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नूंह में हुए सांप्रदायिक बवाल की जांच करेगी एसआईटी : डीजीपी
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पत्रकारों से बातची करते हुए पुलिस महानिदेशक।
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एक एसआईटी के पास आठ से अधिक मामले नहीं होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुए बवाल के बाद दक्षिण हरियाणा में भड़की हिंसा की चिंगारी मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। हिंसा में जहां छह लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं साठ लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक कुल 41 केस दर्ज करते हुए 116 लोगों को गिरफ्तार किया है। 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। कई अन्य लोग अभी भी पुलिस के रडार पर हैं।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल ने यह बात बुधवार को पत्रकारों से कही। गुरुग्राम स्थित कमिश्नर कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने बताया कि जांच के लिए अलग-अलग एसआईटी गठित की जाएंगी। एक एसआईटी के पास आठ से अधिक मामले नहीं होंगे। ऐसी व्यवस्था इसलिए की गई है, जिससे जांच में कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि नूंह व गुरुग्राम में बुधवार को कोई भी हिंसा की घटना नहीं हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर उतारा गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाने को लेकर केंद्र से हरियाणा को अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां मिली हैं। इनमें से पलवल में तीन कंपनियां, फरीदाबाद में एक कंपनी और गुरुग्राम में दो कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि 14 कंपनियां नूंह में तैनात हैं। मधुबन व गुरुग्राम के ट्रेनी की भी ड्यूटी लगाई गई है।
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पत्रकारों ने डीजीपी से सवाल पूछा कि जब नूंह दंगे को लेकर पहले से ही खुफिया तंत्र द्वारा अलर्ट दिया गया था, तब भी पुलिस इसे रोकने में फेल कैसे हो गई। इस सवाल को टालते हुए उन्होंने इतना ही कहा कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो कई सवाल भी उठते हैं। जांच हो रही हैं, सब बातें सामने आ जाएंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह में जलाभिषेक यात्रा के दौरान हुए बवाल के बाद दक्षिण हरियाणा में भड़की हिंसा की चिंगारी मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। हिंसा में जहां छह लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं साठ लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक कुल 41 केस दर्ज करते हुए 116 लोगों को गिरफ्तार किया है। 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। कई अन्य लोग अभी भी पुलिस के रडार पर हैं।
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल ने यह बात बुधवार को पत्रकारों से कही। गुरुग्राम स्थित कमिश्नर कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए डीजीपी ने बताया कि जांच के लिए अलग-अलग एसआईटी गठित की जाएंगी। एक एसआईटी के पास आठ से अधिक मामले नहीं होंगे। ऐसी व्यवस्था इसलिए की गई है, जिससे जांच में कोई प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि नूंह व गुरुग्राम में बुधवार को कोई भी हिंसा की घटना नहीं हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर उतारा गया है।
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उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाने को लेकर केंद्र से हरियाणा को अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां मिली हैं। इनमें से पलवल में तीन कंपनियां, फरीदाबाद में एक कंपनी और गुरुग्राम में दो कंपनियां तैनात की गई हैं, जबकि 14 कंपनियां नूंह में तैनात हैं। मधुबन व गुरुग्राम के ट्रेनी की भी ड्यूटी लगाई गई है।
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पत्रकारों ने डीजीपी से सवाल पूछा कि जब नूंह दंगे को लेकर पहले से ही खुफिया तंत्र द्वारा अलर्ट दिया गया था, तब भी पुलिस इसे रोकने में फेल कैसे हो गई। इस सवाल को टालते हुए उन्होंने इतना ही कहा कि जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो कई सवाल भी उठते हैं। जांच हो रही हैं, सब बातें सामने आ जाएंगी।