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Gurugram News: प्रदूषण बढ़ने से खिलाड़ियों ने छोड़ी आउटडोर प्रैक्टिस
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खेल मैदानों पर स्मॉग फैला, सांस लेने में हो रही दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिवाली के बाद गुरुग्राम की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। मंगलवार सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के पार पहुंच गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, खेल मैदानों में स्मॉग फैल गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इस कारण अब शहर के खिलाड़ी आउटडोर की बजाय इनडोर में अभ्यास करने को मजबूर हो गए हैं।
राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ी अब बॉक्सिंग हॉल, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट और जिम में अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल खिलाड़ियों की सहनशक्ति और अभ्यास पर असर पड़ता है, बल्कि उन्हें खांसी, गले में जलन और थकान की शिकायत भी बढ़ जाती है। जिला खेल अधिकारी आरती कोहली ने बताया कि दिवाली के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। हमने खिलाड़ियों को फिलहाल आउटडोर अभ्यास से बचने की सलाह दी है।
सभी अकादमियों को इनडोर प्रैक्टिस का विकल्प अपनाने को कहा गया है, ताकि खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बाधित न हो। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें इस समय मास्क लगाकर भी दौड़ना या वार्मअप करना मुश्किल हो रहा है। उनका मानना है कि जब तक हवा की गुणवत्ता सुधर नहीं जाती, तब तक इनडोर ही सुरक्षित विकल्प है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का यह स्तर न केवल खिलाड़ियों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खतरनाक है। आने वाले दिनों में यदि हवा की दिशा और मौसम में सुधार नहीं हुआ तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दिवाली के बाद गुरुग्राम की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। मंगलवार सुबह शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 350 के पार पहुंच गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। वहीं, खेल मैदानों में स्मॉग फैल गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इस कारण अब शहर के खिलाड़ी आउटडोर की बजाय इनडोर में अभ्यास करने को मजबूर हो गए हैं।
राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ी अब बॉक्सिंग हॉल, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट और जिम में अपनी फिटनेस पर काम कर रहे हैं। प्रशिक्षकों का कहना है कि प्रदूषण से न केवल खिलाड़ियों की सहनशक्ति और अभ्यास पर असर पड़ता है, बल्कि उन्हें खांसी, गले में जलन और थकान की शिकायत भी बढ़ जाती है। जिला खेल अधिकारी आरती कोहली ने बताया कि दिवाली के बाद शहर में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। हमने खिलाड़ियों को फिलहाल आउटडोर अभ्यास से बचने की सलाह दी है।
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सभी अकादमियों को इनडोर प्रैक्टिस का विकल्प अपनाने को कहा गया है, ताकि खिलाड़ियों का प्रशिक्षण बाधित न हो। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें इस समय मास्क लगाकर भी दौड़ना या वार्मअप करना मुश्किल हो रहा है। उनका मानना है कि जब तक हवा की गुणवत्ता सुधर नहीं जाती, तब तक इनडोर ही सुरक्षित विकल्प है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का यह स्तर न केवल खिलाड़ियों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी खतरनाक है। आने वाले दिनों में यदि हवा की दिशा और मौसम में सुधार नहीं हुआ तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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