{"_id":"6ad12b2c3787f476430e777a","slug":"municipal-corporation-cracks-down-to-curb-pollution-31-rmc-plants-to-be-removed-by-the-25th-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-104313-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: प्रदूषण रोकने को निगम की सख्ती, 25 तक हटेंगे 31 आरएमसी प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: प्रदूषण रोकने को निगम की सख्ती, 25 तक हटेंगे 31 आरएमसी प्लांट
विज्ञापन
आयुक्त ने बायोमास जलाने पर भी पूरी तरह रोक लगाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने घोषणा की है कि नगर निगम क्षेत्र के सभी रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट 25 अक्तूबर तक हटा दिए जाएंगे। वर्तमान में निगम क्षेत्र में कुल 31 आरएमसी प्लांट संचालित हैं।
निगमायुक्त ने बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यालय में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए प्रभावी और नियमित कदम उठाने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय केवल कागजों तक सीमित न रहें। इनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आरएमसी प्लांटों के संबंध में नोटिस जारी करने सहित आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा का गंभीरता से पालन करने को कहा गया है। निगमायुक्त ने बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बायोमास जलाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बागवानी कचरे का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य कचरे में आग लगने से रोकना और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखना है।
निर्माण स्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव
वायु प्रदूषण कम करने के लिए निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उचित उपाय अपनाने को कहा गया है। निर्माण स्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़कों और पेड़ों पर भी नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने को कहा गया। सड़कों की डीप क्लीनिंग कराने पर जोर दिया गया, ताकि धूल हवा में न फैले।
विज्ञापन
कचरा जलाने से रोकने के लिए टीमें सतर्क रहेंगी
निगमायुक्त ने कचरा डंपिंग पॉइंट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। कचरा जलाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए टीमें सतर्क रहेंगी। सफाई कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका लक्ष्य सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना और प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाना है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने घोषणा की है कि नगर निगम क्षेत्र के सभी रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट 25 अक्तूबर तक हटा दिए जाएंगे। वर्तमान में निगम क्षेत्र में कुल 31 आरएमसी प्लांट संचालित हैं।
निगमायुक्त ने बृहस्पतिवार को नगर निगम कार्यालय में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को शहर में प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए प्रभावी और नियमित कदम उठाने के निर्देश दिए। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय केवल कागजों तक सीमित न रहें। इनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आरएमसी प्लांटों के संबंध में नोटिस जारी करने सहित आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा का गंभीरता से पालन करने को कहा गया है। निगमायुक्त ने बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बायोमास जलाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बागवानी कचरे का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य कचरे में आग लगने से रोकना और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखना है।
विज्ञापन
निर्माण स्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव
वायु प्रदूषण कम करने के लिए निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उचित उपाय अपनाने को कहा गया है। निर्माण स्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़कों और पेड़ों पर भी नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने को कहा गया। सड़कों की डीप क्लीनिंग कराने पर जोर दिया गया, ताकि धूल हवा में न फैले।
विज्ञापन
कचरा जलाने से रोकने के लिए टीमें सतर्क रहेंगी
निगमायुक्त ने कचरा डंपिंग पॉइंट पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया। कचरा जलाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए टीमें सतर्क रहेंगी। सफाई कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका लक्ष्य सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना और प्रदूषण नियंत्रण को प्रभावी बनाना है।