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पर्दे पर उतारी उमराव जान, कैनवास पर कारों की शान
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गुरुग्राम। उमराव जान फिल्म के निर्देशक मुजफ्फर अली कैमरे के साथ-साथ कैनवास के भी माहिर फनकार हैं। गुरुग्राम के सेक्टर 28 में चल रही विंटेज कार प्रदर्शनी में आई गाड़ियों को पेंटिंग के माध्यम से कैनवास पर उकेरा है।
जिन विंटेज कारों की पेंटिंग मुजफ्फर अली ने बनाई है, उनमें भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान की 1926 की जीप बेंटले शामिल है। जंगल में जाकर शिकार करने और वहां घूमने को ध्यान में रखते हुए यह जीप बनाई गई थी। इसके अलावा 1937 की फ्रांस में बनी डीलेज कार की पेंटिंग, 1935 की जोधपुर राजपरिवार के पास रही रोल्स रायस की पेंटिंग भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
मुजफ्फर अली कहते हैं कि मैं और मेरी तरह के अन्य लोगों के लिए कार एक खिलौना है। जब भी कोई कार देखता हूं तब मेरे अंदर का बचपन जिंदा हो उठता है। ऑटोमोबाइल एक ऐसी महान चीज है जिसे मनुष्य ने अपने लिए खोजा है। युद्ध में भी और शांति में भी।
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नीलामी के पैसे सैनिक कल्याण फंड में जाएंगे
सेक्टर 28 में चल रही विंटेज कार प्रदर्शनी में नीलाम होने वाली गाड़ियों में 1972 की महिंद्रा की वह जीप भी शामिल है, जिसका मॉडल 1971 के भारत-पाक युद्ध में शामिल गाड़ियों का है। इस कार की नीलामी 30 लाख से ऊपर तक प्रस्तावित है। आयोजकों के मुताबिक यह पैसा सैनिकों के कल्याण फंड में जाएगा।
104 साल पुरानी ट्रायंफ बाइक पहले विश्वयुद्ध में प्रयोग
विंटेज कार प्रदर्शनी यूं तो कारों की प्रदर्शनी है। लेकिन यहां पर 104 साल पुरानी 1917 में बनी ट्रायंफ मोटरसाइकिल मौजूद है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश सैनिकों ने इस्तेमाल की थी। यह मोटरसाइकिल 1930 से एक ही परिवार के स्वामित्व में है। यह अब भी चालू हालत में है।
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जिन विंटेज कारों की पेंटिंग मुजफ्फर अली ने बनाई है, उनमें भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खान की 1926 की जीप बेंटले शामिल है। जंगल में जाकर शिकार करने और वहां घूमने को ध्यान में रखते हुए यह जीप बनाई गई थी। इसके अलावा 1937 की फ्रांस में बनी डीलेज कार की पेंटिंग, 1935 की जोधपुर राजपरिवार के पास रही रोल्स रायस की पेंटिंग भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
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मुजफ्फर अली कहते हैं कि मैं और मेरी तरह के अन्य लोगों के लिए कार एक खिलौना है। जब भी कोई कार देखता हूं तब मेरे अंदर का बचपन जिंदा हो उठता है। ऑटोमोबाइल एक ऐसी महान चीज है जिसे मनुष्य ने अपने लिए खोजा है। युद्ध में भी और शांति में भी।
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नीलामी के पैसे सैनिक कल्याण फंड में जाएंगे
सेक्टर 28 में चल रही विंटेज कार प्रदर्शनी में नीलाम होने वाली गाड़ियों में 1972 की महिंद्रा की वह जीप भी शामिल है, जिसका मॉडल 1971 के भारत-पाक युद्ध में शामिल गाड़ियों का है। इस कार की नीलामी 30 लाख से ऊपर तक प्रस्तावित है। आयोजकों के मुताबिक यह पैसा सैनिकों के कल्याण फंड में जाएगा।
104 साल पुरानी ट्रायंफ बाइक पहले विश्वयुद्ध में प्रयोग
विंटेज कार प्रदर्शनी यूं तो कारों की प्रदर्शनी है। लेकिन यहां पर 104 साल पुरानी 1917 में बनी ट्रायंफ मोटरसाइकिल मौजूद है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश सैनिकों ने इस्तेमाल की थी। यह मोटरसाइकिल 1930 से एक ही परिवार के स्वामित्व में है। यह अब भी चालू हालत में है।