Nuh Shobha Yatra: पुलिस के पहरे में पूरी हुई जलाभिषेक यात्रा, हर तरफ रहा सन्नाटा; प्रशासन ने ली राहत की सांस
नूंह जिला प्रशासन ने सोमवार को लोगों को घरों से बाहर निकलने से मना करने पर बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, सरकारी कार्यालय खुले रहे थे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप), सर्वजातीय हिंदू महापंचायत और बजरंग दल समेत अन्य संगठनों के आह्वान पर सावन माह के अंतिम सोमवार को ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा पुलिस के कड़े पहरे में पूरी कराई गई। यात्रा में शामिल होने पहुंचे 51 लोगों को पहले नूंह जिले की पुलिस लाइन में एकत्र किया गया। इसके बाद पुलिस की सुरक्षा में सभी को तीन मिनी बसों के माध्यम से नलहरेश्वर मंदिर ले जाकर उनसे जलाभिषेक कराया गया। इन 51 लोगों में विश्व हिंदू परिषद कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के साथ ही अन्य पदाधिकारी, बजरंग दल पदाधिकारी, गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ मठ के महंत नारायण गिरी, पटौदी मठ के महंत महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव आदि शामिल रहे।
इससे पहले यात्रा के एलान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने नूंह जिले की सभी सीमाओं को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया था। इन बैरिकेड पर पुलिस के साथ ही आरएएफ और सीआरपीएफ के जवान मुस्तैद थे। किसी भी बाहरी व्यक्ति को नूंह में प्रवेश नहीं दिया गया। नूंह के भी उन लोगों को ही अंदर जाने की अनुमति थी, जिनके पास आधार कार्ड या पहचान का कोई अन्य दस्तावेज था।
दूसरी ओर जलाभिषेक यात्रा को पूरा करने के लिए विहिप व अन्य संगठनों के आह्वान पर कई राज्यों और जिलों के लोग सुबह से ही नूंह की ओर कूच कर गए थे। इन सभी को पुलिस ने अलग-अलग नाकों पर रोक लिया। बाद में उच्चस्तर पर हुई बात के बाद इन सभी को नूंह पुलिस लाइन तक जाने की अनुमति दी गई। पुलिस लाइन में एकत्र हुए लोगों और साधु संतों में से 51 लोगों को जलाभिषेक करने की अनुमति इस शर्त पर दी गई कि अपने वाहन से मंदिर पर कोई नहीं जाएगा।
पुलिस के तीन वाहनों में सवार होकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालु
इसके बाद पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए तीन वाहनों में सवार होकर सभी 51 लोग नलहरेश्वर मंदिर के लिए निकले। इनमें मुख्य रूप से विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंडलेश्वर संत धर्मदेव महाराज, महंत नारायण गिरी महाराज, आरएसएस के विजय, सुनील, सुरेंद्र प्रताप, नूंह के भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल, विहिप के गुरुग्राम महामंत्री यशवंत शेखावत, विहिप जिला प्रधान अजीत सिंह, उप प्रधान सुरेंद्र सिंह, जिला संयोजक बजरंग दल गगनदीप चौहान, प्रवीन हिंदुस्तानी, विहिप के विभाग मंत्री देवेंद्र सिंह मानेसर सहित अन्य मौजूद रहे। सभी ने नल्हड़ के नलहरेश्वर मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। इसके बाद जत्था दोपहर 12 बजे नूंह से 35 किलोमीटर दूर फिरोजपुर झिरका के शिव मंदिर में पहुंचा और यहां जलाभिषेक किया। यहां से दोपहर बाद जत्था करीब 50 किलोमीटर दूरी पर स्थित पुन्हाना के सिंगार गांव स्थित राधा कृष्ण मंदिर में पहुंचा। यहां भी जलाभिषेक करने के बाद पुलिस के पहरे में ही जत्थे को वापस नूंह पुलिस लाइन लाया गया, जहां से सभी लोग अपने-अपने वाहनों में सवार होकर गंतव्य को रवाना हो गए।
मेवात का इलाका संवेदनशील
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि मेवात का इलाका संवेदनशील है, इसलिए हमने 31 जुलाई को हिंसा की वजह से अधूरी रह गई यात्रा को छोटा किया, लेकिन अधूरा नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि पिछली बार जो यात्रा बीच में छूट गई थी। उसे सावन के सोमवार को पूरा करना जरूरी था। यही कारण रहा कि उन्होंने सावन के आखिरी सोमवार को जलाभिषेक किया।
मंदिर में बाहरी व्यक्तियों को नहीं इजाजत
नल्हड़ मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर ही पुलिस ने बैरिकेड लगा दिए और मंदिर जाने वालों की बारीकी से जांच की। यहां स्थानीय व्यक्तियों के अलावा किसी भी बाहरी व्यक्ति को मंदिर में जाने इजाजत नहीं दी गई। सिर्फ स्थानीय लोगों को आईडी देखने के बाद ही मंदिर में जाने दिया। मीडियाकर्मियों को भी इसी यैरिकेड पर रोक दिया गया।
अयोध्या से आए संतों को रोका
नूंह यात्रा में हिस्सा लेने अयोध्या से आए संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज को प्रशासन ने गुरुग्राम में सोहना के पास स्थित घामडोज टोल प्लाजा पर रोक दिया। इसके विरोध में परमहंस आचार्य ने टोल प्लाजा के पास ही आमरण अनशन शुरू कर दिया। कई घंटे तक संत वहीं बैठे रहे।
सब इंस्पेक्टर की हार्ट अटैक से मौत
नूंह में यात्रा के दौरान नगीना थाना क्षेत्र के बड़कली चौक पर ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर की सोमवार दोपहर 12 बजे हार्ट अटैक से मौत हो गई। सब इंस्पेक्टर हाकमउद्दीन नूंह में बड़कली चौक पर तैनात थे। उनकी ड्यूटी आरएएफ टीम के साथ लगाई गई थी। ड्यूटी के दौरान ही उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा ले जाया गया। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक सब इंस्पेक्टर नगीना थाने में एडिशनल एसएचओ के पद पर भी तैनात थे। वह मूलरूप से पलवल जिले के ऊंटावड गांव के रहने वाले थे।
ड्रोन से भी रखी गई नजर
नूंह में पुलिस की ओर से किए गए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध दिखाई दिए। संवेदनशील इलाके में ड्रोन से भी नजर रखी गई। जिले की सारी सीमाएं 27 अगस्त की शाम से ही सील कर दी गई थीं। हरियाणा से लगने वाले दिल्ली, राजस्थान और यूपी बॉर्डर भी सील कर दिए गए थे। जिले की सभी सीमाओं पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री के जवान तैनात रहे जो आने-जाने वाली सभी गाड़ियों की तलाशी लेते रहे।
-12 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स तैनात रहीं।
-28 हरियाणा पुलिस की टीम तैनात रहीं।
-03 आईपीएस अधिकारी ने देखी व्यवस्था।
-02 एएसपी रैंक के अधिकारी भी रहे तैनात।
-08 डीएसपी को विभिन्न इलाकों में सौंपी गई व्यवस्था की जिम्मेदारी।
-15 इंस्पेक्टर ने सभी संवेदनशील इलाकों पर रखी नजर।
-हर नाके पर आधार कार्ड देखा गया।
-शहर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
-नाकों को पर लगी रही लोगों की भीड़।
-सरकारी दफ्तर खुल पर नहीं आए लोग।
-हर महादेव का नारा लगाते पहुंचे श्रद्धालु।