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कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन के लिए बनेगी नई नीति
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गुरुग्राम। बिल्डर की ओर से विकसित ऐसी कॉलोनियां, जिनमें ढांचागत विकास के दौरान छोड़ी गई कमी की वजह से बिजली के स्थाई व अस्थाई कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं, उनके लिए राज्य सरकार नई नीति बनाएगी। इससे ऐसी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में की।
बैठक में कुल 17 समस्याएं, शिकायतें गईं, जिनमें से मुख्यमंत्री ने ज्यादात्तर का निपटारा मौके पर ही कर दिया। शहर में सुशांत लोक-1,2 व 3, पालम विहार, साउथ सिटी-1 व 2, मालिबु टाउन, आरडी सिटी, मेफिल्ड गार्डन, उप्पल साउथेंड, सनसिटी, विपुल वर्ल्ड, सरस्वती कुंज सहित 16 निजी डिवलेपर कॉलोनियों में डिवलेपर द्वारा छोड़ी गई इंन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से उपभोकताओं को स्थाई व अस्थाई बिजली कनेक्शन देेना बंद करने का मामला आज मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं के लिए तीन तरह की ग्रुपिंग करके नई पॉलिसी बनाई जा रही है। जिन उपभोक्ताओं ने ईडीसी का सारा पैसा डिवलेपर के पास जमा करवा दिया है, वह पैसा डिवलेपर से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर किया जाएगा और उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी किए जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं का ईडीसी का पैसा लंबित है, उनसे वह राशि भरवाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरा करके कनेक्शन दिए जाएंगे।
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31 दिसंबर तक डीएलएफ कॉलोनी हैंडओवर करने के निर्देश :
डीएलएफ फेज-3 में बिजली, पानी, सड़क आदि इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को लेकर रखी गई शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने डीएलएफ के प्रतिनिधि से कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करके 31 दिसंबर को यह कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर कर दें। उसके बाद नगर निगम अगले 15 दिन में डैफिसिट इन्फ्रास्ट्रक्चर का सर्वे करवाएगा और कहीं कमी पाई जाती है तो उसका एस्टिमेट बनाकर डीएलएफ को देगा। एस्टिमेट के अनुसार डीएलएफ को धनराशि जमा करवानी पड़ेगी जिससे उस कमी को निगम दूर करेगा। इसी तर्ज पर शहर की 14 अन्य कॉलोनियों में कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन कॉलोनियों के मामले में त्रिपक्षीय अग्रीमेंट करें, जिसमें नगर निगम, संबंधित डिवलेपर तथा जिला नगर योजनाकार शामिल हो और नियम अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरा करवाने की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार की रहेगी।
सेक्टर 84 को मिलेगी गंदे पानी से निजात
बैठक में गांव सिकंदरपुर- बढ़ा की ड्रेन का गंदा पानी सेक्टर-84 के रिहायशी क्षेत्र में आने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त मुकेश आहुजा की देखरेख में नगर निगम मानेसर के आयुक्त तथा जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ तालमेल करके प्रोजेक्ट तैयार कर समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दो महीने बाद पुन: कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखा जाए। गांव पलड़ा में हनुमान मंदिर से लेकर पलड़ा-सकतपुर रोड तक की सड़क पर भारी मात्रा में अवैध निर्माण किए जाने से वहां जाम की स्थिति रहने का मामला मुख्यमंत्री ने उपायुक्त डा. यश गर्ग को सौंपते हुए कहा कि अवैध निर्माण हटवाएं और रिकॉर्ड देखकर संबंधित सरकारी ऐजेंसी से सड़क का रख-रखाव कराएं।
बहुरेंगे रोज गार्डन के दिन :
सेक्टर-15 पार्ट-1 के ‘रोज गार्डन’ के दिन बहुरने का रास्ता साफ हो गया है। निगम में जाने के बाद से इसकी खराब हालत है। निगम के मुख्य अभियंता ने सीएम को बताया कि लगभग ढाई करोड़ रूपए की लागत से सौंदर्यकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है जो तीन महीने में पूरा होगा। इसमें साईकिल ट्रैक, फुटपाथ, बागवानी आदि कार्यों के अलावा,व् चार दीवारी की मरम्मत करवाई जाएगी। बैठक में बादशाहपुर के विधायक एवं हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन राकेश दौलताबाद, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता भी मौजूद रहे।
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बैठक में कुल 17 समस्याएं, शिकायतें गईं, जिनमें से मुख्यमंत्री ने ज्यादात्तर का निपटारा मौके पर ही कर दिया। शहर में सुशांत लोक-1,2 व 3, पालम विहार, साउथ सिटी-1 व 2, मालिबु टाउन, आरडी सिटी, मेफिल्ड गार्डन, उप्पल साउथेंड, सनसिटी, विपुल वर्ल्ड, सरस्वती कुंज सहित 16 निजी डिवलेपर कॉलोनियों में डिवलेपर द्वारा छोड़ी गई इंन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी की वजह से उपभोकताओं को स्थाई व अस्थाई बिजली कनेक्शन देेना बंद करने का मामला आज मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं के लिए तीन तरह की ग्रुपिंग करके नई पॉलिसी बनाई जा रही है। जिन उपभोक्ताओं ने ईडीसी का सारा पैसा डिवलेपर के पास जमा करवा दिया है, वह पैसा डिवलेपर से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर किया जाएगा और उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी किए जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं का ईडीसी का पैसा लंबित है, उनसे वह राशि भरवाकर इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूरा करके कनेक्शन दिए जाएंगे।
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31 दिसंबर तक डीएलएफ कॉलोनी हैंडओवर करने के निर्देश :
डीएलएफ फेज-3 में बिजली, पानी, सड़क आदि इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को लेकर रखी गई शिकायत का निपटारा करते हुए मुख्यमंत्री ने डीएलएफ के प्रतिनिधि से कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करके 31 दिसंबर को यह कॉलोनी नगर निगम को हैंडओवर कर दें। उसके बाद नगर निगम अगले 15 दिन में डैफिसिट इन्फ्रास्ट्रक्चर का सर्वे करवाएगा और कहीं कमी पाई जाती है तो उसका एस्टिमेट बनाकर डीएलएफ को देगा। एस्टिमेट के अनुसार डीएलएफ को धनराशि जमा करवानी पड़ेगी जिससे उस कमी को निगम दूर करेगा। इसी तर्ज पर शहर की 14 अन्य कॉलोनियों में कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन कॉलोनियों के मामले में त्रिपक्षीय अग्रीमेंट करें, जिसमें नगर निगम, संबंधित डिवलेपर तथा जिला नगर योजनाकार शामिल हो और नियम अनुसार इन्फ्रास्ट्रक्चर पूरा करवाने की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार की रहेगी।
सेक्टर 84 को मिलेगी गंदे पानी से निजात
बैठक में गांव सिकंदरपुर- बढ़ा की ड्रेन का गंदा पानी सेक्टर-84 के रिहायशी क्षेत्र में आने का मामला भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त मुकेश आहुजा की देखरेख में नगर निगम मानेसर के आयुक्त तथा जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ तालमेल करके प्रोजेक्ट तैयार कर समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस समस्या को दो महीने बाद पुन: कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखा जाए। गांव पलड़ा में हनुमान मंदिर से लेकर पलड़ा-सकतपुर रोड तक की सड़क पर भारी मात्रा में अवैध निर्माण किए जाने से वहां जाम की स्थिति रहने का मामला मुख्यमंत्री ने उपायुक्त डा. यश गर्ग को सौंपते हुए कहा कि अवैध निर्माण हटवाएं और रिकॉर्ड देखकर संबंधित सरकारी ऐजेंसी से सड़क का रख-रखाव कराएं।
बहुरेंगे रोज गार्डन के दिन :
सेक्टर-15 पार्ट-1 के ‘रोज गार्डन’ के दिन बहुरने का रास्ता साफ हो गया है। निगम में जाने के बाद से इसकी खराब हालत है। निगम के मुख्य अभियंता ने सीएम को बताया कि लगभग ढाई करोड़ रूपए की लागत से सौंदर्यकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है जो तीन महीने में पूरा होगा। इसमें साईकिल ट्रैक, फुटपाथ, बागवानी आदि कार्यों के अलावा,व् चार दीवारी की मरम्मत करवाई जाएगी। बैठक में बादशाहपुर के विधायक एवं हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज के चेयरमैन राकेश दौलताबाद, पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता भी मौजूद रहे।