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Gurugram News: सड़क और नालों में बनाए गए अस्थायी अवरोध हटाए जाएंगे
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लापरवाही पर होगी कार्रवाई, अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सीवर डीसिल्टिंग (गाद निकालने) के कार्य के दौरान सड़क, नालों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बनाए जाने वाले अस्थायी अवरोधों को लेकर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डीसिल्टिंग कार्य पूर्ण होते ही सभी अस्थायी अवरोधों, मिट्टी, मलबा एवं अन्य अवशेषों को तत्काल हटाया जाए।
नगर निगम गुरुग्राम की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई स्थानों पर यह देखा गया है कि सीवर सफाई के बाद अस्थायी रूप से बनाए गए ब्लॉकेज लंबे समय तक नहीं हटाए जाते, जिससे जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। यह स्थिति न केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। निगम के अनुसार, डीसिल्टिंग कार्य के दौरान खोदी गई सड़क, ढकी गई नालियों या लगाए गए बैरिकेड्स को उसी दिन हटाकर स्थल को पूर्व स्थिति में बहाल करना अनिवार्य होगा।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में अस्थायी अवरोध हटाने में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार, फील्ड स्टाफ एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सीवर डीसिल्टिंग कार्य शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके कारण नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास एवं रखरखाव कार्यों के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा, सुगम यातायात और स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जाए। -प्रदीप दहिया, निगमायुक्त
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सीवर डीसिल्टिंग (गाद निकालने) के कार्य के दौरान सड़क, नालों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बनाए जाने वाले अस्थायी अवरोधों को लेकर नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डीसिल्टिंग कार्य पूर्ण होते ही सभी अस्थायी अवरोधों, मिट्टी, मलबा एवं अन्य अवशेषों को तत्काल हटाया जाए।
नगर निगम गुरुग्राम की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई स्थानों पर यह देखा गया है कि सीवर सफाई के बाद अस्थायी रूप से बनाए गए ब्लॉकेज लंबे समय तक नहीं हटाए जाते, जिससे जलभराव, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। यह स्थिति न केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। निगम के अनुसार, डीसिल्टिंग कार्य के दौरान खोदी गई सड़क, ढकी गई नालियों या लगाए गए बैरिकेड्स को उसी दिन हटाकर स्थल को पूर्व स्थिति में बहाल करना अनिवार्य होगा।
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नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी क्षेत्र में अस्थायी अवरोध हटाने में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार, फील्ड स्टाफ एवं अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सीवर डीसिल्टिंग कार्य शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके कारण नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास एवं रखरखाव कार्यों के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा, सुगम यातायात और स्वच्छ वातावरण बनाए रखा जाए। -प्रदीप दहिया, निगमायुक्त