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Gurugram News: जलभराव वाले चार क्षेत्रों में बनेंगे भूमिगत टैंक
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सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड पर होगा काम
48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता के इंजेक्शन वेल बनाने की भी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने तकनीकी विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने मंगलवार को आईआईटी गांधीनगर के विशेषज्ञों, नगर निगम और जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों तथा पार्षदों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें शहर के चार प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर इंजेक्शन वेल और अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की योजना पर मंथन किया गया।
प्रथम चरण में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड को योजना में शामिल किया गया है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में बारिश के पानी के संग्रहण, निकासी और भूजल रिचार्ज के लिए तकनीकी विकल्पों पर चर्चा की। बैठक में 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही भूमिगत जल भंडारण टैंक बनाने पर भी विचार किया गया। निगम का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से बारिश के दौरान पानी का बेहतर प्रबंधन होगा और जलभराव वाले स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम का दबाव कम किया जा सकेगा।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रस्तावित कार्यों को एक वर्ष की समय-सीमा में पूरा करने के लक्ष्य के साथ कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल की क्षमता क्षेत्र में होने वाली बारिश से तीन गुना अधिक पानी को संभालने के अनुरूप रखी जाएगी।
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निगम अधिकारियों के अनुसार, योजना का उद्देश्य केवल बारिश के दौरान पानी निकालना नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है। भूमिगत टैंक में पानी का संग्रहण कर उसे नियंत्रित तरीके से जमीन में पहुंचाने से भूजल रिचार्ज में भी मदद मिलेगी। इससे मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव कम होगा और संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में ऑनलाइन आईआईटी गांधीनगर के प्रो. उदित भाटिया और प्रो. विवेक कपाड़िया जुड़े। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविंद्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव और अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव और विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी तथा कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी मौजूद रहे।
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48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता के इंजेक्शन वेल बनाने की भी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम गुरुग्राम ने तकनीकी विकल्पों पर काम शुरू कर दिया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने मंगलवार को आईआईटी गांधीनगर के विशेषज्ञों, नगर निगम और जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारियों तथा पार्षदों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें शहर के चार प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों में वाटर इंजेक्शन वेल और अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की योजना पर मंथन किया गया।
प्रथम चरण में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड को योजना में शामिल किया गया है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने इन क्षेत्रों में बारिश के पानी के संग्रहण, निकासी और भूजल रिचार्ज के लिए तकनीकी विकल्पों पर चर्चा की। बैठक में 48 से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही भूमिगत जल भंडारण टैंक बनाने पर भी विचार किया गया। निगम का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से बारिश के दौरान पानी का बेहतर प्रबंधन होगा और जलभराव वाले स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम का दबाव कम किया जा सकेगा।
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निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रस्तावित कार्यों को एक वर्ष की समय-सीमा में पूरा करने के लक्ष्य के साथ कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्टोरेज टैंक और इंजेक्शन वेल की क्षमता क्षेत्र में होने वाली बारिश से तीन गुना अधिक पानी को संभालने के अनुरूप रखी जाएगी।
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निगम अधिकारियों के अनुसार, योजना का उद्देश्य केवल बारिश के दौरान पानी निकालना नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक समाधान तैयार करना है। भूमिगत टैंक में पानी का संग्रहण कर उसे नियंत्रित तरीके से जमीन में पहुंचाने से भूजल रिचार्ज में भी मदद मिलेगी। इससे मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था पर दबाव कम होगा और संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को नियंत्रित किया जा सकेगा।
बैठक में ऑनलाइन आईआईटी गांधीनगर के प्रो. उदित भाटिया और प्रो. विवेक कपाड़िया जुड़े। इस दौरान अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका और रविंद्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव और अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव और विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी तथा कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी मौजूद रहे।