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Gurugram News: अब बिजली व्यवस्था की होगी स्मार्ट मॉनिटरिंग, 105 करोड़ होंगे खर्च

Wed, 14 May 2025 12:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 14 May 2025 12:45 AM IST
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Now there will be smart monitoring of the power system, Rs 105 crore will be spent
सेक्टर 52 में स्काडा सेंटर बनाने के लिए टेंडर जारी, कर्मियों को मिलेगी फाल्ट की सटीक जानकारी
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पूनम
गुरुग्राम। स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजिशन) सेंटर के लिए बिजली निगम ने टेंडर जारी किया है। यह स्मार्ट ग्रिड के तहत अंडरग्राउंड केबल की कंप्यूटर आधारित मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया है। स्काडा केंद्र के बन जाने से स्मार्ट ग्रिड के केबल इससे जुड़ जाएंगे। स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तीन हिस्सों में स्काडा का अहम हिस्सा होगा।
स्मार्ट ग्रिड के तहत शहर में एक से 57 सेक्टर तक 11 केवी की लाइनें अंडरग्राउंड की गई हैं। इनके साथ ही ऑप्टिकल फाइबर की लाइनें बिछाई गई हैं ताकि उनकी मॉनिटरिंग कंप्यूटर के माध्यम से हो सके। स्काडा सेंटर सेक्टर 52 में बनाया जाएगा है। इसमें 105 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। टेंडर अवार्ड होने के बाद इस केंद्र को बनाने के लिए 30 महीने का समय दिया जाएगा है। स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के एसई विजय मोहन दहिया के मुताबिक इसे समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
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इस सेंटर के बनने के बाद भूमिगत केबल को इससे जोड़ा जाएगा। इससे पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग हो सकेगी। कहीं फॉल्ट आने पर तत्काल उस हिस्से के सिस्टम को दूसरे हिस्से से जोड़ दिया जाएगा और कर्मियों को फॉल्ट ठीक करने की सही लोकेशन पता चल जाएगी। स्काडा सेंटर से पूरी बिजली व्यवस्था ऑटोमेटिक सिस्टम से नियंत्रण में रहेगी।
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बता दें कि स्मार्ट ग्रिड की शुरुआत 2015 में हुई थी। 2017 में अंडर ग्राउंड केबल का काम शुरू हुआ था, इसे ढाई साल में पूरा किया जाना था। इसमें तीन कंपनियां लगी थीं। सेक्टर 56, सेक्टर 37, सेक्टर 9 और 10 में हिस्से में अभी अंडर ग्राउंड केबल का काम पूरा नहीं हुआ है। इसको लेकर एक कंपनी को दंडित भी किया जा चुका है।



टेंडर में हुई देरी
पिछले साल विधानसभा और लोकसभा चुनाव के कारण टेंडर प्रक्रिया बाधित हुई। पुरानी दरें होने के कारण कंपनियों ने इस केंद्र को बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इस बार बिजली निगम ने नई दरों से टेंडर जारी किए हैं। हालांकि टेंडर अवार्ड होने में भी दो से ढाई महीने का समय लग सकता है।



स्काडा सेंटर बनने के बाद बिजली संबंधित शिकायतें के निवारण का ऑटोमेशन हो जाएगा। इस केंद्र से सारी लाइनें जुड़ी होंगी और फॉल्ट का निवारण आसान होगा। जहां फॉल्ट होगा वहां से जुड़े दूसरे इलाकों की बिजली नहीं जाएगी। 3000 आरएमयू से जुड़ा यह कंट्रोल केंद्र देश का सबसे बड़ा सेंटर होगा।
- वीके अग्रवाल, मुख्य अभियंता, डीएचबीवीएन
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