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Gurugram News: शिक्षक नदारद, चपरासी संभाल रहा कक्षाएं
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तावड़ू के मॉडल संस्कृति विद्यालय में बड़ा खुलासा, जांच में जुटा शिक्षा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नगर के बाईपास स्थित राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय-2 एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार को विद्यालय में उस समय स्थिति और भी चिंताजनक दिखाई दी जब एक चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी जफरुद्दीन बच्चों को पढ़ाते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि जैसे ही मोबाइल फोन से उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया गया, वह तुरंत वहां से उठकर चला गया। इस घटना ने विद्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय को लेकर पहले भी भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार दोपहर बाद शिक्षा विभाग की नौ सदस्यीय टीम विद्यालय पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक रिकॉर्ड व दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच टीम में फिरोजपुर झिरका खंड शिक्षा अधिकारी चरण देव, नगीना खंड शिक्षा अधिकारी बालकिशन, अकाउंटेंट, लीगल एडवाइजर, प्रिंसिपल आरिफ, प्रिंसिपल आंतिल तथा छपैड़ा की प्रिंसिपल प्रोमिला सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। जांच के दौरान दस्तावेजों में कई खामियां मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद टीम ने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए।
जांच अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय में जिन विकास कार्यों को फाइलों में पूरा दिखाया गया है, उनमें से कई कार्य धरातल पर नजर नहीं आए। ऐसे में अब वित्तीय अनियमितताओं और कार्यों की वास्तविक स्थिति की विस्तृत जांच की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका असर बच्चों के परीक्षा परिणामों में भी दिखाई दिया। हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में 54 विद्यार्थियों में से केवल आठ छात्र ही सफल हो सके, जबकि 38 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई। खराब परिणाम को लेकर कई अभिभावकों ने जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
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खंड शिक्षा अधिकारी नगीना बालकिशन और फिरोजपुर झिरका खंड शिक्षा अधिकारी चरण देव ने बताया कि जांच के दौरान मिले सभी दस्तावेज और रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिए गए हैं। मामले में विद्यालय प्रिंसिपल की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। विद्यालय में करीब 25 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसकी जांच जारी है। साथ ही शिक्षकों की अनुपस्थिति में चपरासी द्वारा कक्षा संचालित करने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नगर के बाईपास स्थित राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय-2 एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार को विद्यालय में उस समय स्थिति और भी चिंताजनक दिखाई दी जब एक चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी जफरुद्दीन बच्चों को पढ़ाते हुए नजर आया। बताया जा रहा है कि जैसे ही मोबाइल फोन से उसकी तस्वीर लेने का प्रयास किया गया, वह तुरंत वहां से उठकर चला गया। इस घटना ने विद्यालय की कार्यप्रणाली और शिक्षा विभाग की निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय को लेकर पहले भी भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सोमवार दोपहर बाद शिक्षा विभाग की नौ सदस्यीय टीम विद्यालय पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक रिकॉर्ड व दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच टीम में फिरोजपुर झिरका खंड शिक्षा अधिकारी चरण देव, नगीना खंड शिक्षा अधिकारी बालकिशन, अकाउंटेंट, लीगल एडवाइजर, प्रिंसिपल आरिफ, प्रिंसिपल आंतिल तथा छपैड़ा की प्रिंसिपल प्रोमिला सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। जांच के दौरान दस्तावेजों में कई खामियां मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद टीम ने महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिए।
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जांच अधिकारियों ने बताया कि विद्यालय में जिन विकास कार्यों को फाइलों में पूरा दिखाया गया है, उनमें से कई कार्य धरातल पर नजर नहीं आए। ऐसे में अब वित्तीय अनियमितताओं और कार्यों की वास्तविक स्थिति की विस्तृत जांच की जाएगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसका असर बच्चों के परीक्षा परिणामों में भी दिखाई दिया। हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में 54 विद्यार्थियों में से केवल आठ छात्र ही सफल हो सके, जबकि 38 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई। खराब परिणाम को लेकर कई अभिभावकों ने जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर शिकायत भी दर्ज कराई थी।
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खंड शिक्षा अधिकारी नगीना बालकिशन और फिरोजपुर झिरका खंड शिक्षा अधिकारी चरण देव ने बताया कि जांच के दौरान मिले सभी दस्तावेज और रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दिए गए हैं। मामले में विद्यालय प्रिंसिपल की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। विद्यालय में करीब 25 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिसकी जांच जारी है। साथ ही शिक्षकों की अनुपस्थिति में चपरासी द्वारा कक्षा संचालित करने का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।