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प्रदूषण ने पकड़ी रफ्तार, एक्यूआई @262
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गुरुग्राम। हर बार की तरह इस बार भी दिवाली से पहले ही शहर की हवा बिगड़नी शुरू हो गई है। स्थिति यह है कि रविवार को शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 262 दर्ज किया गया। इसमें भी टेरी ग्राम इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जहां दोपहर 3 बजे एक्यूआई 305 दर्ज किया गया। इसी तरह सर्वाधिक प्रदूषण के मामले में विकास सदन दूसरे व सेक्टर-51 तीसरे स्थान पर रहा। इसके लिए तापमान में गिरावट व ग्रेप के अनुपालन में की जा रही लापरवाही को प्राथमिक तौर पर जिम्मेदार माना जा रहा है।
वहीं, दिवाली से पहले पटाखे भी शहर की हवा बिगाड़ने लगे हैं। वैसे तो सामान्य पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है लेकिन चोरी-छिपे अवैध रूप से पटाखों की बिक्री जारी है। इसके चलते कहीं न कहीं प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, औपचारिक तौर पर रोक के बावजूद शाम होते ही सुनाई देने वाले पटाखों के शोर को देखते हुए वास्तविक स्थिति का सहज ही आकलन किया जा सकता है। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पीएम-2.5 व पीएम-10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा भी तेजी से बढ़ी है। पीएम-2.5 की औसत मात्रा 30 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए लेकिन रविवार को इसकी औसत मात्रा बढ़कर 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई।
सप्ताह भर में 6 डिग्री तक गिरा तापमान
वहीं, पिछले पखवाड़े भर में तापमान में भी तेजी से गिरावट देखने को मिली है। स्थिति यह है कि पिछले एक सप्ताह में ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते भी कहीं न कहीं प्रदूषण में इजाफा हो रहा है। रविवार को सेक्टर-51 में एक्यूआई 252, ग्वाल पहाड़ी में 214 व विकास सदन में एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। इन सबके बावजूद शहर की धूलभरी सड़कों पर पानी के छिड़काव को लेकर प्रशासन का रवैया अब भी लापरवाही भरा है। सोहना रोड, सेक्टर-10 रोड समेत शहर की कई धूलभरी सड़कों के चलते प्रदूषण बढ़ रहा है।
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वहीं, दिवाली से पहले पटाखे भी शहर की हवा बिगाड़ने लगे हैं। वैसे तो सामान्य पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है लेकिन चोरी-छिपे अवैध रूप से पटाखों की बिक्री जारी है। इसके चलते कहीं न कहीं प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं, औपचारिक तौर पर रोक के बावजूद शाम होते ही सुनाई देने वाले पटाखों के शोर को देखते हुए वास्तविक स्थिति का सहज ही आकलन किया जा सकता है। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पीएम-2.5 व पीएम-10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा भी तेजी से बढ़ी है। पीएम-2.5 की औसत मात्रा 30 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए लेकिन रविवार को इसकी औसत मात्रा बढ़कर 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई।
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सप्ताह भर में 6 डिग्री तक गिरा तापमान
वहीं, पिछले पखवाड़े भर में तापमान में भी तेजी से गिरावट देखने को मिली है। स्थिति यह है कि पिछले एक सप्ताह में ही अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते भी कहीं न कहीं प्रदूषण में इजाफा हो रहा है। रविवार को सेक्टर-51 में एक्यूआई 252, ग्वाल पहाड़ी में 214 व विकास सदन में एक्यूआई 272 दर्ज किया गया। इन सबके बावजूद शहर की धूलभरी सड़कों पर पानी के छिड़काव को लेकर प्रशासन का रवैया अब भी लापरवाही भरा है। सोहना रोड, सेक्टर-10 रोड समेत शहर की कई धूलभरी सड़कों के चलते प्रदूषण बढ़ रहा है।
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