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Gurugram News: द्वारका एक्सप्रेसवे सोसाइटियों पर बिजली संकट का साया
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- दूर से आने वाली अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट का खतरा, कटौती से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़ी सोसाइटियों के निवासी इस गर्मी में संभावित बिजली संकट को लेकर चिंतित हैं। दूर-दराज से आने वाली अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट की आशंका के चलते लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती झेलनी पड़ सकती है, जबकि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा। सेक्टर-103 स्थित सत्या हर्मिटेज, सिग्नेचर ग्लोबल, इंडिया बुल्स सेंट्रम पार्क और ग्रैंड आइवा जैसी सोसाइटियों में हर साल गर्मियों के दौरान केबल फॉल्ट के कारण 24 से 36 घंटे तक बिजली गुल रहने की समस्या सामने आती रही है। पहले 11 केवी लाइन करीब 4 किमी दूर दौलताबाद सबस्टेशन से आती थी, जबकि अब 33 केवी लाइन सेक्टर-107 के स्विचिंग स्टेशन से जोड़ी गई है, जो करीब 5 किमी दूर है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूरी बढ़ने से फॉल्ट ढूंढने और मरम्मत में अधिक समय लगता है। एक ही लाइन से कई सोसाइटियां जुड़ी होने के कारण किसी एक जगह फॉल्ट आने पर सभी क्षेत्रों की बिजली प्रभावित होती है। लोगों का आरोप है कि मरम्मत में देरी के दौरान उन्हें डीजी सेट का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में परेशानी से राहत मिल सके।
लोगों ने कहा -
5 किमी लंबी लाइन और कई सोसाइटियों के कनेक्शन के कारण फॉल्ट आने पर घंटों जांच और मरम्मत में लगते हैं। — बृजकिशोर, पूर्व अध्यक्ष सत्या हर्मिटेज
दूर से आने वाली लाइन की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च होते हैं, साथ ही लंबे समय तक डीजी सेट चलाना पड़ता है। — सौरभ चौधरी, अध्यक्ष इंडिया बुल्स सेंट्रम पार्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़ी सोसाइटियों के निवासी इस गर्मी में संभावित बिजली संकट को लेकर चिंतित हैं। दूर-दराज से आने वाली अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट की आशंका के चलते लोगों को लंबे समय तक बिजली कटौती झेलनी पड़ सकती है, जबकि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा। सेक्टर-103 स्थित सत्या हर्मिटेज, सिग्नेचर ग्लोबल, इंडिया बुल्स सेंट्रम पार्क और ग्रैंड आइवा जैसी सोसाइटियों में हर साल गर्मियों के दौरान केबल फॉल्ट के कारण 24 से 36 घंटे तक बिजली गुल रहने की समस्या सामने आती रही है। पहले 11 केवी लाइन करीब 4 किमी दूर दौलताबाद सबस्टेशन से आती थी, जबकि अब 33 केवी लाइन सेक्टर-107 के स्विचिंग स्टेशन से जोड़ी गई है, जो करीब 5 किमी दूर है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दूरी बढ़ने से फॉल्ट ढूंढने और मरम्मत में अधिक समय लगता है। एक ही लाइन से कई सोसाइटियां जुड़ी होने के कारण किसी एक जगह फॉल्ट आने पर सभी क्षेत्रों की बिजली प्रभावित होती है। लोगों का आरोप है कि मरम्मत में देरी के दौरान उन्हें डीजी सेट का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि गर्मी के मौसम में परेशानी से राहत मिल सके।
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लोगों ने कहा -
5 किमी लंबी लाइन और कई सोसाइटियों के कनेक्शन के कारण फॉल्ट आने पर घंटों जांच और मरम्मत में लगते हैं। — बृजकिशोर, पूर्व अध्यक्ष सत्या हर्मिटेज
दूर से आने वाली लाइन की मरम्मत में लाखों रुपये खर्च होते हैं, साथ ही लंबे समय तक डीजी सेट चलाना पड़ता है। — सौरभ चौधरी, अध्यक्ष इंडिया बुल्स सेंट्रम पार्क
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