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Gurugram News: फिर गहरा रहा स्मॉग का संकट, 386 रहा एक्यूआई

Tue, 14 Nov 2023 11:03 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Nov 2023 11:03 PM IST
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Smog crisis deepens again, AQI remains at 386
अस्थमा के मरीजों को श्वास लेने में परेशानी उठानी पड़ रही, प्रशासन ने पानी का छिड़काव शुरू कराया
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। स्मॉग एक बार फिर सांसों का संकट पैदा करने लगा है। दिवाली के दूसरे दिन मंगलवार को भी जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 386 रहा। अस्थमा के मरीजों को श्वास लेने में फिर से परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर, प्रशासन ने खराब स्थिति को देखते हुए एक बार फिर से सड़कों और पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है।

दिवाली के बाद हवाओं में घुले स्मॉग के कारण फिर से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 400 से अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक में बगैर मास्क सांस लेना श्वास के मरीजों के लिए जोखिम भरा है। इस हवा में घुले प्रदूषक रसायन अस्थमा, संक्रमण, सांसों में खिंचाव और फेफड़ों की सूजन जैसे दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को श्वास की दिक्कत अधिक हो रही है। मंगलवार को जिले में औसतन एक्यूआई 386 रहा। यह बेहद खराब श्रेणी है। इसमें क्षेत्रवार एक्यूआई भी घातक रहा। दिवाली से एक सप्ताह पहले आठ नवंबर को भी जिले में यही स्थिति देखने को मिली थी। बीते मंगलवार को ही गुरुग्राम के साथ ही पड़ोसी जिले फरीदाबाद में बीएस तीन (पेट्रोल) और बीएस चार (डीजल) श्रेणी के वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी।
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जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि राज्य के परिवहन आयुक्त की दोनों श्रेणी के चार पहिया लाइट मोटर व्हीकल के इस्तेमाल पर रोक अभी भी लागू है। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने के लिए एनसीआर में निर्माण पर फिलहाल प्रतिबंध है। सड़कों और पौधों पर पानी का छिड़काव जारी है। प्रशासन पूरी तरह से एक्यूआई पर नजर बनाए हुए है। हालात का जायजा लेकर स्थिति अनुसार जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के रजिस्ट्रार डॉ. एके पांडेय ने बताया कि दिवाली से दो दिन पहले हुई बरसात ने वायु गुणवत्ता में काफी सुधार किया। इससे मरीजों को भी राहत मिली। अब एक बार फिर त्योहार में वायु की गुणवत्ता खराब होने लगी है। इस हवा में सांस लेने से घातक प्रदूषक फेफड़ों में पहुंच रहे हैं। शरीर में पूरी तरह से ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही। कम ऑक्सीजन वाले रक्त के प्रवाह से लोगों को मांसपेशियों में दर्द, तनाव, एलर्जी, श्वास नली में सूजन, श्वास में दिक्कत जैसी समस्याएं होती हैं। अगले सप्ताह मौसम में बदलाव के बाद एक बार फिर बारिश के आसार हैं। ऐसे में बारिश के बाद ही हालात में सुधार की गुंजाइश है।
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तीन केंद्रों की रिपोर्ट में ही घातक मिला एक्यूआई, एक केंद्र रहा ठप

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने मंगलवार को जिले के तीन क्षेत्रों में लगे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मीटर के आधार पर रिपोर्ट जारी की। इसमें जिले का औसतन एक्यूआई 386 रहा। इस बीच ग्वाल पहाड़ी का मीटर ठप रहा। ऐसे में चारों केंद्रों की रिपोर्ट नहीं मिल सकी। इससे जिले की बिगड़ी वायु गुणवत्ता रिपोर्ट जारी नहीं की जा सकी बावजूद इसके जिले की औसतन वायु गुणवत्ता 386 के साथ बेहद खराब रही। उधर, विकास सदन का एक्यूआई 360 रहा। सेक्टर 51 का एक्यूआई 416 के साथ बेहद घातक रहा। ग्वाल पहाड़ी का मीटर ठप पड़ गया। टिहरी ग्राम का एक्यूआई 383 रहा।
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