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सशक्त शैशव अभियान : हर नवजात का बनेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड
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जन्म से लेकर टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य जांच तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज रहेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में अब नवजात बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। सशक्त शैशव, सुरक्षित परिवार अभियान के तहत हर नवजात बच्चे का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के जन्म से लेकर टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य जांच तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज रहेगी।
इस व्यवस्था से स्वास्थ्य विभाग को बच्चे की पूरी स्वास्थ्य स्थिति एक ही जगह पर देखने में आसानी होगी। बच्चे का टीकाकरण कब हुआ, कौन-सी स्वास्थ्य जांच हुई और आगे किस सेवा की जरूरत है, इसकी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेगी। इससे स्वास्थ्यकर्मी समय पर फॉलो-अप कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उपचार की सुविधा भी जल्द मिल सकेगी।
अभियान के तहत जननी, ई-चिन, आरसीएच 2.0 और पोषण ट्रैकर जैसे अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म को एकीकृत किया जाएगा। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी जानकारी को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। रियल-टाइम निगरानी के जरिये यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे को कब स्वास्थ्य या पोषण संबंधी सेवा की जरूरत है।
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नई व्यवस्था से खास तौर पर नवजात बच्चों की नियमित निगरानी आसान होगी। जन्म के बाद बच्चे को मिलने वाली जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और पोषण संबंधी जानकारी एक ही रिकॉर्ड में उपलब्ध होने से परिवार और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय बन सकेगा। इससे बच्चों को समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले में अब नवजात बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही डिजिटल मंच से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। सशक्त शैशव, सुरक्षित परिवार अभियान के तहत हर नवजात बच्चे का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के जन्म से लेकर टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य जांच तक की जानकारी ऑनलाइन दर्ज रहेगी।
इस व्यवस्था से स्वास्थ्य विभाग को बच्चे की पूरी स्वास्थ्य स्थिति एक ही जगह पर देखने में आसानी होगी। बच्चे का टीकाकरण कब हुआ, कौन-सी स्वास्थ्य जांच हुई और आगे किस सेवा की जरूरत है, इसकी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेगी। इससे स्वास्थ्यकर्मी समय पर फॉलो-अप कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उपचार की सुविधा भी जल्द मिल सकेगी।
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अभियान के तहत जननी, ई-चिन, आरसीएच 2.0 और पोषण ट्रैकर जैसे अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म को एकीकृत किया जाएगा। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी जानकारी को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। रियल-टाइम निगरानी के जरिये यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि किस बच्चे को कब स्वास्थ्य या पोषण संबंधी सेवा की जरूरत है।
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नई व्यवस्था से खास तौर पर नवजात बच्चों की नियमित निगरानी आसान होगी। जन्म के बाद बच्चे को मिलने वाली जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और पोषण संबंधी जानकारी एक ही रिकॉर्ड में उपलब्ध होने से परिवार और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय बन सकेगा। इससे बच्चों को समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।