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गुरुग्राम से ही उठी थी ई सिगरेट को बैन करने की आवाज
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गुरुग्राम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार से पूरे देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय में गुरुग्राम का खासा महत्व है क्योंकि यहीं से सबसे पहले ई सिगरेट को बैन करने की आवाज उठी थी। शहर की एक एनजीओ संबंध हेल्थ फाउंडेशन ने सबसे पहले ई सिगरेट को बैन करने के लिए आवाज उठाई थी। इसके बाद ई सिगरेट को बैन करने के लिए पूरे देश में अभियान चलाया गया, जिसका बुधवार को सार्थक परिणाम देखने को मिला। इतना ही नहीं ई-सिगरेट को लेकर छापेमारी की शुरुआत भी देश में सबसे पहले गुरुग्राम से ही हुई थी। साल-2016 में स्वास्थ एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने देश की पहली व उस वक्त की सबसे बड़ी 172 ई-सिगरेट की खेप जब्त कर पुलिस के हवाले किया था।
बीते 23 मार्च को गुरुग्राम से ई सिगरेट को प्रतिबंधित करने के लिए मुहिम की शुरुआत हुई थी, जिसके तहत देश के 24 राज्यों सहित दिल्ली एनसीआर के 1000 चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इलेक्ट्रानिक सिगरेट व ई-हुक्का पर प्रतिबंध की मांग की थी। मांग करने वालों में डॉक्टर के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ये बताया गया था कि छात्र व युवाओं में इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। सिर्फ 2017-18 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें 78 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है, जबकि ई सिगरेट पीने वालों में 78 प्रतिशत हाईस्कूल के छात्र, 48 प्रतिशत मिडिल स्कूल के छात्र शामिल बताए जाते हैं। गुप्त सूचना के आधार पर 21 जुलाई 2016 को शहर के एक मॉल में छापेमारी की गई थी, जहां हुक्का बार में लेवर्ड तंबाकू परोसा जा रहा था।
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बीते 23 मार्च को गुरुग्राम से ई सिगरेट को प्रतिबंधित करने के लिए मुहिम की शुरुआत हुई थी, जिसके तहत देश के 24 राज्यों सहित दिल्ली एनसीआर के 1000 चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इलेक्ट्रानिक सिगरेट व ई-हुक्का पर प्रतिबंध की मांग की थी। मांग करने वालों में डॉक्टर के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ये बताया गया था कि छात्र व युवाओं में इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। सिर्फ 2017-18 के आंकड़ों पर नजर डालें तो इसमें 78 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है, जबकि ई सिगरेट पीने वालों में 78 प्रतिशत हाईस्कूल के छात्र, 48 प्रतिशत मिडिल स्कूल के छात्र शामिल बताए जाते हैं। गुप्त सूचना के आधार पर 21 जुलाई 2016 को शहर के एक मॉल में छापेमारी की गई थी, जहां हुक्का बार में लेवर्ड तंबाकू परोसा जा रहा था।
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