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प्रदूषण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, एक दिन में 195 से 308 पहुंचा एक्यूआई
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गुरुग्राम। दशहरे के अगले दिन शनिवार को वायु प्रदूषण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक दिन पहले के मुकाबले 114 अंकों की बढ़त के साथ 308 पर दर्ज किया गया। शुक्रवार को जिले का एक्यूआई 195 एसपीएम (सस्पेंडेड पर्टिकुलेट मैटर) था। विंड पैटर्न ऐंड वेंटिलेशन इंडेक्स के संकेतों पर गौर करें तो आगामी दिनों में वातावरण की स्थिति और भी खराब हो सकती है।
बावजूद इसके, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की तरफ से लागू ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान (ग्रैप) का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि सेक्टर-10, सेक्टर-9 व 9ए, सोहना रोड, महावीर चौक की धूलभरी सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव तक नहीं कराया जा रहा है। हालांकि, शनिवार को हुई प्रदूषण में बढ़ोतरी कोई अप्रत्याशित नहीं है। पिछले वर्षों के प्रदूषण के आंकड़ों पर गौर करें तो दशहरे के अगले दिन प्रदूषण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिलती रही है। इसी क्रम में शनिवार को भी शहर में प्रदूषण मानसून के बाद के सर्वोच्च स्तर 308 एसपीएम पर पहुंच गया।
सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित
सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को भी शहर का सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां पर एक्यूआई सर्वाधिक 359 एसपीएम दर्ज किया गया और उसमें भी पीएम-2.5 कणों की औसत मात्रा 325 माइक्रोग्राम प्रति घर मीटर तक दर्ज की गई। वहीं, पीएम-10 की मात्रा 359 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति बेहद खराब मानी जाती है। वहीं, मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आगामी दिनों में जैसे-जैसे तापमान कम होगा प्रदूषणकारी कण सतह पर आएंगे और उस स्थिति में प्रदूषण और बढ़ेगा।
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बावजूद इसके, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) की तरफ से लागू ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान (ग्रैप) का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि सेक्टर-10, सेक्टर-9 व 9ए, सोहना रोड, महावीर चौक की धूलभरी सड़कों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव तक नहीं कराया जा रहा है। हालांकि, शनिवार को हुई प्रदूषण में बढ़ोतरी कोई अप्रत्याशित नहीं है। पिछले वर्षों के प्रदूषण के आंकड़ों पर गौर करें तो दशहरे के अगले दिन प्रदूषण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिलती रही है। इसी क्रम में शनिवार को भी शहर में प्रदूषण मानसून के बाद के सर्वोच्च स्तर 308 एसपीएम पर पहुंच गया।
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सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित
सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को भी शहर का सेक्टर-51 इलाका सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां पर एक्यूआई सर्वाधिक 359 एसपीएम दर्ज किया गया और उसमें भी पीएम-2.5 कणों की औसत मात्रा 325 माइक्रोग्राम प्रति घर मीटर तक दर्ज की गई। वहीं, पीएम-10 की मात्रा 359 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही। स्वास्थ्य के लिहाज से यह स्थिति बेहद खराब मानी जाती है। वहीं, मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक आगामी दिनों में जैसे-जैसे तापमान कम होगा प्रदूषणकारी कण सतह पर आएंगे और उस स्थिति में प्रदूषण और बढ़ेगा।
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