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Gurugram News: अब हुनर से चमकेगी किस्मत
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रूडसेट से हुनर सीख खिलौने, फाइलें और गहने बना आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं
नंबर गेम - 03 दिन का दिया जा रहा व्यवसायिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अब सिर्फ घर के कामकाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बाजार की मांग को समझते हुए खुद अपनी किस्मत संवार रही हैं। सेक्टर-86 स्थित ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (रूडसेट) की अनूठी पहल से पटौदी के ईंछापुरी और फर्रुखनगर के ढाणावास गांवों में महिलाओं को सॉफ्ट टॉयज, ऑफिस फाइलें और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारंपरिक बंदिशों को तोड़कर ये महिलाएं अब कमर्शियल उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं।
रूडसेट के विशेषज्ञों द्वारा दिए जा रहे ये तीनों प्रशिक्षण केवल महिलाओं के लिए हैं। हैंडीक्राफ्ट से बनी इन चीजों के निर्माण साथ ही विशेषज्ञ उन्हें इसकी मार्केर्टिंग, व्यवसाय स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा के संस्थान आदि के प्रशिक्षण भी देगी। ग्रामीण महिलाओं के लिए इन निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रत्येक में 35 महिलाओं का बैच बनाया गया है। संस्थान प्रमुख सौम्या भारद्वाज ने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रदेशों से विशेषज्ञ आए हैं जो इन उत्पादों को बनाने में निष्णात हैं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही बैंकों के प्रतिनिधियों और मार्केटिंग विशेषज्ञों के सत्र भी होंगे, जिसमें उन्हें मार्केटिंग के गुर सिखाए जाएंगे। रूडसेट नियमित रूप विभिन्न किस्म व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्व रोजगार प्राप्त कर सकें।
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फाइल और ऑफिस स्टेशनरी ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को काफी काम मिलेगा। इस क्षेत्र में उत्पादों की मांग ज्यादा है। हमारी कोशिश होती है कि जहां तक संभव हो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रशिक्षण उनके गांव में ही आयोजित किए जाएं। - सौम्या भारद्वाज, महानिदेशक रूडसेट
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नंबर गेम - 03 दिन का दिया जा रहा व्यवसायिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अब सिर्फ घर के कामकाज तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बाजार की मांग को समझते हुए खुद अपनी किस्मत संवार रही हैं। सेक्टर-86 स्थित ग्रामीण विकास एवं स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (रूडसेट) की अनूठी पहल से पटौदी के ईंछापुरी और फर्रुखनगर के ढाणावास गांवों में महिलाओं को सॉफ्ट टॉयज, ऑफिस फाइलें और आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाने का पेशेवर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पारंपरिक बंदिशों को तोड़कर ये महिलाएं अब कमर्शियल उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिख रही हैं।
रूडसेट के विशेषज्ञों द्वारा दिए जा रहे ये तीनों प्रशिक्षण केवल महिलाओं के लिए हैं। हैंडीक्राफ्ट से बनी इन चीजों के निर्माण साथ ही विशेषज्ञ उन्हें इसकी मार्केर्टिंग, व्यवसाय स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा के संस्थान आदि के प्रशिक्षण भी देगी। ग्रामीण महिलाओं के लिए इन निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रत्येक में 35 महिलाओं का बैच बनाया गया है। संस्थान प्रमुख सौम्या भारद्वाज ने बताया कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग प्रदेशों से विशेषज्ञ आए हैं जो इन उत्पादों को बनाने में निष्णात हैं।
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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ही बैंकों के प्रतिनिधियों और मार्केटिंग विशेषज्ञों के सत्र भी होंगे, जिसमें उन्हें मार्केटिंग के गुर सिखाए जाएंगे। रूडसेट नियमित रूप विभिन्न किस्म व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्व रोजगार प्राप्त कर सकें।
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फाइल और ऑफिस स्टेशनरी ट्रेनिंग के बाद महिलाओं को काफी काम मिलेगा। इस क्षेत्र में उत्पादों की मांग ज्यादा है। हमारी कोशिश होती है कि जहां तक संभव हो ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रशिक्षण उनके गांव में ही आयोजित किए जाएं। - सौम्या भारद्वाज, महानिदेशक रूडसेट