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संक्रमण बढ़ने से कारोबारियों में बेचैनी बढ़ी
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गुरुग्राम। कोरोना महामारी के चलते पिछले एक साल के दौरान जिले के उद्योग-धंधों व व्यापार पर काफी बुरा असर पड़ा है। उद्योग-धंधों की गाड़ी अभी पूरी तरह से पटरी पर लौटी भी नहीं थी कि संक्रमण की रफ्तार के फिर से बढ़ने पर कारोबारियों में बेचैनी बढ़ गई है। उन्हें चिंता है कि अगर ऐसी ही स्थिति रही तो उनके भविष्य का क्या होगा।
बीते साल मार्च में देशभर में लॉकडाउन लगाया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थितियों में ज्यादा सुधार नहीं आ सका। जहां कई संस्थानों में व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, वहीं कई गतिविधियों पर अभी भी नियमों के साथ ही कार्य किए जा रहे हैं। कोरोना काल के बाद व्यापार व उद्योगों में भी कमी आई है। वहीं जिम, होटल और सिनेमा पर अब भी संकट के बादल हैं, क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव को देखते हुए लोग यहां जाने से बच रहे हैं। इससे इनके संचालकों को पर्याप्त आय नहीं हो पा रही।
जिम संचालकों की हालत खराब
शहर के बसई स्थित वर्ल्ड जिम के संचालक राकेश सिशौदिया ने बताया कि कोरोना काल के बाद एक साल पहले की बजाय जिम में सिर्फ 25 प्रतिशत ही लोग एक्सरसाइज करने पहुंच रहे हैं, जहां लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए ऐसी जगह नहीं आ रहे। वहीं काफी लोगों की नौकरी या रोजगार छूटने के बाद खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है, ऐसे में लोग जिम आदि में पैसे खर्च करने से बच रहे हैं। जिम में एक्सरसाइज करने वालों की संख्या घटने से उनको जिम चलाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि जिम की इमारत का किराया, बिजली का बिल एवं साफ-सफाई सहित अन्य खर्च निकालने मुश्किल हो गए हैं।
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गेस्ट हाउस के व्यवसाय का भी बुरा हाल
वहीं सिद्धेश्वर चौक के पास स्थित अजीत गेस्ट हाउस के संचालक सुरजीत यादव ने बताया कि लॉकडाउन के बाद गेस्ट हाउस में कम ही लोग आकर रुकते हैं। लॉकडाउन से पहले जहां नौकरी करने वाले युवा गेस्ट हाउस व पीजी में रहते थे। वहीं कोरोना महामारी के कारण काफी लोगों की नौकरी चली गई, जिससे यहां से काफी लोग अपने घरों को चले गए हैं, जिससे यहां पर गेस्ट हाउस व पीजी भी अधिकतर खाली पड़े हैं। इससे होटल व गेस्ट हाउस और पीजी का काम-धंधा भी चौपट हो चुुका है।
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बीते साल मार्च में देशभर में लॉकडाउन लगाया गया था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थितियों में ज्यादा सुधार नहीं आ सका। जहां कई संस्थानों में व्यापारिक गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, वहीं कई गतिविधियों पर अभी भी नियमों के साथ ही कार्य किए जा रहे हैं। कोरोना काल के बाद व्यापार व उद्योगों में भी कमी आई है। वहीं जिम, होटल और सिनेमा पर अब भी संकट के बादल हैं, क्योंकि कोरोना वायरस से बचाव को देखते हुए लोग यहां जाने से बच रहे हैं। इससे इनके संचालकों को पर्याप्त आय नहीं हो पा रही।
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जिम संचालकों की हालत खराब
शहर के बसई स्थित वर्ल्ड जिम के संचालक राकेश सिशौदिया ने बताया कि कोरोना काल के बाद एक साल पहले की बजाय जिम में सिर्फ 25 प्रतिशत ही लोग एक्सरसाइज करने पहुंच रहे हैं, जहां लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए ऐसी जगह नहीं आ रहे। वहीं काफी लोगों की नौकरी या रोजगार छूटने के बाद खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है, ऐसे में लोग जिम आदि में पैसे खर्च करने से बच रहे हैं। जिम में एक्सरसाइज करने वालों की संख्या घटने से उनको जिम चलाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि जिम की इमारत का किराया, बिजली का बिल एवं साफ-सफाई सहित अन्य खर्च निकालने मुश्किल हो गए हैं।
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गेस्ट हाउस के व्यवसाय का भी बुरा हाल
वहीं सिद्धेश्वर चौक के पास स्थित अजीत गेस्ट हाउस के संचालक सुरजीत यादव ने बताया कि लॉकडाउन के बाद गेस्ट हाउस में कम ही लोग आकर रुकते हैं। लॉकडाउन से पहले जहां नौकरी करने वाले युवा गेस्ट हाउस व पीजी में रहते थे। वहीं कोरोना महामारी के कारण काफी लोगों की नौकरी चली गई, जिससे यहां से काफी लोग अपने घरों को चले गए हैं, जिससे यहां पर गेस्ट हाउस व पीजी भी अधिकतर खाली पड़े हैं। इससे होटल व गेस्ट हाउस और पीजी का काम-धंधा भी चौपट हो चुुका है।