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Gurugram News: रोडवेज बसों के चक्का जाम से परेशान रहे यात्री
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भैयादूज पर महिलाएं छोटे बच्चों के साथ काफी देर तक करती रहीं बसों का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अंबाला में बस चालक की हत्या के विरोध में बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का चक्का जाम रखा। रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण भैयादूज पर महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम डिपो में 170 रोडवेज बसें हैं, जिनमें से गुरुग्राम डिपो प्रबंधन की ओर से बुधवार को चंडीगढ़, आगरा, जयपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कटरा, हल्द्वानी, हरिद्वार रूट पर 26 बसों को चलाया गया। डिपो प्रबंधन के अनुसार 53 रोडवेज बसें रात्रि ठहराव पर थीं, जोकि अपने-अपने रूटों पर संचालित की गईं।
रोडवेज बसों के चक्का जाम से गुरुग्राम में भी लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें हुईं। भैयादूज मनाने के लिए महिलाओं को अपने भाइयों के घर जाने और भाइयों को अपनी बहनों के घर आने में दिक्कत हुई। महिलाओं ने छोटे बच्चों के साथ बस अड्डा परिसर में खड़े होकर बसों का इंतजार किया। बसों का संचालन नहीं होने के कारण काफी यात्री जहां निजी बसों, मेट्रो और ट्रेनों के द्वारा अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए हैं, वहीं काफी यात्री बस अड्डे पर रोडवेज बसों का इंतजार करके वापस अपने घर लौट गए।
भैयादूज पर अपने भाइयों के घर जाने वाली महिलाएं रोडवेज कर्मचारियों और निजी बस संचालकों से विभिन्न रूटों की बसों की जानकारी लेती दिखाई दीं। रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ा। जिले के कई रूटों पर निजी बसें भी नहीं चलने के कारण काफी यात्रियों ने बस अड्डे पर ही काफी देर इंतजार किया और कोई साधन नहीं मिलने पर अपने घरों को वापस लौट गए।
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ऑटो व कैब चालकों ने मनमाना किराया वसूला
रोडवेज बसों के चक्का जाम का फायदा ऑटो व कैब चालकों ने भी उठाया। इन्होंने यात्रियों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूला। हालांकि डीटीसी के अलावा उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड परिवहन विभाग की बसें गुरुग्राम डिपो पहुंचीं। इन बसों में सवार होकर यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। इसके अलावा दिल्ली से राजस्थान की ओर जाने वाली बसों को पकड़ने के लिए यात्री इफ्को चौक व राजीव चौक पहुंचे और अपने गंतव्य के लिए सफर किया।
कर्मचारियों ने धरना देकर की नारेबाजी
रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर गुरुग्राम में मंगलवार की रात 12 बजे से बसों का चक्का जाम कर दिया गया था। रोडवेज कर्मचारियों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना देकर नारेबाजी भी की। धरना पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार की 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाए।
रोडवेज बसों के नहीं चलने से भैयादूज पर महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को परेशानी हुई। बुधवार को गुरुग्राम डिपो से 26 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया, जबकि रात्रि ठहराव वाली 53 बसें अपने-अपने रूट पर संचालित हुईं। कर्मचारियों की हड़ताल आगे बढ़ती है तो परिवहन विभाग के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार अहलावत, महाप्रबंधक, गुरुग्राम बस डिपो
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अंबाला में बस चालक की हत्या के विरोध में बुधवार को रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का चक्का जाम रखा। रोडवेज की बसें नहीं चलने के कारण भैयादूज पर महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। गुरुग्राम डिपो में 170 रोडवेज बसें हैं, जिनमें से गुरुग्राम डिपो प्रबंधन की ओर से बुधवार को चंडीगढ़, आगरा, जयपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कटरा, हल्द्वानी, हरिद्वार रूट पर 26 बसों को चलाया गया। डिपो प्रबंधन के अनुसार 53 रोडवेज बसें रात्रि ठहराव पर थीं, जोकि अपने-अपने रूटों पर संचालित की गईं।
रोडवेज बसों के चक्का जाम से गुरुग्राम में भी लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतें हुईं। भैयादूज मनाने के लिए महिलाओं को अपने भाइयों के घर जाने और भाइयों को अपनी बहनों के घर आने में दिक्कत हुई। महिलाओं ने छोटे बच्चों के साथ बस अड्डा परिसर में खड़े होकर बसों का इंतजार किया। बसों का संचालन नहीं होने के कारण काफी यात्री जहां निजी बसों, मेट्रो और ट्रेनों के द्वारा अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए हैं, वहीं काफी यात्री बस अड्डे पर रोडवेज बसों का इंतजार करके वापस अपने घर लौट गए।
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भैयादूज पर अपने भाइयों के घर जाने वाली महिलाएं रोडवेज कर्मचारियों और निजी बस संचालकों से विभिन्न रूटों की बसों की जानकारी लेती दिखाई दीं। रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ा। जिले के कई रूटों पर निजी बसें भी नहीं चलने के कारण काफी यात्रियों ने बस अड्डे पर ही काफी देर इंतजार किया और कोई साधन नहीं मिलने पर अपने घरों को वापस लौट गए।
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ऑटो व कैब चालकों ने मनमाना किराया वसूला
रोडवेज बसों के चक्का जाम का फायदा ऑटो व कैब चालकों ने भी उठाया। इन्होंने यात्रियों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूला। हालांकि डीटीसी के अलावा उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड परिवहन विभाग की बसें गुरुग्राम डिपो पहुंचीं। इन बसों में सवार होकर यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। इसके अलावा दिल्ली से राजस्थान की ओर जाने वाली बसों को पकड़ने के लिए यात्री इफ्को चौक व राजीव चौक पहुंचे और अपने गंतव्य के लिए सफर किया।
कर्मचारियों ने धरना देकर की नारेबाजी
रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर गुरुग्राम में मंगलवार की रात 12 बजे से बसों का चक्का जाम कर दिया गया था। रोडवेज कर्मचारियों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना देकर नारेबाजी भी की। धरना पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और परिवार की 50 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाए।
रोडवेज बसों के नहीं चलने से भैयादूज पर महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को परेशानी हुई। बुधवार को गुरुग्राम डिपो से 26 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया, जबकि रात्रि ठहराव वाली 53 बसें अपने-अपने रूट पर संचालित हुईं। कर्मचारियों की हड़ताल आगे बढ़ती है तो परिवहन विभाग के आदेशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- प्रदीप कुमार अहलावत, महाप्रबंधक, गुरुग्राम बस डिपो