासी और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की देखरेख हैं। वार्ड समितियों का गठन केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि इनका मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया में आम नागरिकों को शामिल करना है। ये समितियां न केवल शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी जनता तक पहुंचाती हैं, बल्कि भूमि उपयोग में बदलाव जैसे गंभीर विषयों पर भी अपनी राय देने का अधिकार रखती हैं। स्वच्छ भारत अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए ये समितियां गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और जागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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बादशाहपुर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को शहरी स्थानीय निकायों की वार्ड समितियों के सदस्यों के साथ वर्चुअल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में नगर निगम गुरुग्राम, नगर परिषद सोहना, पटौदी-जटौली मंडी और नगर पालिका फर्रूखनगर की वार्ड समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
गुरुग्राम विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मेयर राजरानी मल्होत्रा ने की, जिसमें निगमायुक्त प्रदीप दहिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पार्षद उपस्थित रहे। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि वार्ड समितियां नागरिकों और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में उभरकर सामने आई हैं। हरियाणा नगरपालिका नागरिक सहभागिता अधिनियम, 2008 के तहत गठित ये समितियां स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
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निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया कि शहरी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी अत्यंत आवश्यक है। वार्ड समितियों को कई महत्वपूर्ण अधिकार जैसे नगर पालिका के बजट को समझना और उस पर सुझाव देना, अधिकारियों से योजनाओं और सेवाओं की जानकारी प्राप्त करना, सड़क, जल निकासी और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की देखरेख हैं। वार्ड समितियों का गठन केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि इनका मुख्य उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया में आम नागरिकों को शामिल करना है। ये समितियां न केवल शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी जनता तक पहुंचाती हैं, बल्कि भूमि उपयोग में बदलाव जैसे गंभीर विषयों पर भी अपनी राय देने का अधिकार रखती हैं। स्वच्छ भारत अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए ये समितियां गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और जागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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