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आंदोलन की आड़ में किसानों को गुमराह कर रहे हैं विपक्षी नेता : अजय चौटाला
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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला।
- फोटो : Gurgaon
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गुरुग्राम। आंदोलन की आड़ में विपक्षी नेता किसानों को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को विपक्षी नेताओं से सचेत रहना चाहिए। यह बातें जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने गुरुग्राम में जिला कार्यकारिणी को संबोधित करते हुए कही। इनेलो व परिवार की एकजुटता के सवाल पर उन्होंने कहा कि स्थितियां कभी भी बदल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार गरीब किसान, मजदूर वर्ग के हित में काम करते हुए प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जा रही है। अजय चौटाला ने पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सक्रिय सदस्यता अभियान के तहत हर हलके में 500 मेहनती, कर्मठ व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सक्रिय कार्यकर्ता बनाएं और बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करें। सक्रिय कार्यकर्ता बनने के बाद ये लोग दूसरे चरण में सामान्य सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी का प्रचार करते हुए घर-घर जाकर नए लोगों को पार्टी से जोड़ेंगे।
जजपा के वादों को पूरा कर रही सरकार
इस अवसर पर चौटाला ने कहा कि जजपा 25 सितंबर को देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाएगी। कहा कि पार्टी नेे प्रदेश के तमाम वर्गों से जो चुनावी वादे किए थे, उन्हें प्रदेश सरकार तेजी से अमलीजामा पहना रही है। राज्य सरकार देशभर में सबसे ज्यादा फसलों पर एमएसपी किसानों को दे रही है तो वहीं मंडी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई मंडियां भी बनाई जा रही हैं। यही नहीं, फसल खरीद के बाद राज्य सरकार सीधा किसानों के खाते में भुगतान कर कर रही है।
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किसान नेता भी बातचीत के लिए आगे आएं
किसान आंदोलन के संदर्भ में डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान सड़क पर बैठकर नहीं, बल्कि बातचीत करके ही होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत के लिए तैयार है इसलिए किसान नेता भी बातचीत के लिए आगे आएं। कहा कि अगर किसान नेता केंद्र सरकार से चर्चा करना चाहते हैं तो हम केंद्र से बातचीत करके मध्यस्थता करवाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में विपक्षी नेता किसानों को गुमराह करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे हैं।
कोरोना महामारी ने विकास कार्यों में डाली बाधा
जजपा के राष्ट्रीय ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के पौने दो साल के कार्यकाल में जो काम होने चाहिए थे वो नहीं हुए क्योंकि कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण सीधे तौर पर संपर्क भी कट गया। इससे विकास की गति थम गई थी। अब कोरोना पहले से कम हुआ है और विकास में तेजी आई है। विपक्षी नेताओं के द्वारा उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से त्यागपत्र मांगने के मुद्दे पर अजय चौटाला ने कहा कि दुष्यंत त्यागपत्र क्यों दें। त्यागपत्र तो चुने हुए सांसद व पांच राज्यसभा सांसदों को देना चाहिए जबकि दुष्यंत ने तो इन कृषि कानूनों पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।
मेरी जेब में रखे हैं 10 विधायकों के त्याग पत्र
उन्होंने कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के त्यागपत्र से समस्या हल होती तो दस के दस विधायकों के त्यागपत्र मेरी मेरी जेब में है। त्याग पत्र तो दुष्यंत के चाचा ने दिया था लेकिन हल नहीं निकला। हल तो बातचीत से ही निकलेगा।
किस गणित से कह रहे कि बिखर जाएगी सरकार
इनेलो के ऐलनाबाद उपचुनावों के बाद सरकार के बिखरने के सवाल पर डॉ. चौटाला ने कहा कि जब भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार बनी थी। तब भी इनेलो-कांग्रेस के नेता कहते थे कि छह माह की सरकार है। अब कह रहे हैं कि ऐलनाबाद उपचुनाव के बाद बिखर जाएगी। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि किस गणित से सरकार बिखर जाएगी। सरकार गिराने के लिए 46 की संख्या चाहिए और कांग्रेस समेत सभी विधायकों को मिला दें तो भी यह संख्या नहीं बन सकती।
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उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा-जजपा की गठबंधन सरकार गरीब किसान, मजदूर वर्ग के हित में काम करते हुए प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जा रही है। अजय चौटाला ने पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सक्रिय सदस्यता अभियान के तहत हर हलके में 500 मेहनती, कर्मठ व निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सक्रिय कार्यकर्ता बनाएं और बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी करें। सक्रिय कार्यकर्ता बनने के बाद ये लोग दूसरे चरण में सामान्य सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी का प्रचार करते हुए घर-घर जाकर नए लोगों को पार्टी से जोड़ेंगे।
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जजपा के वादों को पूरा कर रही सरकार
इस अवसर पर चौटाला ने कहा कि जजपा 25 सितंबर को देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाएगी। कहा कि पार्टी नेे प्रदेश के तमाम वर्गों से जो चुनावी वादे किए थे, उन्हें प्रदेश सरकार तेजी से अमलीजामा पहना रही है। राज्य सरकार देशभर में सबसे ज्यादा फसलों पर एमएसपी किसानों को दे रही है तो वहीं मंडी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए नई मंडियां भी बनाई जा रही हैं। यही नहीं, फसल खरीद के बाद राज्य सरकार सीधा किसानों के खाते में भुगतान कर कर रही है।
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किसान नेता भी बातचीत के लिए आगे आएं
किसान आंदोलन के संदर्भ में डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान सड़क पर बैठकर नहीं, बल्कि बातचीत करके ही होता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत के लिए तैयार है इसलिए किसान नेता भी बातचीत के लिए आगे आएं। कहा कि अगर किसान नेता केंद्र सरकार से चर्चा करना चाहते हैं तो हम केंद्र से बातचीत करके मध्यस्थता करवाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ये भी कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में विपक्षी नेता किसानों को गुमराह करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे हैं।
कोरोना महामारी ने विकास कार्यों में डाली बाधा
जजपा के राष्ट्रीय ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार के पौने दो साल के कार्यकाल में जो काम होने चाहिए थे वो नहीं हुए क्योंकि कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण सीधे तौर पर संपर्क भी कट गया। इससे विकास की गति थम गई थी। अब कोरोना पहले से कम हुआ है और विकास में तेजी आई है। विपक्षी नेताओं के द्वारा उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से त्यागपत्र मांगने के मुद्दे पर अजय चौटाला ने कहा कि दुष्यंत त्यागपत्र क्यों दें। त्यागपत्र तो चुने हुए सांसद व पांच राज्यसभा सांसदों को देना चाहिए जबकि दुष्यंत ने तो इन कृषि कानूनों पर हस्ताक्षर भी नहीं किए।
मेरी जेब में रखे हैं 10 विधायकों के त्याग पत्र
उन्होंने कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के त्यागपत्र से समस्या हल होती तो दस के दस विधायकों के त्यागपत्र मेरी मेरी जेब में है। त्याग पत्र तो दुष्यंत के चाचा ने दिया था लेकिन हल नहीं निकला। हल तो बातचीत से ही निकलेगा।
किस गणित से कह रहे कि बिखर जाएगी सरकार
इनेलो के ऐलनाबाद उपचुनावों के बाद सरकार के बिखरने के सवाल पर डॉ. चौटाला ने कहा कि जब भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार बनी थी। तब भी इनेलो-कांग्रेस के नेता कहते थे कि छह माह की सरकार है। अब कह रहे हैं कि ऐलनाबाद उपचुनाव के बाद बिखर जाएगी। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि किस गणित से सरकार बिखर जाएगी। सरकार गिराने के लिए 46 की संख्या चाहिए और कांग्रेस समेत सभी विधायकों को मिला दें तो भी यह संख्या नहीं बन सकती।