फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   The spirit of Kumaon and Garhwal was on display in the district as Goddess Nanda was bid farewell to the beats of the *dhol-damau*.

Gurugram News: जिले में दिखा कुमाऊं-गढ़वाल का रंग, ढोल-दमाऊ की थाप पर मां नंदा को दी विदाई

Sun, 20 Sep 2026 06:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:41 PM IST
विज्ञापन
The spirit of Kumaon and Garhwal was on display in the district as Goddess Nanda was bid farewell to the beats of the *dhol-damau*.
सुरेश चंद्र काला  दाहिने पिंक शर्ट वाले नंदा देवी स्टोरी के लिए
पालम विहार में नंदाष्टमी उत्सव संपन्न: माता नंदा की भव्य पालकी यात्रा में उमड़ा उत्तराखंडी समाज
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पालम विहार में नंदाष्टमी का दो दिवसीय उत्सव माता नंदा की पारंपरिक पालकी यात्रा के साथ धूमधाम से संपन्न हो गया। कुमाऊं भातृमंडल द्वारा आयोजित इस भव्य महोत्सव में गुरुग्राम में रहने वाले उत्तराखंडी समाज के सैकड़ों लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया, जिससे पूरा क्षेत्र मिनी कुमाऊं-गढ़वाल के रंग में सराबोर नजर आया।
शनिवार को उत्सव की शुरुआत विधि-विधान से मां नंदा के पूजन और भजन-कीर्तन के साथ हुई। शाम को उत्तराखंड के सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक लोक नृत्य झोड़ा-चांचरी पर पूरे जोशो-खरोश के साथ थिरककर समां बांध दिया। अगले दिन माता पार्वती की प्रतीक मां नंदा को उनकी ससुराल कैलाश भेजने के प्रतीकात्मक उत्सव के रूप में भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। पारंपरिक ढोल-दमाऊ की थाप पर सिर पर उत्तराखंडी टोपी लगाए पुरुषों और सजी-धजी महिलाओं ने श्रद्धा व भक्ति के साथ मां को विदाई दी।
विज्ञापन

सी-वन ब्लॉक स्थित नंदा देवी मंदिर से शुरू होकर यह यात्रा विभिन्न हिस्सों से होती हुई वापस मंदिर पहुंची, जिसके बाद महाप्रसाद भंडारे का आयोजन हुआ।इस आयोजन को सफल बनाने में मंदिर कमेटी के प्रधान करण सिंह बिष्ट, उप-प्रधान हरीश गडाकोटी, महासचिव लाल सिंह रावत, सुरेश चंद्र काला, आचार्य नारायण दत्त बालोदी, नंदा पांडे और भुवनचंद्र गौड़ सहित सभी सदस्यों की मुख्य भूमिका रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
कैलाश के लिए लौंटी मां नंदा
जिले में यह 18वां नंदाष्टमी वार्षिकोत्सव कार्यक्रम था। काफी धूमधाम से हमने यह उत्सव मनाया है। मां नंदा के डोला के साथ उत्तराखंड के लोग परिवार सहित शामिल हुए, स्थानीय लोगों की भी भागीदारी रही। - सुरेशचंद्र काला, मुख्य प्रबंधक, नंदा देवी मंदिर

हमलोग मां नंदा को उत्तराखंड की बेटी मानते हैं, नंदा अष्टमी की पूजा के बाद नवमी को वे अपने ससुराल कैलाश जाती हैं। उत्तराखंड से कैलाश तक ऐसी यात्रा जिसे राज जात यात्रा कहते हैं, हर 12 साल बाद होती है। - देवेंद्र नेगी, कुमाऊं भातृ मंडल
हमारे लिए यह केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से एकदूसरे से जुड़ने का मौका भी होता है। शनिवार की शाम काफी देर तक हमारे झोड़ चांचरी लोक नृत्य भजन चलता रहा। रविवार को भी लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। - पूनम भट्ट

गुरुग्राम में बसे उत्तराखंड के लोगों के लिए यह उत्सव बहुत मायने रखता है। मां नंदा को पार्वती माता का प्रतीक माना जाता है, उन्हें उनके पति भगवान शिव के पास कैलाश भेजने की यह डोली यात्रा होती है। - मान सिंह कोशियारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed