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बिना स्क्रीनिंग प्रवेश करते हैं छात्र
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गुरुग्राम के द्रोणाचार्य महाविद्यालय में बिना मास्क लगाए समूह में बैठी छात्राएं - अंजू जी की खबर?
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। कॉलेजों मे 50 फीसदी छात्र ऑफलाइन माध्यम से कक्षाओं में भाग ले रहे हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशालय ने विशेष दिशानिर्देश भी जारी किए है, लेकिन इसके बाद भी द्रोणाचार्य राजकीय कॉलेज में अधूरी तैयारियों के साथ छात्रों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला जा रहा है। स्थिति यह है कि यहां पर एक भी स्कैनर नहीं है। ऐसे में छात्रों को बिना स्क्रीनिंग ही प्रवेश दिया जा रहा है।
इन दिनों ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई हो रही है। वहीं प्रवेश प्रक्रिया के लिए भी छात्रों की संख्या बढ़ी है। सामाजिक दूरी को देखते हुए रोस्टर प्रणाली के माध्यम से कक्षाओं को विभाजित भी किया गया। हालांकि कोरोना का आंकड़ा बढ़ने से दस फीसदी तक ही छात्र उपस्थित हो रहे थे। लेकिन अब फिर से संख्या बढ़ने लगी है। कॉलेज में दूरदराज से छात्र पहुंचते हैं। दोस्तों के मिलने के बाद वे एक समूह में बैठते हैं, इस कारण उनमें कोरोना संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज परिसर में बिना मास्क ही घूमते नजर आते हैं। वहीं कोरोनाकाल में प्रबंधन की अधूरी व्यवस्थाएं छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 17 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाओं को शुरू किया गया था।
वर्जन-
छात्रों में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। हालांकि कोरोना से बचाव के लिए तैयारी पूरी है, लेकिन जो भी व्यवस्थाएं अधूरी हैं, जल्द ही उन्हें पूरा किया जाएगा। मुख्य द्वार पर एक सहायता केंद्र भी बनाया जाएगा। - वीरेंद्र अंतिल, प्राचार्य, द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय
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इन दिनों ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से पढ़ाई हो रही है। वहीं प्रवेश प्रक्रिया के लिए भी छात्रों की संख्या बढ़ी है। सामाजिक दूरी को देखते हुए रोस्टर प्रणाली के माध्यम से कक्षाओं को विभाजित भी किया गया। हालांकि कोरोना का आंकड़ा बढ़ने से दस फीसदी तक ही छात्र उपस्थित हो रहे थे। लेकिन अब फिर से संख्या बढ़ने लगी है। कॉलेज में दूरदराज से छात्र पहुंचते हैं। दोस्तों के मिलने के बाद वे एक समूह में बैठते हैं, इस कारण उनमें कोरोना संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज परिसर में बिना मास्क ही घूमते नजर आते हैं। वहीं कोरोनाकाल में प्रबंधन की अधूरी व्यवस्थाएं छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 17 नवंबर से ऑफलाइन कक्षाओं को शुरू किया गया था।
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वर्जन-
छात्रों में सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए कमेटियों का गठन किया गया है। जागरूकता रैली भी निकाली जा रही है। हालांकि कोरोना से बचाव के लिए तैयारी पूरी है, लेकिन जो भी व्यवस्थाएं अधूरी हैं, जल्द ही उन्हें पूरा किया जाएगा। मुख्य द्वार पर एक सहायता केंद्र भी बनाया जाएगा। - वीरेंद्र अंतिल, प्राचार्य, द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय
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