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Gurugram News: अंबाला, करनाल व पानीपत के ध्यानार्थ - भोंडसी जेल में कैदियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर स्थापित
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-केंद्रीय जेल अंबाला, जिला जेल गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल व पानीपत में आईटीआई कोर्स होंगे शुरू
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शनिवार को जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जेलों में बंद कैदी जल्द ही कंप्यूटर इंजीनियरिंग का डिप्लोमा, कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कर सकेंगे। प्रदेश की पांच जेलों में 12 कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। भोंडसी जेल में जल्द ही कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा शुरू किया जाएगा। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया जा चुका है।
शनिवार को प्रदेश के कारागार मंत्री डॉ. अरिवंद शर्मा ने भोंडसी जेल के निरीक्षण में बताया कि प्रदेश की जेलों में बंदियों के कौशल विकास व उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश की केंद्रीय जेल अम्बाला, जिला जेल गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल व पानीपत में आईटीआई कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। गुरुग्राम जेल में बंदियों को तीन वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए आईटीआई, इंडरी के सहयोग से जेल परिसर में ही ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा चुका है।
उन्होंने ने बताया कि इसके लिए अब तक 29 बंदियों द्वारा पंजीकरण भी करवा चुके हैं। इसी के साथ ही एक साल के प्लम्बर कोर्स के लिए 25, वेल्डिंग कोर्स के लिए 25 व कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स के लिए 25 पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने जेल अधीक्षक नरेश गोयल को निर्देश दिया है कि बंदियों की तरफ से बनाए जा रहे लकड़ी के सामान की कैटलॉग भी प्रकाशित करवाई जाए।
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डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था को अच्छा करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके साथ सुनिश्चित किया जा रहा है कि बंदी अपनी सजा पूरी करने के बाद जब समाज की मुख्यधारा में शामिल हों तो उन्हें कठिनाई का सामना न करना पड़े।
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कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शनिवार को जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जेलों में बंद कैदी जल्द ही कंप्यूटर इंजीनियरिंग का डिप्लोमा, कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कर सकेंगे। प्रदेश की पांच जेलों में 12 कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। भोंडसी जेल में जल्द ही कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा शुरू किया जाएगा। इसके लिए ट्रेनिंग सेंटर भी स्थापित किया जा चुका है।
शनिवार को प्रदेश के कारागार मंत्री डॉ. अरिवंद शर्मा ने भोंडसी जेल के निरीक्षण में बताया कि प्रदेश की जेलों में बंदियों के कौशल विकास व उनको आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश की केंद्रीय जेल अम्बाला, जिला जेल गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल व पानीपत में आईटीआई कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। गुरुग्राम जेल में बंदियों को तीन वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियरिंग डिप्लोमा कोर्स करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए आईटीआई, इंडरी के सहयोग से जेल परिसर में ही ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जा चुका है।
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उन्होंने ने बताया कि इसके लिए अब तक 29 बंदियों द्वारा पंजीकरण भी करवा चुके हैं। इसी के साथ ही एक साल के प्लम्बर कोर्स के लिए 25, वेल्डिंग कोर्स के लिए 25 व कंप्यूटर एप्लिकेशन कोर्स के लिए 25 पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने जेल अधीक्षक नरेश गोयल को निर्देश दिया है कि बंदियों की तरफ से बनाए जा रहे लकड़ी के सामान की कैटलॉग भी प्रकाशित करवाई जाए।
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डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की मूलभूत सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था को अच्छा करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके साथ सुनिश्चित किया जा रहा है कि बंदी अपनी सजा पूरी करने के बाद जब समाज की मुख्यधारा में शामिल हों तो उन्हें कठिनाई का सामना न करना पड़े।