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अब नहीं चलेगा अधिकारियों का ढुलमुल रवैया
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गुरुग्राम। अपनी छोटी-छोटी परेशानियों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है, अब उनके काम लंबित नहीं रहेंगे। अधिकारियों को तय समय में ही लोगों के काम निपटाने होंगे। जो अधिकारी तय समय में काम पूरा नहीं करेगा, उसकी नौकरी तक जा सकती है। सेवा का अधिकार आयोग ने ऑटो अपील सॉफ्टवेयर (आस) तैयार किया है, जिसने बुधवार से काम करना शुरू कर दिया है। इसका फायदा ऐसे लोगों को मिलेगा, जिनकी समस्याएं प्रशासन के पास लंबित पड़ी हैं।
नगर निगम में सबसे अधिक मनमानी
गुरुग्राम नगर निगम में अधिकारियों की सबसे अधिक मनमानी का बोलबाला है। यहां प्रॉपर्टी आईडी के लिए भी लोग महीनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें लटकाने के अलावा कुछ नहीं करते। इसके अलावा लोगों की सीवर, सड़क, पानी जैसी मूल जरूरतों की शिकायतें भी अधिकारियों की टेबल से डस्टबिन में कब चली जाती है, पता ही नहीं चलता। अब लोगों की छोटी से छोटी शिकायत पर एक तय समय सीमा में संज्ञान लिया जा सकेगा। निश्चित ही इस योजना में लोगों की परेशानियां कम होंगी और उन्हें राहत मिलेगी।
जुर्माने के साथ जा सकती है नौकरी
इस योजना में यह प्रावधान किया गया है कि अगर कोई अधिकारी समय पर काम नहीं करता है तो उस पर तीन दफा जुर्माना किया जाएगा। जुर्माना लगने के बाद भी उसकी आदत में सुधार नहीं होता है तो उसे अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। यह कार्य की गंभीरता पर निर्भर करेगा। यह पूरी की पूरी कवायद लोगों को परेशानी से बचाने और अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की गई है।
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ऐसे काम करेगा साफ्टवेयर
अगर किसी शिकायतकर्ता का काम समय पर नहीं होता है तो उसकी शिकायत उच्चाधिकारी के पास पहुंचेगी। यहां भी अगर गंभीरता से उस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है वह सीधे अपील अथॉरिटी के पासा पहुंच जाएगी। इस स्तर पर मनमानी हुई तो शिकायत सेवा का अधिकार आयोग के पास पहुंचेगी, जिसके बाद आयोग जुर्माना या दूसरी सजा तय करेगा। इसमें एक बाबू से लेकर विभागाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी तय होगी।
बेहतरीन व्यवस्था : डीसी
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने कहा कि यह बेहतरीन व्यवस्था है। निश्चित ही इससे लोगों को लाभ होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि हर विभाग में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आमजन की परेशानी की नहीं समझते। उनकी समस्याएं और शिकायतें सुलझाने की बजाय काम को लटकाना उनकी आदत होती है। ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए यह सॉफ्टवेयर मुफीद होगा। अब कर्मचारियों और अधिकारियों में काम करने का जज्बा पैदा करना होगा, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
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नगर निगम में सबसे अधिक मनमानी
गुरुग्राम नगर निगम में अधिकारियों की सबसे अधिक मनमानी का बोलबाला है। यहां प्रॉपर्टी आईडी के लिए भी लोग महीनों से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें लटकाने के अलावा कुछ नहीं करते। इसके अलावा लोगों की सीवर, सड़क, पानी जैसी मूल जरूरतों की शिकायतें भी अधिकारियों की टेबल से डस्टबिन में कब चली जाती है, पता ही नहीं चलता। अब लोगों की छोटी से छोटी शिकायत पर एक तय समय सीमा में संज्ञान लिया जा सकेगा। निश्चित ही इस योजना में लोगों की परेशानियां कम होंगी और उन्हें राहत मिलेगी।
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जुर्माने के साथ जा सकती है नौकरी
इस योजना में यह प्रावधान किया गया है कि अगर कोई अधिकारी समय पर काम नहीं करता है तो उस पर तीन दफा जुर्माना किया जाएगा। जुर्माना लगने के बाद भी उसकी आदत में सुधार नहीं होता है तो उसे अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है। यह कार्य की गंभीरता पर निर्भर करेगा। यह पूरी की पूरी कवायद लोगों को परेशानी से बचाने और अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की गई है।
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ऐसे काम करेगा साफ्टवेयर
अगर किसी शिकायतकर्ता का काम समय पर नहीं होता है तो उसकी शिकायत उच्चाधिकारी के पास पहुंचेगी। यहां भी अगर गंभीरता से उस पर संज्ञान नहीं लिया जाता है वह सीधे अपील अथॉरिटी के पासा पहुंच जाएगी। इस स्तर पर मनमानी हुई तो शिकायत सेवा का अधिकार आयोग के पास पहुंचेगी, जिसके बाद आयोग जुर्माना या दूसरी सजा तय करेगा। इसमें एक बाबू से लेकर विभागाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी तय होगी।
बेहतरीन व्यवस्था : डीसी
उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने कहा कि यह बेहतरीन व्यवस्था है। निश्चित ही इससे लोगों को लाभ होगा। उन्होंने स्वीकार किया कि हर विभाग में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो आमजन की परेशानी की नहीं समझते। उनकी समस्याएं और शिकायतें सुलझाने की बजाय काम को लटकाना उनकी आदत होती है। ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए यह सॉफ्टवेयर मुफीद होगा। अब कर्मचारियों और अधिकारियों में काम करने का जज्बा पैदा करना होगा, वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।